झारखंड में राष्ट्रीय वन मेला 2026 का आयोजन होगा। वन मेला का आयोजन खास मकसद से किया जा रहा है। वन विभाग अधिकारियों के मुताबिक इस मेले का मुख्य उद्देश्य झारखंड के वनवासियों, आदिवासियों ,ग्रामीण लोगों को वन उत्पादन से आजीविका संवर्धन का प्रयास है।
वन मेला 2026 के लिए बनी यह कार्ययोजना
वन मेला आयोजन के लिए रांची में प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार के सभागार में बैठक रखी गई। इसमें वन मेला 2026 से संबंधित कार्यक्रम की रूपरेखा जिम्मेदारियां का निर्वहन, निर्धारण ,प्रचार प्रसार एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विचार विमर्श किया गया।
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वन विभाग द्वारा आजीविका संवर्धन जन जागरूकता तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वन मेला आयोजित किया जाना है इस वन मेल को एक समय तथा एक मंच प्रदान कैसे हो जहां आमजन एवं हित धारक एक ही स्थान पर लघु वन उपज,औषधीय पौधों, हर्बल उत्पादों, प्राकृतिक वैलनेस तथा हरित उद्योगों का अवलोकन अनुभव एवं क्रय विक्रय किया जा सके।
मुख्य वन संरक्षक ने क्या कहा
प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने बैठक में बताया कि वन विभाग द्वारा आजीविका संवर्धन जन जागरूकता तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन मेला आयोजित किया जाना है। बैठक में राज्य वन विभाग के कई अन्य आला अधिकारी भी शामिल हुए।
राष्ट्र स्तरीय वन मेला के सफल आयोजन हेतु आयोजित इस बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड होप श्री संजीव कुमार , अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास दी वेंकटेश्वर लू, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक बोकारो, आर थांगा पांडियन,वन संरक्षक प्रशासन श्री पी आर नायडू वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रशासन अजिंक्य बनकर, वन उत्पादकता संस्थान लालगुटवा रांची के आर एस प्रसाद, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के इंजीनियर एस के पांडेय, केंद्रीय तसर अनुसंधान संस्थान रांची के वैज्ञानिक डॉक्टर शांताकार गिरी तथा झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों के उच्च पदाधिकारी ने भाग लिया तथा अपने सुझाव एवं विचार प्रकट किया।








