एसएसबी देश का दूसरा सबसे बडा सीमा पर तैनात सुरक्षा बल-राजनाथ सिंह

एसएसबी देश का दूसरा सबसे बड़ा सीमा पर तैनात सुरक्षा बल है और जिस गति से इस बल ने विस्तार किया है निसंदेह यह निर्धारित समय से पहले 73 बटालियन स्थापित करने के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। यह बात केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कही। वे एसएसबी के 54वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एसएसबी के सिविल कैडर के हाल ही में हुये कैडर रिव्यु के बाद पदोन्नति के अवसरों के नये रास्ते खुलेंगे और कार्मिकों में उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

राजनाथ सिंह ने बल की सराहना करते हुए कहा कि एसएसबी ने 1963 में अपनी स्थापना के बाद से अबतक अपने  आदर्श वाक्य “सेवा, सुरक्षा और बन्धुत्व” के साथ देश की सर्वोत्तम सेवा की है। सशस्त्र सीमा बल देश के कई दुर्गम इलाको में तैनात है तथा इन इलाको में बल की दक्षता को और भी सुदृढ़ बनाने में भारत सरकार निरंतर प्रयासरत है, इन प्रयासों को वास्तविक रूप देते हुये इस वर्ष माननीय गृह मंत्री  ने सिक्किम के गेयजिंग में एसएसबी की 36 वीं बटालियन के भवन निर्माण की आधारशिला रखी।

उन्होने कहा कि भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान सीमाये खुली होने के कारण जो चुनौतियाँ है, उसके बावजूद एसएसबी द्वारा मादक पदार्थों, अवैध हथियार, जाली मुद्रा, वन्य जीव तथा वन्य सम्पदा और सीमा पर प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ एसएसबी की अभूतपूर्व कार्यवाही की सराहना की। फलस्वरूप वर्ष 2017 में एसएसबी ने 700/- करोड़ से अधिक निषिद्ध वस्तुओ की जब्ती और 7233 अपराधियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बल द्वारा इसी साल सभी क्षेत्र मुख्यालयों में संचालित 18 बचाव और राहत दलों को स्थापित करने की सराहना की। यह राहत और बचाव दल बल की क्षमताओं को बढ़ाएगा तथा अपने जिम्मेवारी के क्षेत्र में किसी भी आपदा के समय प्रथम सहायक के रूप में कार्य कर सकेगा।

शनिवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अपनी 25वीं बटालियन, घिटोरनी परिसर, नई दिल्ली में 54वां स्थापना दिवस मनाया। इस समारोह में गृह मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थें। इस अवसर पर एस.एस.बी. द्वारा कई उत्कृष्ट कार्यक्रम आयोजित किये गये। स्थापना दिवस के कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुये सबसे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा परेड की सलामी ली गयी। इसके बाद माननीय गृह मंत्री  राजनाथ सिंह ने बल के महानिदेशक रजनी कांत मिश्र, के साथ परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद परेड में एसएसबी के सभी सात सीमांत मुख्यालयों और एक महिला टुकड़ी ने भव्य मार्च पास्ट किया।

परेड के बाद, गृह मंत्री ने शहीद आरक्षी संजीत कुमार को मरणोपरांत वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया, जिसे शहीद आरक्षी संजीत कुमार की पत्नी द्वारा प्राप्त किया गया। वर्ष 2015 में शहीद आरक्षी संजीत कुमार  झारखण्ड के दुमका में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हो गये थें। राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 04 राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा 23 भारतीय पुलिस पदको से एसएसबी के अधिकारियो व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में माननीय गृह मंत्री जी द्वारा उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भी 04 विजेताओं को “गृह मंत्री पदक” द्वारा सम्मानित किया।

इस समारोह में एसएसबी सैनिकों,  मोटरसाइकिल दस्ते, श्वान दस्ते और पार्कोर इवेंट जैसे मनोरम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर मातृभूमि की सेवा में प्राण न्योछावर करने के लिए शहीदों को याद किया गया और श्रद्धांजली स्वरूप “प्राइड ऑफ़ इंडिया” नामक झांकियां भी निकाली गयी।

एसएसबी वर्ष 2007 में महिलाओं को बल में शामिल करने वाला तथा सीमा पर तैनात करने वाला पहला सुरक्षा बल है। वर्तमान में 1854 महिलाएं एसएसबी में कार्यरत हैं।

एसएसबी के महानिदेशक रजनी कान्त मिश्र ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एसएसबी के 54 वे स्थापना दिवस के अवसर पर पधारने के लिए धन्यवाद दिया तथा एसएसबी के अतीत पर प्रकाश डालते हुये भारत-नेपाल व भारत-भूटान सीमा प्रबंधन में एसएसबी की उपलब्धियों का व्याख्यान किया।  उन्होंने कहा कि बल के आधुनिकीकरण में और इजाफा करते हुए इस वर्ष बल में 02 यु०ए०वी० (नेत्रा) के साथ-साथ बुलेट प्रूफ वाहन, माईन प्रोटेक्टेड वाहन, सीमा प्रबंधन के लिए मोटरसाइकिल, असाल्ट राइफल, नाईट विज़न डिवाइस तथा संचार व बेहतर सम्पर्क के लिए नये उपकरणों को बल में शीघ्र ही शामिल कर लिया जायेगा।  अतिरिक्त बम निरोधक दस्तें को भी बल में शामिल किया गया है जिससे कि बल की प्रचालन क्षमता में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर गृह मंत्री ने 46 युवतियों और 130 युवको के समूह से भी मुलाकात की, जो देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली पहुंचे थे। एसएसबी ने सिविक एक्शन कार्यक्रम और “बेटी बचाओ बेटी पढाओ” अभियान के अंतर्गत इस “शैक्षिक भ्रमण सह अध्ययन यात्रा” का आयोजन किया जिसमे बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू और कश्मीर तथा सिक्किम राज्यो के सुदूर सीमावर्ती इलाके के युवक-युवतियाँ शामिल थी। इस “शैक्षिक भ्रमण सह अध्ययन यात्रा” में प्रतिभागियों ने अमृतसर, आगरा, कोलकाता और बेंगलूरु जैसे ऐतिहासिक स्थानों का भ्रमण कर देश की विभिन्न क्षेत्रो की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर से अवगत हुए।

इस समारोह में थल सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के महानिदेशक सुधीर प्रताप सिंह, सोनम तोबगा चार्ज डी अफैयर, रॉयल भूटान दूतावास, पुरषोत्तम कांडल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कौंसिलर, नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के प्रतिनिधि, एसएसबी के सेवानिवृत्त और सेवारत अधिकारी और उनके परिवारजन भी मौजूद थे।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | क्या आप जानते हैं स्टेशन मास्टर का काम,उसकी सैलरी ? | कर्तव्य निभाते हुए बिछड़ गए तीन पुलिसकर्मी, दिल्ली में 154 शहीदों को नम आंखों से नमन | एसबीआई के नाम पर फोन आए तो सावधान! डेटा लीक का यह दावा आपके लिए भी बन सकता है खतरा | सनी लियोनी और MTV Webbed: कैसे साइबर जागरूकता को युवाओं के लिए बनाया दिलचस्प? | वर्दी वालों को हनी ट्रैप में फंसाकर कैसे होती है जासूसी? SSB ने साइबर खतरों से किया सतर्क | यूपी में बीसी सखी योजना से घर बैठे हो सकती है आपकी कमाई, जानें कैसे | कॉकरोच जनता पार्टी के इन नेताओं पर पुलिस कार्रवाई, ये है पूरी डिटेल्स | ऐसे समझें किसान को कैसे मिलती है सोलर पंप सब्सिडी | ऑनलाइन रोमांस में सावधान ! सीमाहीन साइबर ठगों के जाल में ना फंस जाएं | Delhi crime: ऐसे पकड़ा गया कोविड पैरोल जंप कर फरार हुआ सजायाफ्ता गांजा तस्कर |
21-10-2026