कंबोडिया और दुबई कनेक्शन वाला साइबर सिंडिकेट ने रिटायर्ड आर्मी कर्नल को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 15 लाख रुपये की उगाही कर ली। दिल्ली पुलिस ने के पास पहुंची शिकायत की जांच में खुलासा हुआ कि इस साइबर सिंडिकेट में बैंककर्मी भी शामिल था। पुलिस ने सिंडिकेट के चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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दिल्ली पुलिस के डीसीपी साउथ वेस्ट अमित गोयल के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों पर साइबर फ्रॉड सिंडिकेट को mule और current bank accounts उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिस beneficiary bank account में पहुंची, वह National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) की 17 शिकायतों से जुड़ा मिला। इन शिकायतों में करोड़ों रुपये के fraudulent transactions की जानकारी सामने आई है।
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जांच में आरोपियों के तार Cambodia और UAE/Dubai में सक्रिय cyber-fraud operators से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
Digital Arrest Scam में कैसे फंसे Retired Army Colonel?
शिकायत के मुताबिक, 15 अप्रैल 2026 को रिटायर्ड Army Colonel को एक फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि महाराष्ट्र पुलिस के आदेश पर उनका telephone connection बंद किया जा रहा है।
इसके बाद उन्हें दूसरे नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया। वहां एक व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके नाम और जानकारी का इस्तेमाल मुंबई में एक अवैध bank account खोलने में हुआ है।
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कॉल करने वाले ने इस कथित account को money laundering, investment fraud और terrorist financing से जोड़ दिया।
इसके बाद आरोपियों ने डर पैदा करने के लिए fake ED arrest warrant, court papers, anticipatory bail document और fabricated Bombay High Court तथा RBI communications भेजे। पीड़ित और उनकी पत्नी को Digital Arrest में होने की बात कही गई।
लगातार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के बाद पीड़ित से उनकी assets की जानकारी ली गई और कथित RBI instructions के नाम पर ₹15.50 लाख transfer करा लिए गए।
₹15.50 लाख की रकम से खुला बैंक अकाउंट का नेटवर्क
Cyber Police की जांच टीम ने money trail, beneficiary accounts, digital footprints और technical surveillance के जरिए मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
ठगी की ₹15.50 लाख की रकम एक Ludhiana-based bank account में पहुंची। यह account आरोपी Sarbjit के नाम पर था।
पूछताछ में सामने आया कि Sarbjit ने अपना current account Suraj को दिया था। Suraj का संपर्क Sandeep से हुआ था, जो account-providing bank में कर्मचारी था।
इसके बाद Suraj ने Telegram के जरिए Naresh @ Lucky से संपर्क किया। Sarbjit, Suraj और Sandeep Jaipur गए थे, जहां account kit Naresh @ Lucky को सौंपे जाने की बात जांच में सामने आई।
पुलिस के अनुसार Naresh @ Lucky ने आगे इस account को Cambodia और UAE/Dubai में सक्रिय cyber-fraud operators तक पहुंचाया।
यहीं से जांच एक आम cyber fraud से आगे बढ़कर mule bank account supply network तक पहुंची।
पंजाब और राजस्थान से हुई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Sarbjit, निवासी Ludhiana, Punjab, उम्र 38 वर्ष, वह current bank account holder था जिसमें ₹15.50 लाख की ठगी की रकम पहुंची थी।
Suraj, निवासी Ludhiana, Punjab, उम्र 30 वर्ष, पर current accounts की खरीद और उन्हें आगे उपलब्ध कराने में intermediary की भूमिका निभाने का आरोप है।
Sandeep, निवासी Ludhiana, Punjab, उम्र 32 वर्ष, account-providing bank में कर्मचारी था। पुलिस के मुताबिक उसने banking sector में अपने contacts और जानकारी का इस्तेमाल accounts उपलब्ध कराने में मदद के लिए किया।
Naresh @ Lucky, निवासी Sikar, Rajasthan, पर Suraj से Telegram के जरिए accounts लेने और उन्हें Cambodia तथा UAE/Dubai से जुड़े cyber-fraud operators तक पहुंचाने का आरोप है। Cyber Fraud में Mule Bank Account का इस्तेमाल
इस मामले की जांच में एक commission-based model सामने आया। ऐसे लोगों की तलाश की जाती थी जो commission के बदले अपने current bank accounts उपलब्ध कराने के लिए तैयार हों।
पुलिस के अनुसार Sandeep ने banking sector में अपने contacts का इस्तेमाल करते हुए account procurement में मदद की। Suraj accounts को आगे पहुंचाता था, जबकि Naresh @ Lucky domestic suppliers और विदेश से जुड़े cyber-fraud operators के बीच link की भूमिका में था।
इन accounts का इस्तेमाल fraud से हासिल रकम receive करने के लिए किया जाता था।
यानी Digital Arrest Scam में पीड़ित से पैसा ठगने वाले व्यक्ति और उस पैसे को receive करने वाला bank account holder एक ही व्यक्ति होना जरूरी नहीं है। ऐसे मामलों में कई स्तरों पर accounts और intermediaries का इस्तेमाल किया जा सकता है।












