दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार ।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खालिस्तानी कमांडो फोर्स के आक आंतकी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आंतकी का नाम गुरसेवक है। गुरसेवक की गिरफ्तारी राजधानी दिल्ली के आईएसबीटी से गिरफ्तार किया गया है। क्राइण ब्रांच की टीम को एत गुप्त सूचना के अधार पर ट्रेप लगाकर गिरफ्तार किया है। गुरसेवक पर आंतकी गतिविधियों में शामिल होने के 50 से ज्यादा मामले दर्ज है। साथ ही पंजाब में कई पुलिसकर्मियों के हत्या का भी आरोप है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 2 मामलो में गुरसेवक के खिलाफ गैर जमानती वार्ंट जारी कर रखा था। आंतकी गुरसेवक 26 साल से ज्यादा वक्त जेल में बिता चुका है। पुछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे मौजूदा केसीएफ चीफ परमजीत सिंह पंजवाड़ व जेल में बंद केसीएफ चीफ जगतार सिंह उर्फ हावड़ा के संपर्क में ।

क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी अजित कुमार सिंगला के मुताबिक कि उनके टीम को जानकारी मिली थी कि केसीएफ का भगोड़ा आतंकी गुर सेवक सिंह दिल्ली के आईएसबीटी पास अपने किसी साथी से मिलने आने वाला है। जिसके बाद ट्रेप लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया है
1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में मारे गए खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाला का साथी रह चुका है गुरसेवक पाकिस्तान के केसीएफ चीफ परमजीत सिंह पंजवाड़ के संपर्क में था।
गुर सेवक का जन्म पंजाब के लुधियाना में हुआ था। 1980 के दशक में इसका बड़ा भाई स्वर्ण सिंह जरनैल सिंह भिंडरावाला के संगठन में शामिल हो गया। उसी से प्रभावित होकर 1982 में गुरसेवक भी खालिस्तानी आतंकी संगठन में शामिल हो गया। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद आतंकियों ने बब्बर खालसा व बिंदरवाला टाइगर फोर्स नामक आतंकी संगठन बनाए। बाद में गुर सेवक मानवीर द्वारा बनाए गए आतंकी संगठन केसीएफ में शामिल हो गया। पुलिस के मुताबिक 1986 में इसने पंजाब के एक थाने से भारी मात्रा में हथियार लूट लिए थे। उसी दौरान 9 लोगो की हत्या भी कर दी थी। जिसमें मासूम बच्चे भी शामिल थे। जिसके बाद गुरसेवक को गिरफ्तार कर लिया गया था।। 2004 तक वह तिहाड़ में हाईरिस्क जेल में रहा। 2004 में वह पंजाब पुलिस की कस्टडी से दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट से फरार हो गया था। एक हफ्ते बाद उसे दोबारा दबोच लिया गया।

गुर सेवक के मुताबिक जेल में बंद होने के बाद भी पाकिस्तान में बैठे अपने साथियों के संपर्क में था। आरोपियों से संपर्क कर उसने भारी मात्रा में पाकिस्तान से विस्फोटक मंगाया था, जिसे दिल्ली पुलिस ने 1998 में पकड़कर दो आतंकियों को दबोचा था। इनके पास से 18 किलोग्राम आरडीएक्स, एके-47, पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे।


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