सावधान हो जाइए gift card scam से, जानिए साइबर क्रिमिनल क्यों करते हैं पसंद

गिफ्ट कार्ड स्कैम में ठग लोगों से Amazon, Apple और Google Play Gift Card खरीदवाकर मिनटों में पैसा गायब कर देते हैं। जानिए यह साइबर धोखाधड़ी कैसे काम करती है और इससे बचने के जरूरी उपाय।
मोबाइल स्क्रीन पर गिफ्ट कार्ड स्कैम चेतावनी और साइबर ठगी का प्रतीकात्मक दृश्य

हो सकता है आपने gift card scam के बारे में सुना हो। मगर यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि यह स्कैम होता क्यों है? साइबर ठगों के बीच gift card scam क्यों पसंदीदा बन गया है। सच तो यह है कि यह जालसाजी के लिए डिजिटल नकद बन जाता है। ऐसे क्यों और कैसे होता है जानिए विस्तार से।

Gift Card Scam क्या है और यह इतना खतरनाक क्यों बन रहा है

साइबर अपराधी अब लोगों से सीधे बैंक खाते में पैसा मंगाने के बजाय गिफ्ट कार्ड खरीदवाने लगे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि गिफ्ट कार्ड लेनदेन तेज़, गुमनाम और लगभग अपरिवर्तनीय होता है। जैसे ही कोई व्यक्ति कार्ड नंबर और पिन साझा करता है, ठग तुरंत उसका बैलेंस इस्तेमाल कर लेते हैं या उसे ऑनलाइन बेच देते हैं।

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भारत में डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ Gift Card Scam भी तेजी से सामने आ रहे हैं। दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में साइबर ठगी के मामलों में यह तरीका लगातार इस्तेमाल हो रहा है।

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gift card ही क्यों चुनते हैं

गिफ्ट कार्ड ही चुनने की कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह अनट्रेसेबल लेन देन है। गिफ्ट कार्ड के लिए बैंक खाता या व्यक्तिगत जानकारी की जरूरत नहीं होती। इसका तुरंत उपयोग हो सकता है यानि ठग तुरंत बैलेंस खर्च कर सकते हैं या कोड को काले बाजार में बेच सकते हैं।

गिफ्ट कार्ड का भुगतान वापस नहीं हो सकता। इसके अलावा यह आसानी से उपलब्ध हो सकता है। सुपरमार्केट, ऑनलाइन स्टोर या मोबाइल ऐप से तुरंत खरीदे जा सकते हैं। साइबर ठग मनोवैज्ञानिक दबाव का सहारा लेते हैं।

gift card scam के प्रचलित तरीके

ठग कंपनी के अधिकारी बनकर कर्मचारियों को ईमेल या मैसेज भेजते हैं और गिफ्ट कार्ड खरीदने को कहते हैं। उदाहरण के तौर पर नकली मेल भेजकर Apple Gift Card खरीदने को कहा जाता है।

सरकारी एजेंसी या पुलिस की धमकी-कई बार कॉल कर कहा जाता है कि टैक्स बकाया है या गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। फिर भुगतान गिफ्ट कार्ड से मांग लिया जाता है। Microsoft या Apple सपोर्ट बनकर कंप्यूटर ठीक करने का दावा किया जाता है।

इसके बाद Google Play या Amazon Gift Card खरीदने को कहा जाता है। इसी तरह ठग रिश्तेदार बनकर इमरजेंसी की कहानी सुनाते हैं और तुरंत iTunes या अन्य गिफ्ट कार्ड भेजने को कहते हैं। यही नहीं मैसेज भेजा जाता है कि आपने बड़ी रकम जीती है, लेकिन प्रोसेसिंग फीस Gift Card से देनी होगी।

स्कैम से क्या होता है नुकसान

इस स्कैम का शिकार होने पर कुछ मिनटों में हजारों या लाखों रुपये गायब हो सकते हैं। स्कैम पीड़ित के पैसे की रिकवरी की बेहद कम संभावना होती है। एक बार कोड साझा होने के बाद पैसा वापस मिलना लगभग असंभव हो जाता है।

इसके अलावा व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने का खतरा भी इसी स्कैम का परिणा है। कई मामलों में ठग आधार, बैंक डिटेल और अन्य निजी जानकारी भी हासिल कर लेते हैं। जो लोग एक बार ठगी का शिकार होते हैं, उन्हें बाद में फिर से टारगेट किया जाता है।

Gift Card Fraud से कैसे बचें

  • गिफ्ट कार्ड से कभी भुगतान न करें: असली कंपनियाँ, सरकारी एजेंसियाँ या पुलिस कभी ऐसा नहीं माँगेंगी।
  • अनुरोध की पुष्टि करें: यदि कोई बॉस या रिश्तेदार होने का दावा करे तो सीधे ज्ञात नंबर पर कॉल करें।
  • तात्कालिकता पर ध्यान दें: तुरंत कार्रवाई का दबाव हमेशा लाल झंडा है।
  • ईमेल/संदेश की जाँच करें: स्पेलिंग गलतियाँ, नकली डोमेन या संदिग्ध आईडी देखें।
  • धोखाधड़ी रिपोर्ट करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in/Webform/Accept.aspx) या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
    गिफ्ट कार्ड ठगों के लिए आकर्षक हैं क्योंकि इनमें तेज़ी, गुमनामी और अपरिवर्तनीयता होती है। भारत में, खासकर दिल्ली में जहाँ साइबर धोखाधड़ी बढ़ रही है, नागरिकों के लिए सुनहरा नियम है: यदि कोई गिफ्ट कार्ड से भुगतान माँगे—तो यह निश्चित रूप से धोखाधड़ी है।
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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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22-07-2026