दिल्ली के आरआरटीएस (RRTS) सराय काले खां स्टेशन पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान की सतर्कता से 7 वर्षीय बच्चे को संदिग्ध अपहरण और संभावित मानव तस्करी के प्रयास से सुरक्षित बचा लिया गया। यह घटना 28 जुलाई 2026 की शाम हुई, जब सीसीटीवी निगरानी के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवान को एक पुरुष और एक महिला के साथ रोता हुआ बच्चा दिखाई दिया।
यह भी पढ़ेंः दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा खुलासा: मोजों में छिपा था 1.21 किलो सोना, CISF की मुस्तैदी से खुली पोल
जवान ने स्थिति को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत दोनों को रोककर पूछताछ की। इसी दौरान बच्चे ने बताया कि वह उनके साथ अपनी इच्छा से नहीं जा रहा है और उसे जबरदस्ती ले जाया जा रहा था। इसके बाद सीआईएसएफ ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी, जबकि बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
भीड़भाड़ वाले ट्रांजिट हब अपराधियों के निशाने पर क्यों रहते हैं?
रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस अड्डे और बड़े ट्रांजिट हब रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही देखते हैं। ऐसे स्थानों पर कई बार अकेले या असुरक्षित बच्चों को निशाना बनाने की कोशिश होती है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मानव तस्करी करने वाले गिरोह ऐसे बच्चों को जबरन भीख मंगवाने, बाल श्रम या अन्य अवैध गतिविधियों में धकेलने का प्रयास कर सकते हैं।
यह भी पढ़ेंः CISF की पहली महिला QRT तैयार, अब आतंकवादियों से मोर्चा लेंगी महिला कमांडो, जानिए क्यों है यह ऐतिहासिक कदम
ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और आम नागरिकों की जागरूकता कई बार बड़ी घटनाओं को टाल देती है।
CISF जवान ने कैसे पकड़ी संदिग्ध गतिविधि?
मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को शाम लगभग 5:55 बजे सराय काले खां RRTS स्टेशन के गेट नंबर-1 पर ड्यूटी के दौरान सीआईएसएफ के कांस्टेबल (GD) कुलदीप, जो सीसीटीवी ऑब्जर्वर के रूप में तैनात थे, ने एक पुरुष और महिला के साथ लगातार रोते हुए बच्चे को देखा।
बच्चे के व्यवहार और दोनों लोगों की गतिविधियों पर संदेह होने पर उन्होंने तुरंत उन्हें रोक लिया। पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना नाम बंटी बताया और कहा कि दोनों लोग उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जा रहे हैं।
बच्चा सराय काले खां स्थित एक रैन बसेरे का रहने वाला बताया गया। वहीं संदिग्ध महिला की पहचान मध्य प्रदेश के दमोह जिले की निवासी के रूप में हुई। इसके बाद स्टेशन के शिफ्ट इंचार्ज और एससीआर कंट्रोलर ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
कुछ ही देर में सराय काले खां पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को आगे की जांच तथा कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई।
बच्चे की सुरक्षा सबसे पहले
पुलिस कार्रवाई के बाद बच्चे के परिजनों से संपर्क किया गया और उसे सकुशल उनके हवाले कर दिया गया। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक संभावित गंभीर अपराध टल गया।
| संकेत | क्या करें |
|---|---|
| बच्चा लगातार रो रहा हो | आसपास मौजूद सुरक्षा कर्मियों को तुरंत सूचना दें |
| बच्चा कहे कि वह साथ चल रहे लोगों को नहीं जानता | तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसी को बुलाएं |
| किसी बच्चे को जबरदस्ती खींचा जा रहा हो | बिना देर किए 112 पर कॉल करें |
| बच्चा मदद के लिए आवाज लगा रहा हो | सुरक्षित तरीके से हस्तक्षेप करें और अधिकारियों को सूचित करें |
| संदिग्ध व्यक्ति सवालों के जवाब बदल रहे हों | घटना की जानकारी पुलिस को दें |
सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या करें?
- छोटे बच्चों को भीड़ में अकेला न छोड़ें।
- बच्चों को माता-पिता का मोबाइल नंबर याद कराएं।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों का हाथ न छोड़ें।
- बच्चा नजर न आए तो तुरंत स्टेशन कंट्रोल रूम या पुलिस से संपर्क करें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि को अनदेखा न करें और तुरंत सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें।
NCRTC ने CISF जवान की सराहना की
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक ने कांस्टेबल कुलदीप की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना था कि समय पर उठाया गया यह कदम एक संभावित गंभीर अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। यह घटना सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भूमिका का उदाहरण भी है।












