lady don: एक ऐसी लेडी डॉन जिसने क्राइम की दुनिया में कदम रखा अपने उस ब्वाय फ्रेंड के कहने पर जिससे वह कभी नहीं मिली थी। अपने ब्वाय फ्रेंड के कहने पर ना केवल उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा बल्कि जबरन वसूली से लेकर हत्या की वारदात तक में शामिल हो गई। उसके ब्वाय फ्रेंड ने उसका साथ तो दिया। मगर जब वह देश से भागने की तैयारी कर रही थी तभी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उस तक पहुंच गई। विदेश में ब्वाय फ्रेंड के साथ हसीन दुनिया बसाने का सपना देखने वाली लेडी डॉन अब कानून के शिकंजे में है।
lady don हिमांशु और अनु कैसे मिले
अनु धनकर अपनी ग्रेजुएशन अपने ब्वाय फ्रेंड की वजह से ही पूरी नहीं कर पाई। साढ़े 19 साल की अनु हरियाणा के रोहतक की रहने वाली है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। उसकी मां गृहिणी हैं। उसके दो भाई हैं जिनमें से एक दिल्ली पुलिस में तो दूसरा गांव में खेती करता है। पिती की मौत के बाद उसके घर में आर्थिक तंगी बेशक हो गई हो मगर मां ने उसका कॉलेज में एडमिशन करवाया था। ग्रेजुएशन का पहला साल उसने पूरा भी किया। साल 2022 में वह तक मात्र 17 साल की थी जब उसने हिमांशु को एक शादी में देखा था।
अनु ने जब हिमांशु को देखा था उस समय वह केवल 20 साल का था मगर अपराध की दुनिया में उसका नाम हो गया था। अनु उसे देखते ही फिदा हो गई थी। सोशल मीडिया के जरिए अनु ने पहली बार हिमांशु से संपर्क किया। धीरे-धीरे दोनो सोशल मीडिया के गहरे दोस्त बन गए। अनु अपने हिमांशु के साथ हसीन दुनिया का सपना संजोने लगी। हिमांशु ने उससे विदेश में अपनी दुनिया बसाने का वादा किया। इसके बदले वह चाहता था कि अनु उसका काम संभाले। अनु इसके लिए तैयार हो गई।
हिमांशु के साथ वह इतने करीब आ चुकी थी कि उसे ना पढ़ाई में ना ही घर में मन लगता था। उसने ना केवल पढ़ाई छोड़ दी बव्कि घर से भी भाग निकली। इस बीच हिमांशु साल 2022 में भारत छोड़कर निकल चुका था। वह बाहर से सोशल मीडिय आदि के सहारे अनु को निर्देश देता रहा और अनु उसका काम संभालती रही। 25 दिन में अनु के खिलाफ 3 मर्डर केस दर्ज हो गए। देखते ही देखते वह लेडी डॉन बन गई। भागते भागते जब रूकी तो समने पुलिस थी।
यह भी पढ़ेंः
- Cyber Fraud: पैसा ट्रांसफर होने से पहले कैसे रुक सकती है साइबर ठगी, ₹5,043 करोड़ बचाने वाले सिस्टम को समझिए
- बाबलू डेयरी में किसने चलवाई गोलियां? डिजिटल निगरानी से खुली गांजा, वसूली और बदले की कहानी
- Online Fraud: नौकरी और निवेश के नाम पर ₹641 करोड़ की ठगी, आखिर कहां गया पैसा?
- सात्विक भोजन क्या है, शरीर को स्वस्थ रखने में इसकी क्या भूमिका? डॉ. अरुण कुमार जायसवाल ने बताया सेहत का मंत्र
- बॉटनेट क्या है? Sality Malware ने 23 साल तक कंप्यूटरों को कैसे बनाया साइबर हथियार












