बॉटनेट क्या है? Sality Malware ने 23 साल तक कंप्यूटरों को कैसे बनाया साइबर हथियार

Sality जैसा मालवेयर वर्षों तक कंप्यूटर में छिपकर उसे बॉटनेट का हिस्सा बना सकता है। दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह से जानिए बॉटनेट कैसे काम करता है, संक्रमण के संकेत क्या हैं और मालवेयर कैसे हटाएं।
Sality बॉटनेट मालवेयर से जुड़े संक्रमित कंप्यूटरों का नेटवर्क

कंप्यूटर आपका सामान्य दिख रहा है क्या ? आपका जवाब हां हो सकता है, हो सकता है इंटरनेट भी ठीक से चल रहा हो, रोजमर्रा के काम भी हो रहे हों। इसके बावजूद संभव है कि पर्दे के पीछे कोई साइबर अपराधी उसका इस्तेमाल स्पैम भेजने, हानिकारक प्रोग्राम फैलाने, क्रिप्टोकरेंसी चुराने या दूसरे कंप्यूटरों पर हमला करने के लिए कर रहा हो।

यानि सीधे शब्दो में कहें तो साइबर अपराध की सबसे खतरनाक स्थिति वह है, जब पीड़ित को यह भी पता न हो कि उसका कंप्यूटर अपराधियों के लिए काम कर रहा है।

मालवेयर से संक्रमित ऐसे कंप्यूटरों और दूसरे उपकरणों के समूह को बॉटनेट कहा जाता है। इसका बड़ा उदाहरण Sality Malware है। वर्ष 2003 से सक्रिय इस बॉटनेट को अगस्त 2026 में अमेरिका और यूरोप की एजेंसियों ने साइबर सुरक्षा संस्थाओं के सहयोग से बाधित किया।

Sality का नेटवर्क कई देशों में फैला था। इसे रोकने के लिए विभिन्न देशों की पुलिस, जांच एजेंसियों और निजी साइबर सुरक्षा संस्थाओं को साथ आना पड़ा।

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बॉटनेट क्या है?

बॉटनेट दो शब्दों, बॉट और नेटवर्क, को मिलाकर बना है। यह इंटरनेट से जुड़े उन कंप्यूटरों, सर्वरों या अन्य उपकरणों का समूह होता है जिन्हें मालवेयर संक्रमित कर चुका होता है।

संक्रमित होने के बाद प्रत्येक उपकरण एक “बॉट” की तरह काम करने लगता है। साइबर अपराधी दूर बैठकर पूरे नेटवर्क को निर्देश दे सकता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि उपकरण के मालिक को अक्सर इसका पता नहीं चलता।

बॉटनेट में शामिल कंप्यूटर का इस्तेमाल इन कामों के लिए हो सकता है:

  • बड़ी संख्या में स्पैम ईमेल भेजना
  • किसी वेबसाइट पर एक साथ भारी ट्रैफिक भेजकर उसे बंद करना
  • पासवर्ड और दूसरी निजी जानकारी चुराना
  • क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट को निशाना बनाना
  • कंप्यूटर में दूसरा मालवेयर पहुंचाना
  • संदिग्ध इंटरनेट गतिविधि को छिपाने के लिए संक्रमित उपकरण का उपयोग करना

Sality Malware क्या है?

Sality दुनिया में लंबे समय तक सक्रिय रहे मालवेयर नेटवर्कों में शामिल था। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार यह वर्ष 2003 से संक्रमित उपकरणों पर हानिकारक प्रोग्राम पहुंचाने, क्रिप्टोकरेंसी चोरी करने और साइबर हमले करने में इस्तेमाल हो रहा था।

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Sality से संक्रमित कंप्यूटर आपस में सीधे संपर्क कर सकते थे। इसे पीयर-टू-पीयर यानी P2P बॉटनेट कहा जाता है। सामान्य बॉटनेट में एक केंद्रीय कमांड सर्वर हो सकता है। जांच एजेंसियां उस सर्वर को जब्त करके पूरे नेटवर्क को रोक सकती हैं।

Sality में कोई एक केंद्रीय सर्वर नहीं था। संक्रमित मशीनें एक-दूसरे से निर्देश साझा करती थीं। इसी कारण नेटवर्क का पता लगाना और उसे बंद करना कठिन था। कंप्यूटर मालिकों को यह जानकारी भी नहीं होती थी कि उनका उपकरण किसी आपराधिक नेटवर्क में बॉट की तरह इस्तेमाल हो रहा है।

Sality बॉटनेट पर कार्रवाई कैसे हुई?

CrowdStrike की साइबर सुरक्षा टीम ने 31 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और दूसरे साझेदारों के साथ Sality नेटवर्क पर तकनीकी कार्रवाई की। अमेरिकी न्याय विभाग ने 1 सितंबर को इसकी जानकारी सार्वजनिक की।

इस अभियान में अमेरिकी न्याय विभाग, एफबीआई के लॉस एंजिल्स कार्यालय, डिफेंस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेटिव सर्विस, CrowdStrike और Shadowserver Foundation शामिल रहे। Europol और Eurojust के साथ बुल्गारिया, हंगरी तथा रोमानिया की पुलिस ने भी सहयोग किया।

अमेरिका और यूरोप में Sality से जुड़े इंटरनेट डोमेन पर कार्रवाई की गई। संक्रमित उपकरणों की पहचान करके प्रभावित लोगों तक सूचना और सुधार के निर्देश पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बॉटनेट को बाधित किया गया है। इसलिए इसे पूरी तरह समाप्त या नष्ट हो चुका नेटवर्क कहना अभी उचित नहीं होगा।

पीयर-टू-पीयर सिंकहोल ऑपरेशन क्या होता है?

Sality को रोकने के लिए पीयर-टू-पीयर सिंकहोल तकनीक अपनाई गई। इसका अर्थ आसान उदाहरण से समझा जा सकता है।

मान लीजिए अपराधी के संदेश कई रास्तों से संक्रमित कंप्यूटरों तक पहुंच रहे हैं। साइबर सुरक्षा टीम अपने नियंत्रित कंप्यूटरों को उसी नेटवर्क में शामिल कर देती है। ये सुरक्षित कंप्यूटर संक्रमित मशीनों को अपराधी के निर्देश वाले रास्ते से हटाकर अपने पास जोड़ लेते हैं।

इसके बाद संक्रमित कंप्यूटर चलता तो रहता है, लेकिन उसे हमलावर की नई कमांड मिलना बंद हो सकती है। इस तरह अपराधी का नियंत्रण कमजोर या निष्क्रिय हो जाता है।

CrowdStrike के मुताबिक Sality ने दुनिया भर में 33,000 से अधिक संक्रमित मशीनों तक हानिकारक प्रोग्राम पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। सिंकहोल अभियान ने इन मशीनों को अपराधी के कमांड चैनल से अलग करने का काम किया।

कंप्यूटर में बॉटनेट मालवेयर होने के संभावित संकेत

कंप्यूटर का धीमा होना हर बार वायरस का प्रमाण नहीं है। पुराना हार्डवेयर, कम मेमोरी या ज्यादा प्रोग्राम खुलने से भी ऐसा हो सकता है। फिर भी कई संकेत एक साथ दिखाई दें तो मालवेयर जांच कराना ठीक रहेगा।

संभावित संकेतों में कंप्यूटर का अचानक धीमा होना, बार-बार बंद होना, अनजान पॉप-अप दिखाई देना, इंटरनेट डेटा की असामान्य खपत और बिना कारण कंप्यूटर का गर्म होना शामिल है।

ब्राउजर का होम पेज अपने आप बदलना, अनजान प्रोग्राम दिखाई देना, सुरक्षा सॉफ्टवेयर का बंद हो जाना और आपके खाते से संदिग्ध ईमेल जाना भी संक्रमण की तरफ संकेत कर सकता है।

बॉटनेट मालवेयर से बचने के उपाय

1. ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट रखें

कंप्यूटर और मोबाइल में मिलने वाले सुरक्षा अपडेट को टालना नहीं चाहिए। पुराने सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का फायदा उठाकर मालवेयर उपकरण में प्रवेश कर सकता है।

2. अनजान सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें

क्रैक सॉफ्टवेयर, नकली वीडियो प्लेयर, गेम चीट, मुफ्त प्रीमियम ऐप और संदिग्ध ब्राउजर एक्सटेंशन में मालवेयर छिपा हो सकता है। सॉफ्टवेयर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद ऐप स्टोर से लें।

3. पूरे कंप्यूटर को स्कैन करें

अपडेट किए गए एंटीवायरस से फुल स्कैन चलाएं। केवल क्विक स्कैन पर निर्भर न रहें। गंभीर संक्रमण मिलने पर किसी जानकार तकनीशियन की सहायता लें।

4. महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदलें

यदि कंप्यूटर में मालवेयर मिलने की पुष्टि हो जाए तो साफ और सुरक्षित उपकरण से ईमेल, बैंकिंग तथा दूसरे जरूरी खातों के पासवर्ड बदलें। जहां संभव हो, दो चरण वाली सुरक्षा भी चालू करें।

5. भारत सरकार के मुफ्त उपकरण देखें

CERT-In के अंतर्गत संचालित Cyber Swachhta Kendra बॉटनेट की पहचान और मालवेयर हटाने से जुड़ी जानकारी तथा मुफ्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराता है।

Sality की कार्रवाई से क्या सीख मिलती है?

Sality लगभग 23 वर्षों तक सक्रिय रहा। यह बताता है कि पुराना मालवेयर भी खतरा बना रह सकता है। अपराधी उसके इस्तेमाल का तरीका बदलकर उसे लंबे समय तक चलाते रहते हैं।

दूसरी बड़ी सीख अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी है। बॉटनेट किसी एक देश की सीमा में नहीं रहता। अपराधी दूसरे देश में हो सकता है, संक्रमित कंप्यूटर अलग देशों में हो सकते हैं और इंटरनेट डोमेन कहीं और से संचालित किए जा सकते हैं। ऐसे नेटवर्क के खिलाफ पुलिस, जांच एजेंसियों, तकनीकी विशेषज्ञों और निजी संस्थाओं का साझा अभियान जरूरी है।

सामान्य इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए संदेश सीधा है। अनजान डाउनलोड का एक क्लिक आपके कंप्यूटर को किसी ऐसे नेटवर्क का हिस्सा बना सकता है, जिसका इस्तेमाल अपराध में हो रहा हो। नियमित अपडेट, भरोसेमंद सुरक्षा जांच और डाउनलोड के सही स्रोत इस खतरे को कम कर सकते हैं।

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07-09-2026