नेपाल के रास्ते घुसा लश्कर का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बांग्लादेश में रचा था खतरनाक चक्रव्यूह

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के बड़े हैंडलर शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। पाकिस्तान के इशारे पर नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ कर वह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और बड़े हमलों की फिराक में था।
लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDR) ने एक बार फिर आतंक के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ एक साझा ऑपरेशन में लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया गया है। वह वॉन्टेड आतंकी और मुख्य हैंडलर बताया जा रहा है।

मूल रूप से श्रीनगर का रहने वाला शब्बीर, बांग्लादेश में बैठकर लश्कर के लिए ‘लॉन्चिंग पैड’ चला रहा था और नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल होकर बड़े आतंकी हमलों की जमीन तैयार कर रहा था।

लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन की घुसपैठ नेपाल बार्डर से

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी अनिल शुक्ला के नेतृत्व में स्पेशल सेल की टीम ने 29 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे एक खुफिया इनपुट के आधार पर गाजीपुर नाले के पास जाल बिछाया। पुलिस को सूचना मिली थी कि लश्कर का एक बड़ा आतंकी नेपाल सीमा पार कर दिल्ली में किसी बड़ी गतिविधि को अंजाम देने पहुंचा है। मौके पर घेराबंदी कर शब्बीर अहमद लोन को दबोच लिया गया।

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जांच में सामने आया है कि हाल ही में पकड़े गए 8 आतंकियों (1 भारतीय और 7 बांग्लादेशी) से पूछताछ के दौरान शब्बीर का नाम सामने आया था। पाकिस्तान में बैठे लश्कर के आकाओं—अबू हुजैफा और सुमामा बाबर—ने शब्बीर को भारत में नया आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

शब्बीर के पास से सुरक्षा एजेंसियों को कई चौंकाने वाली चीजें मिली हैं, जो उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पुष्टि करती हैं। उसके पास से 2300 बांग्लादेशी टका, 5000 पाकिस्तानी रुपया, 1400 नेपाली रुपया के अलावा 3000 रुपये भारतीय, एक नेपाली सिम, आधार कार्ड और व्यक्तिगत सामान की बरामदगी हुई है।

बांग्लादेश में तीसरी शादी और ‘लॉन्चिंग पैड’ का खुलासा

पूछताछ के दौरान शब्बीर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि मार्च 2025 में वह अपने परिवार के साथ भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर बांग्लादेश के सैदपुर चला गया था। वहां उसने अपनी पहचान छुपाने और स्थानीय लोगों में घुलने-मिलने के लिए एक बांग्लादेशी महिला से तीसरी शादी कर ली।

वहां से वह पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडरों के सीधे संपर्क में था। दिल्ली और कोलकाता में जो राष्ट्रविरोधी पोस्टर पिछले दिनों देखे गए थे, उन्हें भी शब्बीर ने ही सुमामा बाबर के कहने पर लगवाया था। इसका मकसद नए भर्ती किए गए युवाओं की ‘ऑपरेशनल कैपेबिलिटी’ को परखना था।

पहले भी जेल जा चुका है शब्बीर, AK-47 के साथ हुआ था गिरफ्तार

शब्बीर अहमद लोन का आतंकी इतिहास पुराना है। उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में हथियारों और ग्रेनेड के साथ पकड़ा था, जिसमें उसे दोषी ठहराया गया था। 2016 में जम्मू-कश्मीर में उसे एके-47 की गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन’ के कमांडर अबू तलहा और घोषित आतंकी आसिफ डार के संपर्क में भी रहा है।

दिल्ली और कोलकाता में रची जा रही थी ‘लोन वुल्फ’ अटैक की साजिश?

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, शब्बीर का मुख्य काम भारत के व्यस्त इलाकों और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाना था। उसने मालदा के उमर फारूक और बांग्लादेशी नागरिक रोबी उल इस्लाम के जरिए कई संवेदनशील जगहों की टोह ली थी। उसका नेटवर्क तमिलनाडु से लेकर कोलकाता और दिल्ली तक फैल चुका था।

इस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब शब्बीर के उन ‘स्लीपर सेल्स’ की तलाश कर रही हैं, जिन्हें उसने नेपाल से घुसपैठ करने के बाद एक्टिव किया था।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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