एसएसबी की 56वीं वर्षगांठ में अमित शाह ने यह कहा

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल की 56वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सशस्त्र सीमा बल ने सदैव निष्ठा के साथ कार्य किया है और देश के सामने अनेकों आंतरिक चुनौतियों के समय इस बल के जवानों ने प्राणों की चिंता किए बगैर देश में शांति व्‍यवस्‍था स्‍थापित करने में अपना अतुलनीय योगदान दिया है । श्री शाह ने कहा कि जब भी भारत की एकता और अखंडता का इतिहास लिखा जाएगा सशस्त्र सीमा बल का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा । उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल ने विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में रहते हुए नागरिकों को एक इकाई के रूप में जोड़ने का काम किया है। श्री शाह का कहना था कि चाहे मित्र राष्ट्र की सीमाएं हों, नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो या कश्मीर में तैनाती, हर समय इस बल के जवान राष्ट्र के लिए बलिदान को तैयार रहते हैं।

 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 25वीं बटालियन, घिटोरनी परिसर, नई दिल्ली में 56वां स्थापना दिवस हर्षो-उल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। गृह मंत्री ने एसएसबी महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा के साथ परेड का निरिक्षण किया और स्थापना दिवस के कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुये परेड की सलामी ली। समारोह के मुख्य आकर्षण में एसएसबी की नौ सुशोभित टुकड़ियों का एक आकर्षक मार्च पास्ट शामिल था, जिसमें सभी सीमांत मुख्यालयों व स्पेशल ऑप्स के विशेष दल, एक महिला टुकड़ी और श्वान दस्ते शामिल थेI इसके बाद माननीय मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायक संबोधन द्वारा बल के प्रयासों में उत्कृष्टता के लिए सराहना की। तत्पश्चात राष्ट्र की बहुमूल्य सेवा के लिए 02 राष्ट्रपति पुलिस पदको तथा विशिष्ट सेवा के लिए 18 पुलिस पदको से एसएसबी के अधिकारियो व कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीमाओं की रक्षा के लिए व अपने कर्तव्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न एसएसबी बटालियन और सीमान्त मुख्यालय को पुरस्कार प्रदान किये । इस समारोह की भव्यता को बढाते हुए एसएसबी की डेयरडेविल टीम,  मोटरसाइकिल दस्ते, वुशु तथा श्वान दस्तों ने रोमांचकारी प्रदर्शन द्वारा  सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।  एसएसबी की राष्ट्रीय एकीकरण पहल के तहत अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र के प्रसिद्ध लायन नृत्य का शानदार प्रस्तुतिकरण किया गया I

इस शुभ अवसर पर माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में भारत माता के उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान किया ।  गृह मंत्री ने एसएसबी के शहीद नीरज छेत्री के लिए भी विशेष उल्लेख किया, जो 02 जून 2019 को झारखंड के दुमका जिले में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में एसएसबी के मार्चिंग अनुशासन की सराहना की और नेपाल व  भूटान के साथ भारत की लगभग 2450 मैत्रीपूर्ण सीमा पर एसएसबी के कर्तव्यनिर्वहन की प्रशंसा की। मुख्य अतिथि ने समय के भीतर अपनी सभी 73 स्वीकृत बटालियन और अन्य संरचनाओं की स्थापना व  संचालन के लिए एसएसबी की सराहना की और बल और उसके कर्मियों को जब्ती और गिरफ्तारी के क्षेत्र में प्रचालन उपलब्धियों के लिए भी बधाई दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और असम के अशांत और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में एसएसबी की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया तथा कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि चाहे वह सीमाओं की रक्षा करना हो या चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना, आतंकवाद से लड़ना हो या देशवासियों को प्राकृतिक आपदाओं की परिस्थिति में  बचाना हो, एसएसबी ने कठिन परिस्थितियों में भी  अपने कर्तव्यों को प्रतिबद्धता से निभाया  है। 

अमित शाह ने उल्लेख किया कि एसएसबी देश का पहला बल है,  जिसमें वर्ष 2007 में पहली बार  महिलाओं की भर्ती और तैनाती की गई थी। तब से महिलाएं भी राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान दे रही हैं और आगे बढ़ रही हैं व अपने पुरुष सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र सेवा की राह पर अग्रसर हैं ।  पहली बार एसएसबी की 22 महिला कर्मियों की टुकड़ी वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के एक हिस्से के रूप में कांगो में तैनात की गयी है, जो कि हमारे देश के लिए सम्मान की बात है और साथ ही साथ यह महिला सशक्तीकरण का  उदाहरण है।  उन्होंने एसएसबी द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में  सुधार के लिए आयोजित किए जा रहे नि: शुल्क चिकित्सा शिविरों, पशु चिकित्सा शिविरों और अन्य कार्यक्रमों की सराहना कीI   एसएसबी ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ मिलकर 08 स्थानों पर  युवाओं को  कौशल विकास प्रशिक्ष्ण प्रदान करने के लिए भी प्रशंसा की क्योंकि एक तरफ यह युवा रोजगार प्राप्त  करेंगे और दूसरी ओर देश-विरोधी और असामाजिक तत्वों को हमारे युवाओं को गुमराह करने का अवसर नहीं मिल पायेगाI 

कई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में इस वर्ष 72 स्वर्ण, 60 रजत और 75 कांस्य पदक जीतने वाले एसएसबी के खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी सराहा गयाI

केंद्रीय गृह मंत्री  ने सीमावर्ती क्षेत्रों से “शैक्षिक भ्रमण सह अध्ययन यात्रा” के लिए आये लड़कियों और लड़कों के एक समूह से भी मुलाकात की और कहा की नि:संदेह ही इससे भारत सरकार के “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान को बढ़ावा मिलेगा तथा ये युवा देश के  विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझकर राष्ट्र निर्माण में  महत्वपूर्ण योगदान देंगेI  गृह मंत्री  ने राष्ट्रीय एकीकरण और राष्ट्र निर्माण के महत्व पर बल देते हुए उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

 अमित शाह ने भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया तथा कहा कि  भारत के सीएपीएफ कर्मियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 57 से बढ़ाकर 60 वर्ष हो गयी है जिससे  सभी बल कर्मी  लाभान्वित होंगे।  इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय इस ओर कार्य कर  रहा है तांकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक  जवान अपने परिवार के साथ प्रति वर्ष कम से कम 100 दिन बिता सके।  जवानों को बेहतर आवासीय सुविधा प्रदान करने और क्षेत्रीय मुख्यालय, बटालियन मुख्यालय, कम्पोजिट हॉस्पिटल और पृथक पारिवारिक आवास की स्थापना के लिए इस वर्ष बजट आवंटित किया जा चुका है और निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा।

सशस्त्र सीमा बल को 56वीं वर्षगांठ के इस शानदार समारोह के अवसर पर अपने मेहमानों की मेजबानी करने का मौका प्राप्त हुआ, जिसमें भारत में नेपाल के राजदूत नीलाम्बर आचार्य, भारत में भूटान के राजदूत मेजर जनरल वेस्टॉप नामग्याल, थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत,  सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक  वी. के. जौहरी, महानिदेशक आईटीबीपी एस एस देशवाल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक ऐ.के सिंह,  महानिदेशक नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो, राकेश अस्थाना और एनडीआरएफ के महानिदेशक एस.एन.प्रधान व अन्य महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्त उपस्थित थे I

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08-09-2026