दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: 1000 से ज्यादा चोरी की गाड़ियां ‘लीगल’ बनाकर बेचने वाला गैंग पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े वाहन चोरी रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें चोरी और लोन डिफॉल्ट गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों से वैध बनाकर बेचा जा रहा था।
दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़ा गया वाहन चोरी गिरोह और बरामद की गई हाई-एंड गाड़ियां

दिल्ली में चोरी की कार को खपाने वाले एक खास तरीके के गैंग का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गैंग के 10 लोगों को गिरफ्तार कर अब तक 31 हाइ-एंड लग्जरी कारें बरामद की हैं। गैंग पांच साल से काम कर रहा है, आशंका है कि अब तक 1 हजार कारें खपा दिया गया है।

चोरी की कार को बना देते थे नई

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक इस गैंग के निशाने पर चोरी की कार के अलावा लोन डिफॉल्ट कारें होती थीं। यह मामला 5 अगस्त 2025 को सामने आया, जब पीतमपुरा निवासी एक महिला ने अपनी हुंडई क्रेटा कार चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई।

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शुरुआती जांच स्थानीय थाने में हुई, लेकिन बाद में केस को क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को ट्रांसफर कर दिया गया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि एक इंटर-स्टेट गिरोह हाई-एंड गाड़ियों की चोरी, चेसिस नंबर से छेड़छाड़ और फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए बड़े स्तर पर धोखाधड़ी कर रहा है।

वीडियो देखेंः

Fake RC और बदले चेसिस नंबर से चल रहा था बड़ा खेल

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को एसीपी रमेश चंदर की निगरानी में अंजाम दिया गया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर मनमीत मलिक ने किया, जिसमें एसआई राजेंद्र ढाका, एएसआई सुरेंद्र सिंह, एएसआई प्रवीण सिंह, हेड कांस्टेबल मोनित सिंह और हेड कांस्टेबल सुनील ढाका शामिल रहे।

इस टीम ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में व्यापक जांच और छापेमारी की।

जांच में पता चला कि यह गिरोह एक संगठित नेटवर्क की तरह काम करता था। पहले चोरी या लोन डिफॉल्ट गाड़ियां जुटाई जाती थीं। इसके बाद फर्जी Form-21, नकली RC और बैंक NOC तैयार किए जाते थे।

तकनीकी एक्सपर्ट चेसिस नंबर बदल देते थे इसके बाद अन्य राज्यों की पहचान लगाकर नई पहचान दी जाती थी। जांच में सामने आया कि परिवहन विभाग के पोर्टल का गलत इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता था।

कुछ आरोपियों ने कथित रूप से अधिकारियों और एजेंट्स के साथ मिलकर यह काम किया और 1000 से ज्यादा गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराया।

मास्टरमाइंड से लेकर पूरे गिरोह की भूमिका

इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड पंजाब का दमनदीप सिंह उर्फ लकी है, जो सेकेंड हैंड कार का कारोबार करता था।

गिरोह में अलग-अलग भूमिकाएं तय थीं:

  • कुछ सदस्य गाड़ियां चोरी करते थे
  • कुछ चेसिस नंबर बदलते थे
  • कुछ फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे
  • जबकि अन्य लोग खरीदार ढूंढकर गाड़ियों की बिक्री करते थे

गिरोह ने गतिविधियों को अलग-अलग राज्यों में फैलाकर पुलिस से बचने की कोशिश की।

10 आरोपी गिरफ्तार, 31 हाई-एंड गाड़ियां बरामद

पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 31 हाई-एंड गाड़ियां बरामद की हैं। बरामद वाहनों में टोयोटा फॉर्च्यूनर 11, किआ सेल्टोस 6, हुंडई क्रेटा 6, टोयोटा इनोवा 3, महिंद्रा स्कॉर्पियो एन 2, महिंद्रा थार 1, हुंडई वेन्यू 1 और स्विफ्ट डिजायर 1 शामिल हैं।

इसके अलावा चेसिस नंबर बदलने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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24-09-2026