CISF की पहली महिला QRT तैयार, अब आतंकवादियों से मोर्चा लेंगी महिला कमांडो, जानिए क्यों है यह ऐतिहासिक कदम

CISF ने पहली महिला Quick Reaction Team तैयार कर सुरक्षा व्यवस्था में नया अध्याय जोड़ा है। महिला कमांडोज को आतंकवाद विरोधी अभियान, क्लोज क्वार्टर बैटल और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे विशेष प्रशिक्षण दिए गए हैं।
RTC बड़वाह में प्रशिक्षण प्राप्त CISF की महिला कमांडो, पहली महिला Quick Reaction Team के गठन के बाद समूह चित्र।

CISF महिला कमांडो की पहली QRT टीम तैयार है। CISF महिला कमांडो की इस पहली QRT टीम कई खास विशेषताओं के लिए ऐतिहासिक बन चुकी है। इस टीम में शामिल CISF महिला कमांडो जटिल शहरी माहौल में ऑपरेशन चलाने और बंधक संकट जैसी गंभीर स्थितियों से निपटने की विशेषज्ञता के साथ साथ काउंटर टेररिज्म और तुरंत रिस्पांस करने की कई तरह के पैमानों पर खास बनाई गई हैं।

यह भी पढ़ेंः CISF Training: ड्रोन, साइबर सुरक्षा और कमांडो ट्रेनिंग से कैसे तैयार होते हैं अधिकारी?

CISF ने तैयार की पहली महिला Quick Reaction Team

CISF महिला कमांडो

बेंगलुरु स्थित 10वीं रिजर्व बटालियन में ‘प्रथम महिला क्विक रिएक्शन टीम (QRT) कोर्स’ का भव्य पासिंग आउट परेड के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। इसी के साथ, CISF की 10वीं रिजर्व बटालियन (बेंगलुरु) को आधिकारिक तौर पर बल का ‘महिला QRT प्रशिक्षण केंद्र’ घोषित कर दिया गया है।

महिला कमांडोज को मिला कैसा प्रशिक्षण


CISF महिला कमांडोज के इस पहले बैच को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहद कठोर और विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया गया है। सामान्य सुरक्षा दायरों से आगे बढ़कर इन महिला कमांडोज को कुछ खास क्षेत्रों में निपुण बनाया गया है। इन्हें
• टैक्टिकल ऑपरेशन्स एवं क्लोज-क्वार्टर बैटल (CQB): जटिल शहरी माहौल में ऑपरेशन चलाने और बंधक संकट जैसी गंभीर स्थितियों से निपटने की विशेषज्ञता।
• काउंटर-टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी) अभ्यास: किसी भी अचानक हुए हथियारबंद खतरे को तेजी और सटीकता के साथ नाकाम करना।
• रैपिड रिस्पॉन्स एवं रिफ्लेक्स फायरिंग: आधुनिक और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए त्वरित कार्रवाई करना, ताकि देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को हर आपात स्थिति में सुरक्षित रखा जा सके।

में एक्सपर्ट किया गया है।

यह भी पढ़ेंः CISF Women Band ने रचा इतिहास, ऑल इंडिया पुलिस बैंड प्रतियोगिता में जीता गोल्ड

ADG बिनीता ठाकुर ने क्या कहा

इस पासिंग आउट समारोह की मुख्य अतिथि सीआईएसएफ (एयरपोर्ट सेक्टर) की अपर महानिदेशक (ADG) श्रीमती बिनीता ठाकुर, आईपीएस थीं। प्रशिक्षुओं के असाधारण समर्पण और बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा संरचना में महिलाएँ अब केवल भागीदार ही नहीं, बल्कि सबसे आगे रहकर नेतृत्व कर रही हैं।


श्रीमती ठाकुर ने कहा:
“यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका का एक नया रूपांतरण है।”
उन्होंने महिला कमांडोज से यूनिफॉर्म पहनने वाली भावी पीढ़ियों के लिए एक मिसाल और प्रेरणा बनने का आह्वान किया।

अत्याधुनिक QRT ट्रेनिंग एरिया का उद्घाटन

एडीजी श्रीमती ठाकुर ने बटालियन परिसर में एक समर्पित ‘QRT ट्रेनिंग एरिया’ का भी उद्घाटन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह क्षेत्र महिला कमांडोज को वास्तविक संकट जैसी परिस्थितियों में यथार्थवादी अभ्यास (Realistic Exercises) करने का अवसर प्रदान करेगा।

इससे पहले, बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC), बड़वाह में पहले पूर्णतः महिला कमांडो बैच का प्रशिक्षण शुरू किया गया था। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए, हाल ही में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की सीआईएसएफ यूनिट की ‘क्विक रिएक्शन टीम’ (QRT) विंग में 22 महिला जवानों को शामिल किया गया है।


देश की सुरक्षा पर CISF की पहली महिला QRT का क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस कदम से देश के सबसे व्यस्त जन-परिवहन नेटवर्क में से एक, दिल्ली मेट्रो की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और भी सुदृढ़ हुई है। इसके अलावा, देश के विभिन्न संवेदनशील हवाई अड्डों की सुरक्षा में भी सीआईएसएफ की महिला क्यूआरटी पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं।

सीआईएसएफ की पहली महिला क्विक रिएक्शन टीम (QRT) का गठन केवल एक नए प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत भी है। अब तक त्वरित प्रतिक्रिया और उच्च जोखिम वाले अभियानों में पुरुष कमांडो की भूमिका अधिक दिखाई देती थी, लेकिन महिला QRT के तैयार होने से सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता और मजबूत होगी।

हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो, परमाणु एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सरकारी परिसरों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर किसी भी आतंकी हमले, गोलीबारी, बंधक संकट या आपात स्थिति में QRT सबसे पहले मोर्चा संभालती है। ऐसे अभियानों में प्रशिक्षित महिला कमांडो की मौजूदगी कई परिस्थितियों में अधिक प्रभावी साबित हो सकती है, विशेषकर तब जब तलाशी, निकासी या महिला यात्रियों और कर्मचारियों से जुड़े सुरक्षा अभियानों की आवश्यकता हो।

कुल मिलाकर, पहली महिला QRT का गठन देश की आंतरिक सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ यह भी दर्शाता है कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सीआईएसएफ अपने संसाधनों और मानवबल को नए स्वरूप में विकसित कर रहा है। प्रशिक्षित महिला कमांडो अब उन जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार हैं जिन्हें अब तक अत्यधिक जोखिम वाले विशेष अभियानों की श्रेणी में देखा जाता रहा है।

CISF लगातार बढ़ा रही है महिलाओं की भूमिका

गौरतलब है कि देश के सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में सीआईएसएफ के पास महिला कर्मियों का अनुपात सबसे अधिक है। बल लगातार अपनी महिला कर्मियों को सुरक्षा कर्तव्यों में सबसे आगे लाने और उन्हें विशेष ऑपरेशंस के लिए सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। 10वीं रिजर्व बटालियन में इन महिला कमांडो का तैयार होना देश की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।


आखिर QRT क्या होती है?

QRT (Quick Reaction Team) यानी क्विक रिएक्शन टीम सुरक्षा बलों की एक विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो इकाई होती है, जिसे किसी भी आपात स्थिति में सबसे कम समय में कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाता है। जब किसी संवेदनशील प्रतिष्ठान, हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन, औद्योगिक इकाई या सरकारी परिसर में आतंकी हमला, गोलीबारी, बंधक संकट या अन्य गंभीर सुरक्षा खतरा उत्पन्न होता है, तो सबसे पहले QRT ही मोर्चा संभालती है।

सामान्य सुरक्षा ड्यूटी निभाने वाले जवानों की तुलना में QRT के कमांडो को कहीं अधिक कठिन और विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें आधुनिक हथियारों के संचालन, क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB), शहरी इलाकों में अभियान, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, त्वरित निर्णय लेने और संकटग्रस्त लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाता है। उनका उद्देश्य खतरे को शुरुआती चरण में नियंत्रित करना और स्थिति को तब तक संभालकर रखना होता है, जब तक आवश्यकता पड़ने पर अन्य विशेष बल मौके पर नहीं पहुंच जाते।

सीआईएसएफ की QRT देश के कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इनमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डे, दिल्ली मेट्रो, परमाणु एवं अंतरिक्ष प्रतिष्ठान, बंदरगाह, बिजली संयंत्र, रिफाइनरी, रक्षा उत्पादन इकाइयां और अन्य रणनीतिक संस्थान शामिल हैं। इन स्थानों पर किसी भी सुरक्षा चुनौती की स्थिति में QRT की त्वरित कार्रवाई नुकसान को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अब पहली बार महिला कमांडोज को भी इसी स्तर का विशेष प्रशिक्षण देकर QRT का हिस्सा बनाया गया है। इससे सीआईएसएफ की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होगी। साथ ही महिलाओं की भागीदारी उन अभियानों तक भी पहुंचेगी, जिन्हें अब तक मुख्य रूप से पुरुष कमांडो संभालते रहे हैं। यह कदम देश की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और सीआईएसएफ के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

Support India Vistar
Picture of Alok Verma
Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | सावधान! साइबर ठग बदल रहे हैं ठिकाना, बचना है तो जानिए ये उपाय | भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में रिकॉर्ड कारोबार, 1.8 लाख लोग पहुंचे, ₹5,000 करोड़ के अवसर | सावन महोत्सव में दिखी बिहार की महिलाओं की नई तस्वीर, स्टॉल से सम्मान तक छाया उद्यमिता का रंग | ऑनलाइन प्रिडेटर से कैसे बचें ? साइबर स्टॉकिंग, फेक प्रोफाइल और ऑनलाइन उत्पीड़न से सुरक्षा के तरीके | पेंशन कार्ड वाले ऑफर से सावधान, जानिए बचने के उपाय | Rent a Boyfriend Scam: महिला हैं तो जरूर पढ़ लें, और रहिए सावधान | 14 ATM काटे, 13 साल तक बचता रहा! मेवात का ATM मशीन काटने वाला बदमाश भिवाड़ी से गिरफ्तार | CISF की श्रुति जोशी ने Commonwealth Fencing Championships में जीता टीम गोल्ड, व्यक्तिगत स्पर्धा में भी हासिल किया था कांस्य | पार्सल स्कैम क्या है? सोशल मीडिया दोस्ती से कस्टम अधिकारी तक, ऐसे होती है ऑनलाइन ठगी | मानव हाथी संघर्ष के कारण और उपाय: झारखंड में क्यों बढ़ रहा टकराव, क्या है वन विभाग की रणनीति? |
18-08-2026