डिजिटल पुलिसिंग में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर से अपनी मजबूत स्थिति को साबित किया है। CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) प्रगति डैशबोर्ड पर सौ प्रतिशत् स्कोर हासिल करते हुए उसने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान पाया है।
यह लगातार छठी बार है जब दिल्ली पुलिस इस सूची में शीर्ष पर बनी हुई है।
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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में 100% स्कोर के बाद जनवरी और फरवरी 2026 में भी दिल्ली पुलिस पहले स्थान पर रही। मार्च 2026 में भी यही प्रदर्शन जारी रहा, जिससे यह स्पष्ट है कि सिस्टम पर पकड़ और डेटा अनुशासन लगातार मजबूत बना हुआ है।
CCTNS पुलिस क्या है और क्यों है अहम
CCTNS एक राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल प्रणाली है, जिसका उद्देश्य अपराध और अपराधियों से जुड़ी जानकारी को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। यह सिस्टम पुलिस स्टेशनों, अदालतों और अन्य एजेंसियों के बीच डेटा शेयरिंग को तेज और सटीक बनाता है।
इसके साथ ही ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) का उपयोग न्याय व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में किया जाता है, जिससे केस की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनती है।
प्रगति डैशबोर्ड कैसे करता है मूल्यांकन
गृह मंत्रालय और NCRB द्वारा मॉनिटर किया जाने वाला प्रगति डैशबोर्ड राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन कई तकनीकी और संचालन से जुड़े मापदंडों पर करता है। इसके लिए कुछ पैरामीटर बनाए गए हैं।
ये हैं पैरामीटरः
- पुलिस स्टेशनों की CCTNS कनेक्टिविटी
- डिजास्टर रिकवरी सेंटर की उपलब्धता
- सॉफ्टवेयर मॉड्यूल्स में डेटा एंट्री की स्थिति
- पुराने रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और माइग्रेशन
- राज्य और राष्ट्रीय डेटा सेंटर के बीच डेटा सिंक
- अदालतों में FIR की ऑनलाइन सबमिशन
- नागरिक पोर्टल के जरिए सेवाएं
- ICJS की नियमित समीक्षा बैठकें
इन सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन ही किसी राज्य को शीर्ष स्थान तक पहुंचाता है।
क्राइम ब्रांच CCTNS टीम की भूमिका
दिल्ली पुलिस की इस उपलब्धि में क्राइम ब्रांच की CCTNS टीम का योगदान महत्वपूर्ण रहा। टीम ने कई स्तरों पर काम करते हुए सिस्टम को बेहतर बनाए रखा।
- डेटा की गुणवत्ता की निगरानी
- जिलों और थानों के साथ रियल टाइम समन्वय
- तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान
- अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
जिलों और पुलिस स्टेशनों का योगदान
दिल्ली के सभी पुलिस जिलों और इकाइयों ने इस सफलता में सक्रिय भूमिका निभाई। जमीनी स्तर पर डेटा अपडेट और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को सटीक रखा गया।
इसके अलावा समय सीमा के भीतर डेटा अपडेट जांच, रिकॉर्ड की सटीक एंट्री और डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम को मजबूत करना, तकनीकी टीम के साथ तालमेल बनाए रखने में जिलों और पुलिस थानों का योगदान काफी अहम है।
अधिकारियों का नेतृत्व और रणनीति
स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक इस उपलब्धि के पीछे वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट मार्गदर्शन भी अहम रहा। उन्होंने बताया कि DCP/CCTNS श्री आदित्य गौतम, ACP/CCTNS श्री मुकेश राठी और Inspector/CCTNS श्री राजीव श्रीवास्तव ने पूरी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया। इनके नेतृत्व में डेटा गुणवत्ता और सिस्टम की कार्यक्षमता पर खास ध्यान दिया गया।
पुलिस कमिश्नर ने दी टीम को बधाई
दिल्ली पुलिस के कमिश्नर श्री सतीश गोलछा ने इस उपलब्धि पर सभी जिलों, इकाइयों और CCTNS टीम को बधाई दी। उन्होंने टीमवर्क, प्रोफेशनल दृष्टिकोण और समर्पण की सराहना की। साथ ही उन्होंने तकनीक आधारित और नागरिक केंद्रित पुलिस व्यवस्था को आगे और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डिजिटल पुलिसिंग में दिल्ली पुलिस क्यों आगे
दिल्ली पुलिस का लगातार शीर्ष स्थान पर रहना यह दिखाता है कि डेटा मैनेजमेंट, तकनीकी उपयोग और टीम समन्वय में उसका मॉडल मजबूत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से न केवल जांच प्रक्रिया तेज हुई है बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में भी सुधार हुआ है।