नाम देवा, कामःदिल्ली में झपटमारी, लूट और चोरी, केस-91। स्ट्रीट क्राइम में देवा के नाम से कुख्यात बदमाश को आखिरकार ग्रेटर नोएडा से पक़ड़ लिया गया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक देवा तीन मामलों में अदालत से घोषित अपराधी यानी Proclaimed Offender भी था। पुलिस के मुताबिक वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और आखिर में दिल्ली छोड़कर ग्रेटर नोएडा में छिपा हुआ था।
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ठिकाने बदलते-बदलते वह ग्रेटर नोएडा पहुंच गया और वहीं छिपकर रह रहा था। लेकिन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की Western Range-II टीम को उसके नए ठिकाने की भनक लग गई। पुलिस ने सेक्टर-16, ग्रेटर नोएडा में छापेमारी कर उसे पकड़ लिया।
दिल्ली छोड़कर ग्रेटर नोएडा में बना लिया था ठिकाना
क्राइम ब्रांच के मुताबिक देवा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। Western Range-II की टीम द्वारका और आसपास के इलाकों में सक्रिय अपराधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान हेड कॉन्स्टेबल राजू राम को सूचना मिली कि देवा ग्रेटर नोएडा इलाके में छिपा हुआ है।
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सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले उसकी मौजूदगी की पुष्टि की। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की। पुलिस के मुताबिक देवा दिल्ली से बाहर जाकर अपनी पहचान और ठिकाना छिपाने की कोशिश कर रहा था।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा के निर्देश पर एसीपी राजपाल डबास की निगरानी और इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत की अगुवाई में एसआई राहुल, एएसआई जितेंद्र, एएसआई रस्मुद्दीन, हेड कॉन्स्टेबल दिनेश, हेड कॉन्स्टेबल राजू राम, हेड कॉन्स्टेबल नवीन और महिला कॉन्स्टेबल बिंदु की टीम बनाई गई। तकनीकी सहायता हेड कॉन्स्टेबल भंवर ने दी।
टीम ने मिली जानकारी के आधार पर ग्रेटर नोएडा में कार्रवाई की और 26 सितंबर 2026 को सेक्टर-16, गौतमबुद्ध नगर से देवा को पकड़ लिया।
पुलिस रिकॉर्ड में 91 आपराधिक मामले
देवा को पकड़े जाने के बाद उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ कुल 91 आपराधिक मामलों में संलिप्तता का रिकॉर्ड मिला। इन मामलों में लूट, झपटमारी, चोरी, घर में चोरी, सेंधमारी, हत्या की कोशिश, सरकारी कर्मचारी पर हमला और अवैध हथियार रखने या इस्तेमाल करने से जुड़े अपराध शामिल बताए गए हैं। Pasted text
उसके खिलाफ डाबरी, बिंदापुर, द्वारका नॉर्थ और ई-पुलिस स्टेशन मोटर व्हीकल थेफ्ट में बड़ी संख्या में मामले दर्ज होने का विवरण पुलिस प्रेस रिलीज में दिया गया है।
यही इस गिरफ्तारी को सामान्य गिरफ्तारी से अलग बनाता है। पुलिस के मुताबिक आरोपी किसी एक मामले में वांछित नहीं था, बल्कि उसके खिलाफ वर्षों से अलग-अलग तरह के अपराधों का रिकॉर्ड दर्ज था।
तीन मामलों में घोषित हो चुका था PO
दिल्ली पुलिस के अनुसार देवा को अदालतों ने तीन मामलों में Proclaimed Offender घोषित किया था।
द्वारका नॉर्थ थाने की FIR नंबर 291/2020 में उसे 4 जून 2025 को PO घोषित किया गया था। इसी थाने की FIR नंबर 83/2018 में 23 अगस्त 2025 को अदालत ने उसे PO घोषित किया।
इसके अलावा बिंदापुर थाने की FIR नंबर 717/2021 में भी उसके खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं का मामला दर्ज है।
पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश का भी आरोप
पूछताछ में सामने आए पुराने मामलों में एक घटना पुलिसकर्मी पर हमले से जुड़ी है।
पुलिस के मुताबिक देवा ने पूछताछ में बताया कि एक मौके पर उसने अपने साथियों के साथ ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी पर कथित तौर पर हमला किया था। आरोप है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनने की भी कोशिश की।
इसी दौरान हाथापाई हुई और देवा के पैर में गोली लगी थी। इस घटना को लेकर द्वारका नॉर्थ थाने में FIR नंबर 83/2018 दर्ज की गई थी।
आठवीं तक पढ़ाई, फिर अपराधों में नाम
क्राइम ब्रांच के अनुसार पूछताछ में देवा ने बताया कि उसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बाद आसान पैसा कमाने के लिए वह अपराधों में शामिल होने लगा।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से पहले वह मजदूरी कर रहा था और ग्रेटर नोएडा में छिपकर रह रहा था। पुलिस का दावा है कि लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं होने और पुलिस से बचने के लिए उसने दिल्ली के बाहर ठिकाना बना लिया था।
पुलिस ने बताया कि कुछ अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ अदालत में पेश नहीं होने से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें डाबरी और बिंदापुर थानों में दर्ज लूट और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।













