चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया देंगे 22वां डीपी कोहली व्याख्यानः साइबर अपराध की चुनौतियों पर फोकस

डीपी कोहली व्याख्यानमाला में इस बार चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एक एआई-संचालित नोटिस सत्यापन चैटबॉट ‘अभय’ का शुभारंभ करेंगे।
डी पी कोहली व्याख्यान

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति श्री सूर्य कांत 22 वां डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान देंगे। भारत मंडपम में आयोजित इस व्याख्यान में वह “साइबर अपराध की चुनौतियां-पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका” विषय पर अपने विचार रखेंगे।

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इस अवसर पर वह एक एआई-संचालित नोटिस सत्यापन चैटबॉट ‘अभय’ का भी शुभारंभ करेंगे। यह आम जनता को सीबीआई द्वारा जारी किसी भी नोटिस की वास्तविकता की पुष्टि  की सुविधा प्रदान करेगा। यह ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी के संदर्भ में, नागरिकों के लिए एक अत्यंत आवश्यक उपकरण साबित होगा।

डीपी कोहली व्याख्यान की खास बात

22 वें डीपी कोहली व्याख्यान के अवसर पर सराहनीय सेवा के लिए लगभग 24 पदक भी प्रदान किए जाएंगे। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अपने संस्थापक निदेशक, स्वर्गीय धर्मनाथ प्रसाद कोहली, को ‘डी.पी. कोहली स्मृति व्याख्यान’ के माध्यम से सम्मानित करता है।

इस व्याख्यान का आयोजन वर्ष 2000 से किया जा रहा है। वर्ष 1907 में उत्तर प्रदेश में जन्मे स्व. डी.पी. कोहली ने वर्ष 1931 में पुलिस सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न क्षेत्रों तथा भारत सरकार में उत्कृष्ट सेवाएँ दीं।

उन्होंने वर्ष 1955 से दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) का नेतृत्व किया और 1 अप्रैल 1963 को सीबीआई की स्थापना के समय इसके संस्थापक निदेशक बने, तथा वर्ष 1968 में सेवानिवृत्ति तक इस पद पर रहे।

कोहली ने सीबीआई को एक सशक्त और विश्वसनीय जांच एजेंसी में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसके कार्यक्षेत्र का विस्तार किया और इसकी बुनियाद को मजबूत किया।

उन्होंने मामलों की प्रभावी जांच पर बल दिया और सभी स्तरों के कर्मियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया, यहाँ तक कि उत्कृष्ट जासूसी कार्य के लिए डी.पी. कोहली पुरस्कार की भी स्थापना की।

वर्ष 1967 में पद्म भूषण से सम्मानित, उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता ने सीबीआई की स्वतंत्र, दक्ष और विश्वसनीय संस्था के रूप में प्रतिष्ठा की नींव रखी।

यह व्याख्यान श्रृंखला विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित वक्ताओं को एक साथ लाती है, जो विधि प्रवर्तन, आपराधिक न्याय और जांच संबंधी चुनौतियों पर अपने विचार साझा करते हैं। यह संवाद और ज्ञान-साझा करने का एक मंच प्रदान करती है, जो आधुनिक पुलिसिंग और जवाबदेही की समझ को आगे बढ़ाने में सहायक है।

यह पहल कोहली की उद्यमिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा की दृष्टि को दर्शाती है—वे मूल्य जो आज भी सीबीआई के दायित्वों का मार्गदर्शन करते हैं।

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05-08-2026