जानकी नवमी 2026 महोत्सव: मधुबनी में श्रद्धा, संस्कृति और उत्साह का संगम

मधुबनी में माँ जानकी नवमी महोत्सव 2026 के अवसर पर भव्य धार्मिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
मधुबनी में जानकी नवमी 2026 महोत्सव का भव्य आयोजन

मिथिला की पावन धरती पर इस बार जानकी नवमी 2026 महोत्सव मधुबनी में खास उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। माँ जानकी मिथिला पुरुष यादव समिति के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश दिया।

दिनभर चले इस महोत्सव में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

खेलकुद प्रतियोगिताओं से हुई जानकी नवमी 2026 महोत्सव मधुबनी की शुरूआत

सुबह 10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ खेल गतिविधियों के साथ हुआ। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा और खेल पदाधिकारी नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।

आयोजित प्रमुख प्रतियोगिताएं

  • कबड्डी
  • खो-खो
  • वॉलीबॉल

ये प्रतियोगिताएं वाटसन स्कूल मैदान और खेल भवन में आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

विवाह भवन, नगर निगम मधुबनी में नृत्य और संगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

जानकी नवमी 2026 महोत्सव मधुबनी की तस्वीर

प्रवीण मिश्रा के नेतृत्व में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पारंपरिक गीतों और नृत्यों के माध्यम से मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

विजेताओं को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को माननीय कुलपति, विधान पार्षद और बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस सम्मान ने प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ाया।

संध्या में हुआ मुख्य धार्मिक आयोजन

शाम 4:30 बजे विवाह भवन में माँ जानकी नवमी का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन का आयोजन हुआ।

इस पावन अवसर पर संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय, बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा और विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर उपस्थित रहे।

आध्यात्मिक माहौल और वैदिक मंत्रोच्चारण

आचार्य धर्मेन्द्र द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण और स्वस्ति पाठ किया गया, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से श्रद्धा और आस्था के साथ इस आयोजन में भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मृत्युंजय कुमार झा ने बताया कि जानकी सेना वर्ष 2010 से लगातार इस महोत्सव का आयोजन कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस प्रकार रामनवमी मनाई जाती है, उसी उत्साह से जानकी नवमी भी मनाई जानी चाहिए।

प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने संस्कृत और संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।

कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि जानकी नवमी के अवसर पर हर घर में 11 दीप जलाकर इस पर्व को उत्सव के रूप में मनाया जाए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें वरुण कुमार सिंह, प्रो. रामसेवक झा, विनिता ठाकुर, सोनी झा, प्रतिभा रंजन, प्रमोद सिंह, दीपा झा, श्रवण कुमार महतो सहित अन्य लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र झा ने किया और मंच संचालन डॉ. रणधीर कुमार यादव द्वारा किया गया।

मधुबनी न्यूज मां जानकी नवमी महोत्सव 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और आस्था का संगम बनकर उभरा। इस महोत्सव ने यह संदेश दिया कि परंपराओं को जीवित रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं।

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10-09-2026