NEET MBBS Admission Scam 2026: दिल्ली में फर्जी एडमिशन रैकेट का पर्दाफाश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने NEET 2026 के नाम पर MBBS एडमिशन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
NEET एडमिशन फ्रॉड मामले में गिरफ्तार आरोपी और दिल्ली पुलिस जांच

दिल्ली में मेडिकल एडमिशन के नाम पर चल रहे एक संगठित ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। Delhi Police की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह छात्रों और उनके अभिभावकों को MBBS में एडमिशन का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ रहा था।

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इस कार्रवाई में 18 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं।

कैसे सामने आया पूरा मामला

मामले की शुरुआत तब हुई जब Surat Police के अधिकारियों ने एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की जानकारी साझा की। यह व्यक्ति NEET (UG) 2026 के जरिए एडमिशन कराने का दावा कर रहा था।

तकनीकी निगरानी के आधार पर उसकी लोकेशन दिल्ली के महिपालपुर क्षेत्र में पाई गई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम गठित की।

ऑपरेशन: 100 होटलों की तलाशी और गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने महिपालपुर एक्सटेंशन के करीब 100 होटलों में जांच की। आखिरकार चार संदिग्धों को एक होटल से पकड़ा गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के लोग छात्रों से 20 से 30 लाख रुपये तक की मांग करते थे, इनसे वह 10वीं और 12वीं के मूल दस्तावेज लेते थे यही नहीं बल्कि साइन किए हुए खाली चेक भी अपने पास रखते थे।

आरोपियों की निशानदेही पर गाजियाबाद में छापा मारा गया। पहले 3 छात्रों को अस्पताल के पास से छुड़ाया गया, बाद में एक फ्लैट से 15 और छात्र मिले। इनमें से कई छात्र NEET परीक्षा देने वाले थे।

गिरोह का काम करने का तरीका (Modus Operandi)

जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था: संतोष कुमार जायसवाल पूरे नेटवर्क को संचालित करता था और योजना तैयार करता था। डॉ. अखलाक आलम ने पुराने प्रश्न पत्रों और कोचिंग सामग्री से नकली पेपर तैयार किए।

संत प्रताप सिंह ने रहने और मीटिंग के लिए जगह उपलब्ध कराई। विनोद पटेल ने गुजरात के छात्रों और उनके परिवारों को संपर्क कर भरोसा दिलाया।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत जब्त किए:

  • 149 पेज के फर्जी प्रश्न और उत्तर
  • 3 साइन किए हुए खाली चेक
  • अन्य दस्तावेज

ये सभी दस्तावेज इस ठगी नेटवर्क के संचालन की पुष्टि करते हैं।

चारों आरोपी अलग-अलग पृष्ठभूमि से

  1. संतोष कुमार जायसवाल – मास्टरमाइंड, दिल्ली निवासी
  2. डॉ. अखलाक आलम – विदेश से MBBS, अभी भारत में लाइसेंस परीक्षा की तैयारी
  3. संत प्रताप सिंह – प्रॉपर्टी डीलर
  4. विनोद पटेल – ब्रोकर

चारों को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जा रही है।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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