जानिए किस राशि के लिए क्या ला रहा है रक्षाबंधन का चंद्रग्रहण

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 श्रीमद भागवत भूषण जीवेश कुमार शास्त्री ज्योतिषाचार्य

रक्षाबंधन के दिन लगने वाले चंद्रग्रहण 12 राशि के लोगों के जीवन में क्या क्या बदलाव ला सकता है यह हम आपको बताएंगे .4 राशि वालों के लिए यह चंद्रग्रहण बहुत शुभ रहेगा तो 4 राशि वालों के लिए रहेगा सामान्य वही 4 राशि वालों के लिए 7 अगस्त 2017 को होने जा रहा चंद्रग्रहण बुरे फल देने वाला रहेगा इस लेख में आप जाने आप की राशि अनुसार यह चंद्रग्रहण आप के लिए कैसा रहेगा.

  7 अगस्त 2017 को चंद्र ग्रहण मकर राशि के श्रवण नक्षत्र में लग रहा है.यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण है जो पूरे भारत वर्ष के साथ साथ विश्व के अन्य कई देशों में भी दिखाई देना यह ग्रहण 7 अगस्त की  रात्रि 22:52 से शुरू हो कर 8 अगस्त 00:58 मिंट तक रहेगा ग्रहण का पूर्ण बलि समय 23:49 पर होगा. भारत के सभी शहरों में उस समय तक चंद्र उदय हो चुका होगा. मेष लग्न मकर राशि श्रवण नक्षत्र में यह ग्रहण लग रहा है जो कि *मेष , सिंह , वृश्चिक, मीन*  राशि के लिए *बहुत ही शुभता* प्रदान करेगा इन राशियों के जातको को अचानक धन लाभ , आय वृद्धि , जमीन जायदाद का सुख व् अकस्मात लाटरी लगने के मोके बन सकते है. *वृष , कर्क, कन्या, धनु* राशियों को यह ग्रहण *समान्य फल* देने वाला होगा. उनके रुके कार्य बन सकते है. किसी दफ्तर या बैंक में लटका कार्य पूर्ण हो सकता है. विवाह का शुभ सन्देश आ सकता है. विद्यार्थियो के लिए कोई परीक्षा का नतीजा अच्छा आ सकता है. अब बारी है उन 4 राशियों कि जिन के लिए ये ग्रहण बुरे प्रभाव देने वाला है. *मिथुन, तुला, मकर,कुम्भ* वालो के लिए यह ग्रहण *अच्छा नहीं* है. इन में से *मकर राशि* पर सब से अधिक *ग्रहण का कुप्रभाव* पड़ेगा.  क्योकि मेष लग्न में ग्रहण लग रहा है व् मेष का स्वामी मंगल नीच का चल रहा है. मकर राशि में ग्रहण है व् मकर राशि का स्वामी शनि वक्री चल रहा है . इस के साथ ही आने वाले 10  12 दिनों में राहु केतु राशि राशि परिवर्तन कर कर्क मकर में डेढ साल के लिए आ रहे हैं . सो जिन जातको का *मेष लग्न व् मकर राशि ( एक साथ)* है उन पर ग्रहण का कुप्रभाव सब से अधिक है.
*ग्रहण के वक्त क्या करें क्या न करें*- सूर्यग्रहण हो या चंद्रग्रहण, सूतक लगने के बाद से और सूतक समाप्त होने तक भोजन नहीं करना चाहिये। ग्रहण के वक्त पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए। ग्रहण के वक्त बाल नहीं कटवाने चाहिये। ग्रहण के वक्त सोने से रोग पकड़ता है किसी कीमत पर नहीं सोना चाहिए। ग्रहण के वक्त संभोग, मैथुन, आदि नहीं करना चाहिये। ग्रहण मोक्ष के वक्त दान करना चाहिये। इससे घर में समृद्ध‍ि आती है। कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये और नया कार्य शुरु नहीं करना चाहिये। अगर संभव हो सके तो पके हुए भोजन को ग्रहण के वक्त ढक कर रखें, साथ ही उसमें तुलसी की पत्ती डाल दें। ग्रहण के वक्त किसी भी मंत्र का जाप एवं अपने ईष्ट देव की पूजा करना लाभकारी होता है। ग्रहण के वक्त पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिये। ग्रहण के समय मूत्र एवं मल – त्‍यागने से घर में दरिद्रता आती है। शौच करने से पेट में क्रीमी रोग पकड़ सकता है। *गर्भ वती स्त्रिया* खास तोर पर ध्यान रखें ग्रहण का सूतक लगने के बाद बाहर रौशनी में न जाये लिक्विड पी ले दांतों से कुछ न खाएं किसी भी प्रकार से चाकू छुरी का प्रयोग न करें आग न जलाएं धुप अगरबती न ज

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