delhi crime news: दिल्ली पुलिस ने सपने में भी नहीं सोचा था कि छापेमारी में उन्हें खतरनाक कुत्तों का सामना करना पड़ेगा। इन कुत्तों से किसी तरह पार पाकर जब रजाई की तलाशी ली गई तो दिल्ली पुलिस को वह महिला मिली जिसकी तलाश में ये छापेमारी की गई थी। मामला दिल्ली के शालीमार बाग का है।
delhi crime news: चोरी से शुरू हुई कहानी, पहुंची बड़े खुलासे तक
नार्थ वेस्ट दिल्ली की डीसीपी आकांक्षा यादव के मुताबिक 19 अप्रैल 2026 को एक शिकायत ने इस पूरे मामले की शुरुआत की। शिकायतकर्ता विजय पाल गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके घर से सोने के आभूषण और नकदी गायब हो गई है। शक सीधे घर में काम करने वाली महिला पर गया।
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मामला दर्ज हुआ और दिल्ली पुलिस की टीम हरकत में आई। शुरुआत में यह एक सामान्य चोरी जैसा लगा, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी का रुख बदलने लगा।
कैमरे, कॉल डिटेल और एक संदिग्ध सुराग
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हर एंगल से फुटेज देखा गया। तकनीकी निगरानी के जरिए एक-एक कड़ी जोड़ी गई। धीरे-धीरे शक पुख्ता होता गया और पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। लेकिन असली चुनौती अभी बाकी थी।
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जब घर बन गया ‘डॉग फोर्ट्रेस’
जब पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची, तो सामने एक असामान्य स्थिति थी। दरवाजे के पीछे खड़े थे खतरनाक कुत्ते। ऐसा इंतजाम किया गया था कि कोई भी अंदर आने से पहले डर जाए।
यह सिर्फ सुरक्षा नहीं थी, बल्कि पुलिस को रोकने की पूरी योजना थी। फिर भी टीम पीछे नहीं हटी। रणनीति बनाई गई। मौके को समझा गया और सही समय पर कार्रवाई की गई।
रजाई के नीचे छिपी थी पूरी कहानी
घर के अंदर घुसने के बाद जब तलाशी शुरू हुई, तो हर कोना देखा गया। कुछ देर की तलाश के बाद पुलिस की नजर एक रजाई पर गई। जब रजाई हटाई गई, तो उसके नीचे छिपी थी वही महिला, जिसकी तलाश पूरे मामले में हो रही थी। उसकी पहचान 45 साल की सोना उर्फ के सोनिया के रूप में हुई।
यहीं से कहानी ने सबसे बड़ा मोड़ लिया।
15 गोल्ड लोन अकाउंट और करोड़ों का खेल
पूछताछ में जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी ने चोरी किए गए सोने को अलग-अलग जगह गिरवी रखकर लोन लिया था। जांच में अब तक 15 गोल्ड लोन अकाउंट सामने आए हैं। करीब 2 किलो सोने के आभूषण विभिन्न वित्तीय संस्थानों में चिन्हित किए गए।
यह सिर्फ चोरी का मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित आर्थिक गतिविधि की ओर इशारा कर रहा था।
बैंक अकाउंट फ्रीज, जांच तेज
पुलिस ने तुरंत आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। करीब 1 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली गई है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
पुराना रिकॉर्ड, नया तरीका
गिरफ्तार महिला, सोना उर्फ के. सोनिया (45 वर्ष), पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रही है। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह पहले भी लूट और चोरी से जुड़े मामलों में पकड़ी जा चुकी है।
इस बार तरीका अलग था, लेकिन मकसद वही।
मामले की जांच जारी है। पुलिस अब बाकी सोने की बरामदगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। शालीमार बाग का यह मामला अब सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि एक बड़े खुलासे के रूप में देखा जा रहा है।
