इनकम टैक्स मेल कैसे चेक करते हैं ? इसे जानना आज के युग में सबसे जरूरी हो गया है। आयकर विभाग की अधिकारिक वेबसाइट ही यह बात कहती है। इसलिए यहां आपके इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। आयकर विभाग की अधिकारिक वेबसाइट कई चीजों की जानकारी देती है।
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आयकर विभाग की वेबसाइट साफ तौर पर बताती है कि विभाग कभी भी ईमेल के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी, पिन नंबर, पासवर्ड या बैंक/ क्रेडिट कार्ड का डिटेल नहीं मांगता। तो इस तरह की जानकारी मांगने वाला ईमेल आयकर विभाग का नहीं होता और आपको इसे क्लिक नहीं करना चाहिए।
क्यों जानना जरूरी है कि इनकम टैक्स का मेल कैसे चेक करें
दरअसल भारतीयों को एक खास हैकर समूह “SilverFox” द्वारा नकली आमेल भेजकर ठगा जा रहा है। यह मेल आयकर विभाग के नाम से आते हैं। ये फिशिंग ईमेल यूजर्स को मैलवेयर (ValleyRat, ABCDoor) डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। आपने जैसे ही इन्हें डाउनलोड करते हैं, उन्हें आपके डिवाइस का रिमोट एक्सेस मिल जाता है।
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रिमोट एक्सेस मिलते ही आपके जरूरी डेटा चोरी हो जाता है। इसलिए ध्यान रखें कि अगर मेल के साथ कोई टैक्स का अटैचमेंट भी है तो लिंक या अटैचमेंट पर भी क्लिक ना करें।
कैसे हो रहा है हमला
SilverFox हैकर समूह चीन आधारित साइबर अपराध गैंग है। इन्हें Monarch, SwimSnake, Void Arachne भी कहा जाता है। इनका हमला करने का तरीका आयकर विभाग के नोटिस के रूप में फिशिंग ईमेल भेजना है। पहली बार इस तरह का मामला भारत में पिछले साल दिसंबर में देखा गया।
बाद में इस तरह के मामले रूस, इंडोनेशिया, दक्षिणण अफ्रीका औऱ अन्य देशों में भी फैला। यह कितना खतरनाक है इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि जनवरी-फरवरी 2026 के बीच 1600 के अधिक ईमेल पकड़े गए।
कैसा होता है ईमेल
साइबर हैकर्स द्वारा भेजे गए ये ईमेल अधिकारिक टैक्स ऑडिट और नोटिस की तरह दिखते हैं। इनके साथ टैक्स उल्लंघनों की सूची के नाम से पीडीएफ या चिप फाइलें हो सकती हैं। इनको क्लिक करने पर Rust आधारित लोडर डाउनलोड होता है जो ValleyRAT इंस्टॉल करता है।
इसके बाद हमलावर ABCDoor तैनात करते हैं, जिससे ना केवल फाइलें डाउनलोड अपलोड करने का बल्कि रिमोट एक्सेस मिल जाता है। इससे स्क्रीन को रिययल टाइम में स्ट्रीम करना संभव होता है।
क्या है जोखिम
इस तरह साइबर हैकर्स का शिकार होने पर क्रेडेंशियल की चोरी होने का सबसे बड़ा खतरा होता है। ये विवरण डार्क वेब पर बेचे जाते हैं। नकली IT नोटिस नागरिकों से संवेदनशील डेटा साझा करवाते हैं। भारतीय आईटी कंपनियाँ क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म और रिमोट एक्सेस सिस्टम के कारण असुरक्षित हैं।
इनकम टैक्स मेल कैसे चेक करते हैं
• अनचाहे टैक्स संबंधी ई मेल में लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें।
• भेजने वाले की जाँच करें: आधिकारिक आयकर विभाग ई मेल http://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ से आते हैं।
• ई मेल फ़िल्टर सक्षम करें: संदिग्ध ई मेल ब्लॉक करें और पासवर्ड सुरक्षित आर्काइव स्कैन करें।
• अद्यतन एंटीवायरस और एंडपॉइंट प्रोटेक्शन का उपयोग करें।
• यदि आपको कोई ई मेल या वेबसाइट आयकर विभाग का दावा करती हुई लगे, तो उसे https://www.incometaxindia.gov.in/tax-helpline पर फ़ॉरवर्ड करें।
• एक प्रति incident@cert-in.org.in को भी भेजें।
• ई मेल का Internet Header भी भेज सकते हैं ताकि स्रोत का पता लगाया जा सके।
• रिपोर्ट करने के बाद ई मेल को डिलीट कर दें।
SilverFox अभियान दिखाता है कि साइबर अपराधी कैसे सरकारी संस्थानों पर नागरिकों के भरोसे का दुरुपयोग करते हैं। भारतीयों को टैक्स संबंधी ई मेल के प्रति विशेष सतर्क रहना चाहिए। जागरूकता, सतर्कता और मज़बूत डिजिटल स्वच्छता ही सबसे अच्छे बचाव हैं।
