Chandragupta Maurya-चंद्रगुप्त मौर्य ने ऐसे प्राण त्यागे थे, बिहार स्थापना दिवस विशेष

Chandragupta Maurya-बिहार स्थापना दिवस विशेष की इस कड़ी में दास्तान मौर्य वंश की। जस्टिन एवं स्ट्रैबो ने चंद्रगुप्त मौर्य को सेण्ड्रोकोट्स कहा जिसकी पुष्टि विलिय जोन्स ने भी की। प्लूटार्क एवं एरियन ने चन्द्रगुप्त मौर्य को ‘एण्ड्रोकोटम रूप में चिन्हित किया है। चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरू चाणक्य (कौटिल्य) थे। उन्हीं की सहायता से चन्द्रगुप्त ने 321 ई० पू० में मौर्य वंश की स्थापना की। चन्द्रगुप्त मौर्य ने 305 ई० पू० में सिकन्दर के उत्तराधिकारी सेल्युकस निकेटर के साथ युद्ध किया। युद्ध पश्चात् हुई संधि में चंद्रगुप्त को काबुल, कां मकरान एवं हेरात का क्षेत्र प्राप्त हुआ। बदले में चन्द्रगुप्त ने सेल्युकस को 30 हाथी उपहार में दिये।

Chandragupta Maurya Details in Hindi

यह भी देखें-https://indiavistar.com/the-murder-of-the-father-by-the-son-to-capture-the-power-is-also-a-part-of-the-history-of-ancient-bihar-foundation-day-special-3/

युद्ध पश्चात् चंद्रगुप्त मौर्य का विवाह युनानी राजकुमारी हेलन कालिय (सेल्युकस की पुत्री) से हुआ। सेल्युकस ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में राजदूत ‘मेगास्थनीज’ को भेजा। मेगास्थनी

ने ‘इंडिका’ की रचना की। चन्द्रगुप्त मौर्य के साम्राज्य का विस्तार उत्तर में हिंदुकुश पर्वत ईरान तक, दक्षिण में कर्नाटक तक तथा पश्चिम में सौराष्ट्र तक विस्तृत था।

  • चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन के अंतिम वर्षों में मगध में 12 वर्षों का भीषण अकाल पड़ा। चन्द्रगुप्त मौर्य अपनी राजगद्दी त्यागकर श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) चन्द्रगिरि पर्वत पर तपस्या करने चला गया। चन्द्रगुप्त मौर्य जैन धर्म को मानता था। 298 ई० पू० में उसने जैन उपवास पद्धति सल्लेखना द्वारा अपने प्राण त्याग दिए।
  • यह भी देखें-https://indiavistar.com/know-these-important-facts-about-bihar-special-on-the-foundation-day/

बिन्दुसार चन्द्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी था। उसे अमित्रघात, सिंहसेन आदि नाम भी दिया गया है। स्ट्रेबो के अनुसार सीरिया के राजा एंटियोकस ने डायमेकस नामक राजदूत को बिन्दुसार के दरबार में भेजा था। बिन्दुसार के दरबार में मिस्त्र के राजा टॉलमी फिलाडेल्फस ने डाइनोसियस नामक राजदूत भेजा था। बिन्दुसार ने तक्षशिला में हुए विद्रोह को दबाने के लिए अपने पुत्र अशोक को भेजा था।बिन्दुसार आजीवक संप्रदाय का अनुयायी था।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | डायबिटीज में कौन सी दाल खानी चाहिए? क्या दाल खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं | साइबर अपराध में जमानत मिलती है या नहीं? जानिए आईटी एक्ट क्या कहता है और सुप्रीम कोर्ट ने क्या स्पष्ट किया | क्या बच्चों के लिए सोशल मीडिया सुरक्षित है? फ्रांस के नए कानून से समझिए क्यों बढ़ रही है डिजिटल सुरक्षा की चिंता | CISF की खिलाड़ी निधि ने 10वीं एशियाई पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, भारत का बढ़ाया गौरव | आपकी कार का डेटा चोरी हो रहा है? स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन का सच जानिए | Dhanushkodi Ghost Village: भारत की आखिरी सड़क पर बसा ‘भूतिया गांव’, शाम ढलते ही क्यों लग जाता है कर्फ्यू? | क्रिप्टो Conduits और USDT मनी लॉन्ड्रिंग: साइबर ठग कैसे छिपाते हैं धोखाधड़ी की रकम, जानिए बचाव और कार्रवाई का पूरा मॉडल | पेंशन अदालत क्या है? पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की पूरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा |
24-07-2026