झारखंड में वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। जापान सरकार की जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को वन भवन, डोरंडा में झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार से मुलाकात कर राज्य में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की।
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मुख्य बातें
✔ 20 वन प्रमंडलों में लागू होगी JICA परियोजना
✔ 47 वन क्षेत्रों (रेंज) और लगभग 1,400 संयुक्त वन प्रबंधन समितियां होंगी शामिल
✔ वन संरक्षण के साथ महिलाओं और ग्रामीणों की आजीविका पर विशेष जोर
✔ महुआ, तसर, मृदा एवं जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन होंगे प्रमुख कार्यक्षेत्र
वन संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर
बैठक में संयुक्त वन प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग, वन संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। जाईका प्रतिनिधिमंडल और वन विभाग के अधिकारियों ने परियोजना के उद्देश्यों, क्रियान्वयन की रणनीति और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की।
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परियोजना का उद्देश्य केवल वन क्षेत्रों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वनों पर निर्भर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना भी है।
किन क्षेत्रों में होगा काम?
JICA परियोजना के तहत राज्य के 20 वन प्रमंडलों, 47 वन क्षेत्रों (रेंज) तथा करीब 1,400 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के सहयोग से कई गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
परियोजना के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल हैं:
- वन संरक्षण एवं वन प्रबंधन
- महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका
- महुआ एवं अन्य लघु वनोपज का मूल्य संवर्धन
- तसर विकास
- मृदा एवं जल संरक्षण
- समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन
इन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के साथ वन संसाधनों के संतुलित उपयोग को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने क्या कहा?
प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि JICA परियोजना झारखंड में समुदाय आधारित वन प्रबंधन को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से वन क्षेत्रों का संरक्षण अधिक प्रभावी होगा और ग्रामीणों के लिए टिकाऊ आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।
तकनीकी और वित्तीय सहयोग देगा JICA
जाईका प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रतिनिधिमंडल ने वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के विकास के लिए आवश्यक तकनीकी तथा वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डी. वेंकटेश्वर लू, वन संरक्षक (प्रशासन) पी. आर. नायडू, वन प्रमंडल पदाधिकारी (प्रशासन) अजिंक्य बनकर सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी तथा JICA प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
JICA क्या है?
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) जापान सरकार की विकास सहयोग एजेंसी है, जो विभिन्न विकासशील देशों में वन संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण विकास, आधारभूत ढांचे और आजीविका से जुड़ी परियोजनाओं के लिए तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करती है। भारत के कई राज्यों में भी JICA की सहायता से वन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।






