AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन ने सियासती पारा गर्म किया हुआ है। इस पर अब दिल्ली पुलिस ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली पुलिस ने इस बारे में की जा रही कार्रवाई से लेकर मुकदमे तक की विस्तृत जानकारी दी। औपचारिक बयान में पुलिस ने इस घटना को पूर्व नियोजित बताया है।
भारत मंडपम में क्या हुआ था, जिसे लेकर अब खुलकर बोली दिल्ली पुलिस?
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव के मीडिया ब्रिफिंग कर पूरे मामले पर चल रही पुलिस जांच के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट चल रहा था, उस दौरान अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिनिधियों और आगंतुकों के समक्ष सुरक्षा घेरा भंग करने की एक पूर्वनियोजित कोशिश देखी गई।
वीडियो में सुनें दिल्ली पुलिस ने क्या कहाः
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आक्रामक तत्वों को तुरंत काबू किया गया इन्हें काबू करने का प्रयास करते समय ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस कर्मियों को चोटें भी आईं। इस संबंध में, तिलक मार्ग थाने में FIR No. 19/2026 भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2)/121(1)/132/190/195(1)/221/223(A)/ 196/197/3(5) दर्ज की गई तथा जांच शुरु की गई।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान प्रथम दृष्ट्या कई लोगो की संलिप्तता की बात सामने आई है। जांच के दौरान कई व्यक्ति कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के CCTV कैमरों में भी देखे गए। इसके साथ ही कई अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के बारे में भी पता चला है जो इन आक्रामक तत्वों को इस कृत्य के लिए विभिन्न प्रकार से सहायता दे रहे थे।
अब तक 8 गिरफ्तार
मामला दर्ज होने के बाद से अब तक कुल 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा अन्य चिन्हित अभियुक्तों एवं संदिग्धों की पूछताछ, तलाशी एवं छापेमारी की कार्यवाही जारी है। गिरफ्तार किये गए व्यक्तियों में Indian Youth Congress (IYC) के पदाधिकारी भी शामिल हैं।
गिरफ्तार व्यक्तियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। इस प्रक्रिया में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार किया गया है।
अन्य राज्यों से भी जुड़े तार
इस सन्दर्भ में पूरी साज़िश का पता करने के उद्देश्य से अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय स्थापित कर छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 191(1) तथा 192 को भी जोड़ा गया है। अब तक की जांच के आधार पर गहन षडयंत्र के तहत इस अपराध को अंजाम दिया गया है और इसके पुख्ता प्रमाण हमें मिल चुके है।
मामले की बहु-राज्यीय पृष्ठभूमि, आरोपियों के बीच निहित वित्तीय एवं लॉजिस्टिक नेटवर्क के कारण तथा जांच की व्यापक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, इस प्रकरण की आगे की जांच क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को स्थानांतरित कर दी गई है।









