अभय चैटबॉटः डिजिटल अरेस्ट से बचा सकता है सीबीआई का यह AI टूल

CBI का नया AI चैटबॉट ‘अभय’ नागरिकों को डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों से बचाने के लिए लॉन्च किया गया है, जिससे संदिग्ध नोटिस की तुरंत जांच की जा सकती है।
CBI डीपी कोहली व्याख्यानमाला में अभय AI चैटबॉट को मुख्य न्यायाधीश ने लांच किया

केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने एक ऐसा एआई चैटबॉट लांच किया है जो आपको डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम से बचा सकता है। अब उन ठगों को आसानी से पहचाना जा सकेगा जो खुद को सीबीआई अधिकारी बता फर्जी नोटिस का जाल फेंकते हैं। डिजिटल अरेस्ट स्कैम में मोटी रकम की उगाही होती है।

कब और कहां लांच हुआ सीबीआई का एआई चैटबॉट

सीबीआई के 22 वें डीपी कोहली व्याख्यान में देश मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने अभय को लांॉ किया। व्याख्यान में इस बार मुख्साय विषय साइबर अपराध की चुनौतियां-पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका थी।

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ऐसे काम करेगा सीबीआई का अभय

सीबीआई के एआई चैटबॉट अभय का उद्देश्य है डिजिटल गिरफ्तारी से जुड़े जालसाजी के मामलों पर रोक के साथ साथ सीबीआई नोटिस का तुरंत सत्यापान। ताकि आम आदमी सीबीआई नोटिस के मनोवैज्ञानिक भय से मुक्त हो सके।

अभय संदिग्ध दस्तावेज़ों को CBI के आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलान कर रीयल टाइम में नोटिस की प्रामाणिकता की जांच करता है और नकली धमकियों से मानसिक दबाव कम करने का काम करता है।

जिस तरह से डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं उसके मद्देनजर लोगों में इस भरोसे को कायम करना जरूरी है कि किसी भी नकली चीज की पुष्टि तुरंत हो सकती है।

डीपी कोहली व्याख्यान में साइबर अपराध के बदलते तरीकों पर जोर पुलिस और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत डिजिटल साक्ष्य को स्वीकार करने और तेज न्याय प्रक्रिया पर बल दिया गया।

डर और जोखिम भी है

नकली वेबसाइट या फर्जी ऐप के जरिए भ्रम फैलाया जा सकता है। केवल आधिकारिक चैनलों से ही अभय का उपयोग करें,किसी को भी बैंक या निजी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।

याद रखिए सिर्फ सावधानी ही बचाव है। किसी भी तरह के फ्रॉड होने पर 1930 को कॉल करें या https://cyberpolice.nic.in/ पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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22-09-2026