जिस व्यक्ति से आप रोज WhatsApp पर बात करते हैं, उसी की प्रोफाइल फोटो, वही बातचीत और पैसे भेजने का जाना-पहचाना तरीका दिखाई दे तो क्या आपको शक होगा?
साइबर अपराधी इसी भरोसे का फायदा उठा रहे हैं। वे WhatsApp अकाउंट, वेब सेशन या पुरानी चैट तक पहुंच बनाकर ऐसा संदेश भेजते हैं, जिसे असली और नकली में पहचानना कठिन हो सकता है। इसे आम भाषा में WhatsApp Chat Cloning Scam कहा जा रहा है।
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इस धोखे में कोई अनजान व्यक्ति आपसे संपर्क नहीं करता। मैसेज किसी परिचित, कारोबारी, अधिकारी या बॉस के खाते से आता हुआ दिखाई देता है। खतरा यही है कि पीड़ित मैसेज पर शक करने के बजाय उसमें दिए गए निर्देश पर तुरंत काम कर देता है।
पुरानी चैट दिखी और कर्मचारी ने भेज दिए ₹2 करोड़
मुजफ्फरनगर के एक मामले ने WhatsApp Chat Cloning के खतरे को सामने ला दिया। साइबर अपराधियों ने एक कारोबारी की WhatsApp पहचान और पुरानी बातचीत का कथित तौर पर इस्तेमाल करके कर्मचारी का भरोसा जीत लिया।
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पुलिस के मुताबिक, पटेल नगर निवासी कुशाग्र अग्रवाल Future Mobile LLP में साझेदार हैं। कंपनी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के थोक कारोबार तथा ऑनलाइन सप्लाई से जुड़ी है।
20 जुलाई 2025 को अपराधियों ने कारोबारी की WhatsApp पहचान का दुरुपयोग कर कंपनी के कर्मचारी को भुगतान संबंधी मैसेज भेजे। पुरानी बातचीत और परिचित निर्देश दिखाई देने के कारण कर्मचारी को संदेह नहीं हुआ। उसने हैदराबाद स्थित Subramanyam Impex Private Limited के बैंक खाते में दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का पता चलने पर साइबर पुलिस ने रकम को अलग-अलग राज्यों में ट्रैक किया। 24 से अधिक बैंक खातों में करीब 1.23 करोड़ रुपये रुकवाए गए। कानूनी और बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित को 1.04 करोड़ रुपये वापस मिले।
WhatsApp Chat Cloning क्या है
WhatsApp में “Clone Chat” नाम का कोई आधिकारिक फीचर नहीं है। इस शब्द का इस्तेमाल ऐसे साइबर फ्रॉड के लिए किया जाता है, जिसमें अपराधी किसी व्यक्ति की डिजिटल पहचान, सक्रिय WhatsApp Web सेशन, प्रोफाइल फोटो या पुरानी बातचीत का दुरुपयोग करता है।
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अपराधी इन तरीकों से हमला कर सकते हैं:
- WhatsApp Web का सक्रिय सेशन हाइजैक करना
- मैलवेयर की मदद से कंप्यूटर या मोबाइल की जानकारी चुराना
- प्रोफाइल फोटो और नाम लगाकर नकली अकाउंट बनाना
- पुरानी चैट के स्क्रीनशॉट या संदेश हासिल करना
- चोरी हुए अकाउंट से उसी चैट में नया संदेश भेजना
जब नया मैसेज पुरानी बातचीत के अंदर दिखाई देता है तो पीड़ित को लगता है कि वह उसी असली व्यक्ति से बात कर रहा है।
नकली ZIP फाइल से चुराया जा सकता है WhatsApp सेशन
WhatsApp Chat Cloning Scam के नए तरीके में अपराधी WhatsApp, SMS या ईमेल पर ZIP फाइल भेजते हैं। फाइल को बैंक स्टेटमेंट या सरकारी नोटिस जैसा नाम दिया जा सकता है।
इनके नाम Statement of Account.zip, RBI.zip या MCA.zip जैसे हो सकते हैं। ZIP फाइल के अंदर खतरनाक .exe या .dll फाइल छिपी हो सकती है।
Windows कंप्यूटर पर फाइल खोलते ही मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है। यह ब्राउजर में पहले से खुले WhatsApp Web सेशन तक पहुंचने की कोशिश करता है। सेशन चोरी होने के बाद अपराधी पीड़ित की चैट से दूसरे लोगों को संदेश भेज सकते हैं।
Indian Cyber Crime Coordination Centre यानी I4C ने कंपनियों और वित्तीय कर्मचारियों को ऐसी फाइलों से सतर्क रहने को कहा है। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों से इस तरह की शिकायतें सामने आने की जानकारी दी गई थी।
क्लोन चैट की पहचान कैसे करें
पुरानी चैट का दिखाई देना अब पहचान का पक्का प्रमाण नहीं माना जा सकता। मैसेज परिचित व्यक्ति के खाते से आया हो, तब भी इन संकेतों पर ध्यान दें:
- अचानक बड़ी रकम ट्रांसफर करने को कहा जाए
- पैसे किसी नए या अनजान बैंक खाते में मांगे जाएं
- मैसेज भेजने वाला फोन पर बात करने से बचे
- भुगतान को गोपनीय रखने का दबाव डाला जाए
- मैसेज में असामान्य जल्दबाजी दिखाई दे
- ZIP, EXE या DLL फाइल खोलने को कहा जाए
- OTP, PIN या स्क्रीन शेयर करने की मांग की जाए
प्रोफाइल फोटो, नाम, मोबाइल नंबर और पुरानी बातचीत देखकर भी पैसे न भेजें। जिस व्यक्ति ने निर्देश दिया है, उससे पहले से दर्ज नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें।
WhatsApp Chat Cloning से बचने के 7 उपाय
1. Linked Devices की जांच करें
WhatsApp खोलकर Settings और फिर Linked Devices में जाएं। कोई अनजान कंप्यूटर या ब्राउजर दिखाई दे तो तुरंत लॉग आउट करें।
2. Two-step verification चालू करें
Settings, Account और Two-step verification में जाकर छह अंकों का PIN बनाएं। PIN को जन्मतिथि या मोबाइल नंबर जैसा आसान न रखें।
3. अनजान ZIP फाइल न खोलें
RBI, MCA, बैंक या आयकर विभाग के नाम से आई ZIP फाइल पर भरोसा न करें। सूचना को संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें।
4. WhatsApp OTP किसी को न बताएं
WhatsApp verification code मिलने का मतलब है कि कोई आपके नंबर से अकाउंट शुरू करने का प्रयास कर सकता है। यह कोड किसी व्यक्ति से साझा न करें।
5. भुगतान की अलग माध्यम से पुष्टि करें
पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति को सीधे फोन करें। उसी WhatsApp चैट पर कॉल करके पुष्टि करना पर्याप्त नहीं है। पहले से सुरक्षित नंबर का इस्तेमाल करें।
6. मोबाइल और कंप्यूटर अपडेट रखें
WhatsApp, ब्राउजर, Windows और मोबाइल के सुरक्षा अपडेट समय पर इंस्टॉल करें। पुराने सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरी अपराधियों के काम आ सकती है।
7. कंपनी में दोहरी मंजूरी का नियम बनाएं
एक तय रकम से अधिक भुगतान पर दो अधिकारियों की मंजूरी जरूरी हो। WhatsApp या ईमेल पर मिले निर्देश के भरोसे बड़ी रकम ट्रांसफर न की जाए।
Chat Cloning हो जाए तो तुरंत क्या करें
WhatsApp के Linked Devices से सभी अनजान सेशन हटाएं और Two-step verification चालू करें। अपने संपर्कों को बता दें कि आपके खाते से भेजे गए भुगतान या मदद के संदेश पर भरोसा न करें।
पैसे ट्रांसफर हो चुके हों तो तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करें।
चैट, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, ट्रांजेक्शन आईडी, स्क्रीनशॉट और संदिग्ध फाइल को सबूत के रूप में सुरक्षित रखें। साइबर फ्रॉड में देर होने पर रकम कई खातों में भेजी जा सकती है। इसलिए शिकायत अगले दिन नहीं, उसी समय करें।













