कहीं आपको नौकरी का ऑफर भेजने वाला फर्जी तो नहीं ! जानिए साइबर ठगी के इस नए तरीके को

अगर आप नौकरी की तलाश में हैं और आपके पास रिक्रूटर से जॉब ऑफर का मेल आ गया है। तो रूक जाइए कहीं आप ठगी के शिकार ना हो जाएं।
फर्जी रिक्रूटर स्कैम में मोबाइल और लैपटॉप के जरिए नौकरी तलाशने वाले को निशाना बनाते साइबर अपराधी

अगर आप नौकरी की तलाश में हैं और आपके पास रिक्रूटर से जॉब ऑफर का मेल आ गया है। तो रूक जाइए कहीं आप ठगी के शिकार ना हो जाएं। क्योंकि साइबर ठग रिक्रूटर की पहचान चोरी कर रहे हैं। इस फर्जी जॉब ऑफर के जाल से बचना बेहद मुश्किल है मगर असंभव नहीं।

ऐसे बुना जाता है फर्जी जॉब ऑफर का जाल

ईमेल पर आया फर्जी जॉब ऑफर देखने में इतना असली लगता है कि अनुभवी लोग भी इससे धोखा खा जाते हैं। संदेश आपके बायोडाटा से परिचित लगता है और इसमें एक असली रिक्रूटर का हस्ताक्षर होता है—साथ ही एक वैध LinkedIn प्रोफ़ाइल का लिंक भी। लेकिन यही सबसे बड़ा धोखा है।

फर्जी जॉब ऑफर का पैमाना मापना काफी कठिन है। क्योंकि कई मामलो में रिक्रूटर अपनी पहचान चोरी होने की बात सार्वजनिक नहीं करना चाहत।

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मैंने 2022 में एक जॉब फ्रॉड केस का पर्दाफाश किया था। हमें NCRP के माध्यम से एक महिला द्वारा दर्ज की गई शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें लगभग ₹2 लाख की वित्तीय धोखाधड़ी का उल्लेख था। प्रारंभिक जाँच में पता चला कि कुछ हाई टेक अपराधियों द्वारा एक सुव्यवस्थित ऑनलाइन घोटाला चलाया जा रहा था।

साइबर ठग बेरोजगार या ज़रूरतमंद युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म (Facebook, YouTube, Instagram) पर आकर्षक वेतन और ऑनलाइन कार्य प्रोफ़ाइल योजनाओं वाले पोस्ट दिखाकर फँसाते थे। वे स्वयं को “Amazon Global Online Sale Improver Business Enhancer” बताकर प्रस्तुत करते थे।
पीड़ितों को नकली स्क्रीनशॉट भेजकर विश्वास दिलाया जाता था कि कोई भी अपने फ़ोन या लैपटॉप से घर बैठे भारी कमाई कर सकता है। इसके बाद उन्हें एक खतरनाक लिंक पर खाता पंजीकृत करने के लिए कहा जाता था। जैसे जैसे जाँच आगे बढ़ी, एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ।
भारतीय युवाओं को निशाना बनाने वाले उभरते साइबर और रोजगार घोटाले
भारत में अंतरराष्ट्रीय और डिजिटल रोजगार घोटालों की बाढ़ आ रही है, जो युवाओं को धोखे, दबाव और साइबर अपराध नेटवर्क के ज़रिए फँसा रहे हैं। धोखेबाज़ Meesho या Amazon जैसे प्लेटफ़ॉर्म के रिक्रूटर्स का रूप धारण कर WhatsApp या Telegram पर नौकरियाँ ऑफ़र करते हैं। शुरू में छोटे भुगतान कर भरोसा दिलाते हैं, फिर बड़े पैमाने पर धोखा देते हैं।

फर्जी जॉब ऑफर कैसे चेक करें

आने वाले जॉब ऑफर की सत्यता की जांच ठीक से करें। कोई भी असली रिक्रूटर बिना आवेदन के जॉब नहीं देता। ऑफर में दिए गए किसी लिंक को एकदम से क्लिक ना करें। जांच लें कि जिस पते पर आपने आवेदन किया था ऑफर वहीं से आया है।

रोकथाम और जागरूकता
• सोशल मीडिया, WhatsApp और जॉब पोर्टल्स पर द्विभाषी परामर्श जारी करें।
• हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में साइबर स्वच्छता गाइड को बढ़ावा दें।
• eMigrate पोर्टल और ट्रैवल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म में स्कैम अलर्ट जोड़ें।
🧠 युवा शिक्षा
• कॉलेज ओरिएंटेशन कार्यक्रमों और स्किल सेंटर्स में स्कैम जागरूकता शामिल करें।
• इन्फ्लुएंसर्स और शिक्षकों के साथ साझेदारी कर “आसान पैसे” के मिथक को तोड़ें।
🛰️ तकनीक और प्रवर्तन
• फर्जी नौकरी विज्ञापनों और फ़िशिंग डोमेनों की AI आधारित पहचान को मज़बूत करें।
• स्कैम नेटवर्क से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स और म्यूल अकाउंट्स की निगरानी करें।
• कानून प्रवर्तन और आव्रजन अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाएँ।
🧭 पीड़ित सहायता और बचाव
• दूतावास नेतृत्व वाले बचाव अभियानों का विस्तार करें और हेल्पलाइन की दृश्यता बढ़ाएँ।
• वीज़ा डेटा से जुड़े लापता व्यक्तियों का डिजिटल रजिस्टर बनाएँ।
• बचाए गए पीड़ितों को कानूनी सहायता और पुनर्वास प्रदान करें।
🔔 साइबर अपराध अब छिपा हुआ ख़तरा नहीं है — यह एक हेडलाइन क्राईसिस है।
आइए जागरूकता को कवच बनाएँ और जन शिक्षा को वास्तविक प्रभाव में बदलें।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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21-07-2026