GST fraud-जीएसटी फर्जीवाड़े के इस तरीके को जान हैरान हो जाएंगे आप

GST fraud
👁️ 590 Views

GST fraud-दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जीएसटी फर्जीवाड़े के एक ऐसे खेल का पर्दाफाश किया है जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। फर्जी जीएसटी के इस खेल का मास्टरमाइंड अपने कर्मचारियों और परीचित लोगों के आईडी कागज लेकर फर्जीवाड़ा करता था। इसलिए यह खबर पढ़िए और किसी को भी अपनी आईडी से जुड़े कागजात देते समय खूब सावधान रहिए।

GST fraud-यह है पूरा मामला

आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी विक्रम पोरवाल के मुताबिक पेशे से चार्टड अकाउंटेंट राजीव जैन ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि एक फर्म के नाम से जीएसटी नंबर लेने के लिए उनके पैन कार्ड का फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया है। इस जीएसटी नंबर से पांच महीने के अंदर करीब 15 करोड़ रुपये का लेन देन किया गया।

मामले को सुलझाने के लिए डीसीपी विक्रम पोरवाल समग्र देखरेख में एसीपी घनश्याम की देखरेख में इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, एसआई अरविंद कुमार और घनश्याम की टीम बनाई गई। सघन जांच के बाद पुलिस ने 21 अप्रैल 2024 को शशि कांत गुप्ता नामक शख्स को गिरफ्तार कर लिया।

जांच के दौरान पुलिस ने जीएसटी विभाग से नंबर लेने के लिए इस्तेमाल होने वाले कागज के आधार पर पड़ताल की तो पता लगा कि विभाग में दिया गया मोबाइल नंबर एक सुरक्षा गार्ड का है। यह सुरक्षा गार्ड शशि कांत गुप्ता का गार्ड होता था। पूछताछ में उसे बताया कि शशिकांत सैलरी के लिए बैंक अकाउंट खोले के बहाने उससे उसके कागजात लिए थे। लेकिन कभी उसे खुलने वाले खाते के बारे में बताया तक नहीं गया।

जांच पड़ताल में यह भी पता लगा कि आरोपी शशि ने 11 फर्म के नाम से एक निजी बैंक में खाते खुलवाए थे। इन सभी खातों को खोलने के लिए उसने अपने परीचितों के कागजात इस्तेमाल किए थे। जीएसटी विभाग पकड़ में ना आए इसलिए शशि और उसका बेटा अक्षय इन्हीं फर्मों के नाम से फर्जी बिलिंग करते थे।

पढ़ने योग्य

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | IPL के लंबे क्रिकेटरः क्या चलेगा इनका सिक्का | दिल्ली की द्वारका पुलिस के हत्थे ऐसे चढ़ा यह भगोड़ा | TRAI का सबसे बड़ा फैसलाः AI अब बंद करेगी फ्राड कॉल्स, जानें पूरी जानकारी | डीपीडीपी कानून और गैर डिजिटल डाटाः लाखों नागरिकों की गोपनीयता का अधूरा सच | मध्यमा परीक्षा 2026ः तारीख, केंद्र और परिणाम की पूरी जानकारी | नेहा बालाः झारखंड की साइबर शेरनी जिसने अंतर्राष्ट्रीय ठगों को धूल चटाई | डिजिटल अरेस्ट क्या है? ऑपरेशन बजरंग से समझें साइबर ठगी का पूरा जाल | Whatsapp-Signal यूजर्स सावधानः Linked devices से हो सकती है जासूसी | AI Deepfake से निवेश ठगी: मंत्री का नकली वीडियो, करोड़ों का नुकसान—ऐसे फंस रहा है पढ़ा-लिखा भारत | प्रेम और मातृत्व में क्या फर्क है? व्यक्तित्व सत्र में डा. जायसवाल की गहरी व्याख्या |
15-03-2026