west bengal news-पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर विश्व हिंदी परिषद सहित कई संगठनो ने एनआईए जांच की मांग की है। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने मुर्शिदाबाद में रामनवमी के अवसर पर हमले की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए उसे एक आतंकवादी घटना बताया है तथा उसकी एनआईए द्वारा जांच की मांग की है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा-मंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आरोप लगाया है कि यह हमला टीएमसी के संरक्षण में वहां के जिहादियों के द्वारा किया गया जिसमें दर्जनों हिंदू घायल हुए और दसियों लोग अभी तक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में पड़े हैं।
west bengal news video
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की सुरक्षित और स्वाभिमान पूर्ण जीवन जीने को सुनिश्चित करने के लिए विहिप ने घटना के विरुद्ध राज्य व्यापी प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन देने की घोषणा भी की है। डॉ जैन ने कहा कि मुर्शिदाबाद में रामनवमी के पावन अवसर पर निकल रही शोभायात्रा पर जिहादियों के द्वारा किया गया प्राण घातक हमला एक आतंकवादी घटना से कम नहीं है।
उनका कहना है कि घरों की छतों से पत्थर फेंके गए, शोभा यात्रा में शामिल हिंदुओं पर बम फेके गए, तलवारों से हमला किया गया और घेर कर जान से मारने की कोशिश की गई। यह सब एक दिन की तैयारी से नहीं हो सकता था। हफ्तों से तैयारी चल रही होगी, जिसकी जानकारी टीएमसी और सरकार को ना हो यह संभव नहीं है।
विहिप का आरोप है कि यह हमला टीएमसी के संरक्षण में वहां के जिहादियों के द्वारा किया गया जिसमें दर्जनों हिंदू घायल हुए और दसियों लोग अभी तक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में पड़े हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अपनी प्रत्येक सभा में शांति की अपील कर रही थी और रामनवमी पर दंगे की आशंका व्यक्त कर रही थी। वास्तव में वे इसकी आड़ में मुस्लिम समाज को भड़का रही थी। यात्राओं पर हमला करवाने के लिए यही काम इन्होंने पिछले वर्ष भी किया था जब शांति की अपील करने के बाद भी 15 से अधिक यात्राओं पर हमले हुए थे।
विहिप के संयुक्त महा सचिव ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि बंगाल में हिंदू अपनी “मां_ माटी_ मानुष” तीनों को सुरक्षित नहीं रख सकता है। उसे अपनी यात्राओं के लिए माननीय उच्च न्यायालय की अनुमति लेनी पड़ती है। जिन स्थानों पर सरकार ने अनुमति दी भी उनमें से कई जगह वापस लिया गया। जादवपुर विश्वविद्यालय में पहले अनुमति देना बाद में वापस लेना इसी बात का संकेत है।
उन्होंने बोला कि बंगाल का हिंदू समाज अब और अधिक इस हिंदू विरोधी वातावरण को सहन नहीं कर सकता। वह इसका मुकाबला करने के लिए खड़ा हो गया है और इसीलिए रामनवमी की शोभायात्रा में लाखों की संख्या में राम भक्त आते हैं। बंगाल के हिंदू ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि जब भी कोई क्रांति होगी उसका प्रारंभ बंगाल से होगा और बंगाल से भगवा क्रांति प्रारंभ हो चुकी है।
उन्होंने घोषणा की कि विश्व हिंदू परिषद इसका प्रत्येक प्रजातांत्रिक तरीके से मुकाबला करेगी। हम माननीय उच्च न्यायालय में जा रहे हैं और इस आतंकी हमले की जांच एनआईए के द्वारा हो इसकी मांग करेंगे क्योंकि जो प्रशासन मिलीभगत कर रहा है। वह अपने ही कारनामों की जांच नहीं कर सकता। हम माननीय राज्यपाल से भी मिलेंगे। हिंदू समाज की सुरक्षित और स्वाभिमान पूर्ण जीवन जीने को सुनिश्चित करने के लिए विहिप ने घटना के विरुद्ध राज्य व्यापी प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन देने की घोषणा भी की है।
पढ़ने योग्य
- दिल्ली साइबर क्राइम पर बड़ा बदलाव: ऑनलाइन ठगी के बाद D4C और 1930 कैसे करेंगे मदद
- भारत में उच्च शिक्षा की समस्याएं: महंगी फीस कैसे निगल रही मध्यम वर्ग के सपने
- ISRO के रॉकेट मिशनों से जुड़े रसायनी केंद्र की सुरक्षा CISF के हाथ, जानिए क्यों अहम है यह परिसर
- विदेश में नौकरी का झांसा देकर बनाते थे साइबर गुलाम, म्यांमार ने रखा मृत्युदंड का प्रावधान
- गंगा में ऊदबिलाव के लिए कहां बचा ठिकाना? 22 नदियों के सर्वे में सामने आई चिंताजनक तस्वीर












