आपको चौंका देंगे #भारतीय रेल के य़ह आंकड़े

आलोक वर्मा 

भारतीय रेल। एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, एकल सरकारी स्वामित्व वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सबसे बड़ा रोजगार देने वाला वगैरा वगैरा। हमारे देश की रेल के बारे में इस तरह की कई बातें आप किसी ना किसी रूप में जानते होंगे। पटरी पर कभी सरपट दौडती कभी खड़ी रेल को ना जाने कितनी बार आपने देखा भी होगा, कभी इसमें बैठकर इतराए होंगे तो कभी खूब परेशान भी हुए होंगे। लेकिन जो मैं आपको बताने जा रहा हूं उसके बारे में देखा सुना और पढना तो दूर आपको अनुमान भी नहीं होगा कि 160 सालों से हमारे देश में लाखों लोगों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचाने वाली रेलवे की एक तस्वीर ऐसी भी है। रेलवे पुलिस बल यानि आरपीएफ ना हो तो शायद रेलवे की ये तस्वीर हमारे सामने ही ना आ पाती। लेकिन शुक्र है कि ना केवल आरपीएफ है बल्कि वो कार्रवाई भी करती है।

साल 2017 में यानि पिछले साल 12 महीनों में आरपीएफ ने 12.10 लाख लोगों को गिरफ्तार किया। जी जनाब 12.10 लाख लोग आरपीएफ के हत्थे चढ़े यानि अगर आप एवरेज निकालें तो हर महीने 1 लाख लोग गिरफ्तार हुए। इनसे आरपीएफ ने 41.52 करोड़ रूपये का जुर्माना भी वसूला। आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि इतनी बड़ा संख्या में लोग किस जुर्म में गिरफ्तार हुए सब्र रखिए धीरे धीरे वो भी बता दूंगा। रेलवे जितना बड़ा नेटवर्क है उतनी ही विभिन्नता भी इसमें है इसमें कई तरह के लोग चढ़ते हैं रेलवे सफर के दौरान इनमें से कई प्रकार के लोगों से आपका सामना भी होता होगा औऱ कई प्रकार के लोग ऐसे भी होते हैं जिनका आपसे सामना ना हुआ हो मगर आरपीएफ से सामना जरूर होता है। इनमें रेल की छत पर सफर करने वाले हों या बेटिकट यात्रा करने वाले या फिर महिला यात्रियों पर छींटाकशी करने वाले। जी जनाब उपर बताया गया आंकड़ा ऐसे ही लोगो का है जिन्होनें ट्रेन का इस्तेमाल कुछ इस तरह से किया जो कानून के खिलाफ था।

आरपीएफ ने पिछले साल रेलवे संपति के मामले मे ही 5239 मामले दर्ज कर 2.61 करोड़ की रेलवे संपति बरामद की औऱ 6296 लोगों को गिरफ्तार किया। इसी तरह आरपीएफ ने जहर खुरानी के मामले में 56, सामान उड़ाने वाले 1481, अवैध हथियार के साथ 91, यात्रियों की जेव पर हाथ साफ करने वाले और झपटमारी करने वाले 1039, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में 118 और अन्य मामलों में 2144 लोगों को पकड़ कर सरकारी रेल पुलिस यानि जीआरपी को कार्रवाई के लिए दिया। अब इन आंकड़ो से आपको पता चल गया होगा कि रेल की दुनिया भी अलग दुनिया है। अभी कुछ औऱ बातें बतातें हैं आपको ड्रग तस्करी के लिए रेल का इस्तेमाल भी खूब होता है आरपीएफ के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 335 लोगों को ड्रग तस्करी में गिरफ्तार किया गया औऱ 343 मामले दर्ज किए गए। ड्रग तस्करी ही क्यों जनाब लोगों ने वन्य पदार्थेों  की तस्करी के लिए भी रेल का इस्तेमाल किया मगर आरपीएफ ने इसे नाकाम कर दिया। इस मामले में 127 केस दर्ज किए गए औऱ 78 लोग गिरफ्तार हुए। रेलों में अवैध शराब की 115131 बोतलें बरामद की गईं और 431 लोगो को गिरफ्तार किया गया। आरपीएफ की हेल्पलाइन के जरिए 36 हजार लोगों को मदद पहुंचाई गई। बाल तस्करी के मामले में भी आरपीएफ की कार्रवाई का बड़ा आंकड़ा है पिछले साल 11178 ऐसे नाबालिग बच्चों को बरामद किया जो या तो घर से भागे, खोए या मानव तस्करों के चंगुल में थे।

तो जनाब एशिय़ा के इस सबसे बड़े रेल नेटवर्क की ये बातें इसलिए जाननी जरूरी हैं क्योंकि आरपीएफ तो अपनी कार्रवाई करेगी ही लेकिन हम रेल की छत, बेटिकट यात्रा जैसी कई सारी बातों का विरोध कर आरपीएफ के इन दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ते आंकड़ो पर लगाम लगा सकते हैं। आखिरकार रेल हमारी है और हर पल हमसे जुड़ा कोई ना कोई शख्स इसमें सफर कर अपनी मंजिल तय कर रहा होता है।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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11-09-2026