दिल्ली में हत्या, हत्या की कोशिश जबरन वसूली जैसे सनसनीखेज अपराध तिहाड़ और दुबई में बैठे गैंगस्टरों के ईशारे पर हो रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के बड़े ऑपरेशन में इस बात का खुलासा हुआ है। एक तरफ तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर हाशिम बाबा और दूसरी तरफ दुबई में मौजूद वांटेड गैंगस्टर राशिद केबल वाले के निर्देश उनके गुर्गों तक पहुंच जाते हैं।
delhi crime story: signal app से इस तरह मिलता है निर्देश
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी सुरेन्द्र कुमार के मुताबिक एक बड़े ऑपरेशन के दौरान गैंगस्टर राशिद केबल वाला और तिहाड़ जेल में बंद हाशिम बाबा गैंग के 6 एक्टिव शूटर गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
ज्वाइंट सीपी सुरेन्द्र कुमार के मुताबिक यह कार्रवाइ डीसीपी हर्ष इंदौरा की समग्र निगरानी, एसीपी राजकुमार की निगरानी और इंस्पेक्टर प्रकाश चंद्र के नेतृत्व में एसआई अंशु कादयान, सुमित कुमार, अमित कुमार, हेडकांस्टेबल विनोद, प्रवीण, संदीप, प्रशांत, पवन, हरजीत नवीन और कांस्टेबल कृषण की की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
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ये सभी शूटर्स ट्रांस यमुना में एक्टिव थे। गिरफ्तार शूटर्स से 10 गैरकानूनी हथियार और 81 जिंदा कारतूस के अलावा 9 बेहतरीन पिस्टल, 3- और .32 बोर के 77 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। ये सभी पहले भी हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट वगैरह जैसे कई गंभीर मामलों में शामिल रहे है।
कैसे पकड़े गए शूटर्स
पुलिस के मुताबिक गैंग के बड़े नेटवर्क से जुड़े लोग “Signal APP” के ज़रिए राशिद केबल वाला के सीधे संपर्क में थे। क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 की उपरोक्त टीम को ऑपरेशन गैंगबस्ट के दौरान दिल्ली में वॉन्टेड क्रिमिनल्स और एक्टिव गैंग्स के बारे में इंटेलिजेंस कलेक्शन मिली थी। ऑपरेशन के दौरान करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास टीम को एक खास जानकारी मिली कि राशिद केबलवाला और हाशिम बाबा गैंग से जुड़े कई क्रिमिनल F-Bar & Lounge पूषा रोड, करोल बाग दिल्ली में इकट्ठा हुए हैं।
इस जानकारी पर तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस की रेडिंग टीम बनाई गई। क्लब के अंदर भारी भीड़ और पब्लिक सेफ्टी की चिंताओं के कारण, जगह के बाहर निगरानी रखी गई। सुबह करीब 4:05 AM बजे चार संदिग्ध क्लब से बाहर आए और टीम ने तुरंत चारों लोगों को पकड़ लिया और क्लब के पास खड़ी उनकी मारुति बलेनो कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर DL10CT8258 है, उससे कुल 4 गैर-कानूनी सोफिस्टिकेटेड पिस्टल, जिसमें 2 इटली मेड बेरेटा पिस्टल और 32 जिंदा कारतूस शामिल थे, बरामद किए गए।
पूछताछ में खुलासा
पकड़े गए बदमाशों में अरशद उर्फ छोटा और इमरान उर्फ तेली को गैर-कानूनी हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। टीम ने आगे भी कई जगहों पर छापेमारी और जांच की, जिसके नतीजे में आरोपियों के पास से और गैर-कानूनी हथियार और आपत्तिजनक सामान बरामद हुए, जिससे राशिद केबलवाला और हाशिम बाबा गैंग के क्रिमिनल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।
यह है गैंग की कहानी
कुख्यात भगोड़ा गैंगस्टर राशिद केबलवाला, कथित तौर पर दिल्ली में कई मर्डर केस से जुड़ा है। कहा जाता है कि वह जेल में बंद गैंगस्टर हाशिम बाबा का करीबी सहयोगी है और कथित तौर पर गैंग के लिए ऑपरेशन संभालता था। राशिद केबलवाला हाशिम बाबा गैंग के लिए ऑपरेशन संभाल रहा था और कथित तौर पर दिल्ली में क्रिमिनल एक्टिविटी ऑर्गनाइज़ करने में शामिल था।
2019 में क्राइम ब्रांच ने उस पर MCOCA के तहत आरोप लगाए थे। 2020 में उसे स्पेशल सेल ने फिर से पकड़ लिया। वह 2022 की शुरुआत में एक नकली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके फरार हो गया। नादिर शाह केस में उसका नाम सामने आने के कुछ ही समय बाद, केबल वाला पर फिर से MCOCA के तहत आरोप लगे।
राशिद @ केबल वाला का नाम पहले सितंबर 2024 में ग्रेटर कैलाश-I में बिजनेसमैन नादिर शाह की हत्या के सिलसिले में सामने आया था। वह अक्टूबर 2024 में दिवाली के दौरान पूर्वी दिल्ली में रिपोर्ट किए गए एक डबल मर्डर केस में भी कथित तौर पर शामिल था। इसके बाद, दिसंबर 2024 में पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में बिजनेसमैन सुनील जैन की हत्या के मामले में उसका नाम फिर से सामने आया, जिसके बाद वह दिल्ली पुलिस के मोस्ट वांटेड भगोड़ों में से एक बन गया।
अभी माना जाता है कि राशिद केबलवाला दुबई से अपने गैंग की गतिविधियां चला रहा है, जबकि हाशिम बाबा तिहाड़ जेल में बंद है।
गिरफ्तार आरोपी नवाजिश 12th क्लास तक पढ़ा है। उसका परिवार कपड़े का बिज़नेस करता है। साल 2019 में, उसके परिवार और एक पड़ोसी मेहताब के बीच झगड़े के बाद, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर मेहताब की हत्या कर दी, जिसके कारण उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया।
अपनी ज्यूडिशियल कस्टडी के दौरान वह राशिद केबल वाला के सदस्यों के संपर्क में आया और माज़, अफ़ाक और इलाके के दूसरे क्रिमिनल्स के साथ उसके करीबी क्रिमिनल कनेक्शन बन गए। साल 2024 में, अपने साथी अफ़ाक के कहने पर, उसने कथित तौर पर इमरान @ तेली द्वारा सप्लाई की गई गैर-कानूनी बंदूक से ब्लैक पैंथर कैफ़े, प्रीत विहार में फायरिंग की।
अब वह अपने साथियों के साथ बेटिंग/सट्टा एक्टिविटीज़ में काम कर रहा था और गैंग की तरफ से लोकल क्लबों से महीने में वसूली भी करता था। वह “Signal App” के ज़रिए भगोड़े खतरनाक गैंगस्टर राशिद @ केबलवाला गैंग के करीबी कॉन्टैक्ट में था और गैंग के सभी गैर-कानूनी हथियारों को संभाल रहा था।
उसकी निशानदेही पर, कुल 5 फायरआर्म्स (2 सोफिस्टिकेटेड पिस्टल + एक राइफल/डोगा .32 बोर + 2 देसी कट्टा) कुल 53 ज़िंदा कारतूस के साथ) बरामद किए गए हैं।
आरोपी माज़ के असली मामा यूसुफ, आदिल, नादिर, नासिर और बदर क्रिमिनल एक्टिविटी में शामिल हैं और अभी MCOCA केस में जेल में बंद हैं। उसने आगे बताया कि अपने मामा आदिल के साथ चल रहे झगड़े की वजह से, उसे अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और उसने प्रोटेक्शन और सपोर्ट के लिए क्रिमिनल लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर दिया।
इस दौरान, वह “Signal App” के ज़रिए भगोड़े खतरनाक गैंगस्टर राशिद @ cabelwala गैंग के करीबी संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करना शुरू कर दिया और गैंग की तरफ से लोकल क्लबों से महीने में वसूली भी करता था।
