Haldwani-जानिए हलद्वानी का पूरा सच और पाकिस्तान का कनेक्शन

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Haldwani-हलद्वानी में करीब एक माह पहले जिस तरह से हिंसा भड़की थी उसमें सीमा पार का हाथ था। खुफिया एजेंसियों की जांच के बाद साफ हो गया है कि हलद्वानी हिंसा में सीमापार बैठे हैंडलर्स ने हैशटैग और सोशल मीडिया के सहारे गहरी साजिश रची थी। हैशटैग में जान बूझकर ऐसे पोस्ट ट्रेंड करवाए गए थे जिससे भारत में सांप्रादायिक माहौल बिगड़े।

Haldwani update in Hindi

8 फरवरी, 2024 को उत्तराखंड के हलद्वानी में बनभूलपुरा क्षेत्र में स्थित एक अनधिकृत मदरसे और मस्जिद को अदालत के आदेश पर गिराए जाने के कारण हिंसक झड़पें हुईं। अशांति के दौरान कानून प्रवर्तन कर्मियों पर पथराव किया गया। वाहनों को आग लगा दी गई और पेट्रोल बमों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी और दंगाइयों ने बिना किसी उकसावे के पुलिस की संयुक्त अतिक्रमण विरोधी टीम पर हमला किया था।भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर भारत को निशाना बनाने वाली एक नकारात्मक कहानी प्रचलित की गई, जिसमें प्रचारकों ने भारत को मुस्लिम विरोधी के रूप में चित्रित किया।

भारत विरोधी माहौल बनाने के लिए # haldwaniriots, #Haldwaniviolence और #Stoptargettingindianmuslims जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया गया। कई पाकिस्तानी बीओटी (BOT) हैंडल भी सक्रिय रूप से इस भारत विरोधी प्रचार को फैलाने में जुटे। सोशल मीडिया पर हल्द्वानी हिंसा से संबंधित अधिकांश पोस्ट नकारात्मक भावनाओं को व्यक्त करने वाले थे000।

भारत को निशाना बनाने के लिए सोशल मीडिया पर नकारात्मक हैशटैग का इस्तेमाल किया गया। पाकिस्तानी सोशल मीडिया बीओटी अकाउंट कथित तौर पर भारत के खिलाफ नफरत भरी बयानबाजी फैलाने में लगे हुए हैं और उन पर भारत के भीतर मुसलमानों को भड़काने का भी आरोप है।

Details

पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी तत्वों की हरकत पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। हलद्वानी की जांच में एक बार फिर सामने आ गया है कि सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैशटैग की जाल में ना फंसा जाए।

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Alok Verma
a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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18-07-2026