Dwarka की गलियों में सब कुछ सामान्य दिख रहा था… लेकिन पुलिस की नजरें किसी और ही कहानी को ट्रैक कर रही थीं। एक ऐसा नाम, जो महीनों से फाइलों में दर्ज था… लेकिन हाथ नहीं आ रहा था — मन्नन शर्मा।
एक नाम जो बार-बार सामने आता था
Dwarka South थाना की टीम के पास एक लिस्ट थी…
ऐसे अपराधियों की, जो कानून से भाग रहे थे।
उस लिस्ट में एक नाम बार-बार सामने आता —
मन्नन शर्मा…
FIR 228/2020 का आरोपी…
कोर्ट द्वारा घोषित Proclaimed Offender…
और अगस्त 2025 से गायब।
पुलिस के लिए यह सिर्फ एक केस नहीं था… यह चुनौती बन चुका था।
रणनीति बनी, टीम तैयार हुई
DCP Dwarka के निर्देश पर एसीपी किशोर कुमार रेवाला की निगरानी और HC परवेश SHO इंस्पेक्टर राजेश कुमार शाह के नेतृत्व में टीम तैयार हुई। टीम की कमांड सेक्टर 10 चौकी इंचार्ज सबइंस्पेक्टर रजत मलिक के हाथ में थी। टीम में एएसआई संजीव कुमार और हेडकांस्टेबल रोहित भाटी आदि शामिल थे।
टीम ने तय किया कि —
- डिजिटल ट्रैकिंग होगी
- कॉल रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे
- सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी
- और सबसे अहम… मुखबिर नेटवर्क एक्टिव किया जाएगा
अब यह सिर्फ तलाश नहीं… एक मिशन बन चुका था।
सूचना, ट्रैप और गिरफ्तारी
पुलिस टीम तकनीकी माध्यमों से आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। इसी दौरान 18 मार्च 2026 को HC परवेश को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई।
सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जाल बिछाया और मुखबिर की निशानदेही पर मन्नन शर्मा (उम्र 43 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी BNSS की धारा 35.1(D) के तहत की गई।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान सामने आया कि:
- आरोपी FIR No. 228/2020 (धारा 188 IPC) में वांछित था
- Dwarka North थाना का मामला था
- अगस्त 2025 में कोर्ट ने उसे Proclaimed Offender घोषित किया था
- आरोपी लगातार अदालत में पेश नहीं हो रहा था
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