Delhi crime-उधार का पैसा वसूलने के लिए पहले अपहरण कर पिटाई और फिर 8 वीं मंजिल से फेंककर हत्या करने का सनसनीखेज मामला दिल्ली में सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले का खुलासा करते हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उधार लेने वाला फर्जी खाता खोलकर ऑनलाइन फ्राड करने वालों को देता था। जानिए पूरा मामला क्या था।
Delhi crime-यह है पूरा मामला
क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी संजय भाटिया के मुताबिक डीसीपी राकेश पावरिया की देखरेख में एसीपी पंकज अरोड़ा, इंस्पेक्टर गौरव चौधरी, सुनील कालखांडे, एस आई सौरभ, यशपाल सिंह, एएसआई मुनव्वर खान, हेडकांस्टेबल विजय, अंकुर, अनुप, रोशन, जय सिंह और प्रवीण की टीम ने अहमद सलमान उर्फ राजा और धर्मेश मलिक नामक दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि दिल्ली की लोधी कालोनी में हुई अपहरण और हत्या के एक मामले में लिप्त दो बदमाश गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक सोसायटी के पास आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में सनसनीखेज कहानी का खुलासा हुआ।
धर्मेश मलिक ने पूछताछ में बताया कि मृत चंदन फर्जी बैंक खाते सप्लाई करने का काम करता था। वह ऑनलाइन फ्राड और सट्टा खेलने वालों को बैंक खाते मुहैया करवाता था। उसने धर्मेश से अत्यधिक ब्याज पर 8-9 लाख रुपये कर्ज लिया था। नगर वह पैसे वापस नहीं कर रहा था। इस मामले का बिचौलिया अहमद सलमान था।
20 अप्रैल को अहमद और उसके साथियों मे चंदन को सराय काले खां के पास से अगवा कर लिया। उसे धर्मेश के स्कार्पियो कार में लेकर वह लोधी कालोनी स्थित एनडीएमसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो चंदन और वक्त देने की बात करने लगा। इस पर आरोपियों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद उसे 8वीं मंजिल से नीचे फेंकर कर फरार हो गए।
पढ़ने योग्य
- दिल्ली की द्वारका पुलिस के हत्थे ऐसे चढ़ा यह भगोड़ा
- TRAI का सबसे बड़ा फैसलाः AI अब बंद करेगी फ्राड कॉल्स, जानें पूरी जानकारी
- डीपीडीपी कानून और गैर डिजिटल डाटाः लाखों नागरिकों की गोपनीयता का अधूरा सच
- मध्यमा परीक्षा 2026ः तारीख, केंद्र और परिणाम की पूरी जानकारी
- नेहा बालाः झारखंड की साइबर शेरनी जिसने अंतर्राष्ट्रीय ठगों को धूल चटाई











