दिल्ली पुलिस में आने वाले हैं कई पॉजिटिव बदलाव, संसद समिति की रिपोर्ट से भी जगी उम्मीद

आलोक वर्मा
देश की राजधानी दिल्ली में कानून औऱ व्यव्स्था की भार संभालने वाली दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली में कई पॉजिटिव बदलाव आने वाले हें। इन बदलावों से ना केवल पुलिस के सिपाही से लेकर दानिप्स अफसरों तक के अच्छे दिन आएंगे बल्कि इन चीजों का आम आदमी से भी सारोकार होगा।

पहली खुशखबरी दानिप्स अफसरों के लिए 

संसद की स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट ने सालों से अच्छी पोस्टिंग औऱ समयबद्ध प्रोन्नति की आस लगाए दानिप्स अफसरों की उम्मीद बढ़ा दी है। इन अफसरों को हमेशा आईपीएश में इंडक्ट होने के साथ साथ अच्छी पोस्टिंग ना मिलने की शिकायत रहती है। पूर्व पुलिस कमिश्नर आलोक वर्मा ने इस मिथ्य को तोड़ने की कोशिश की थी औऱ छह जिलों में दानिप्स अफसरों को जिला कप्तान यानि डीसीपी बनाया था। हालांकि उनके जाने के साथ ही यह दृश्य बदल गया। समयबद्ध इंडक्शन की शिकायत भा काफी पुरानी है।

स्टैंडिग कमेटी ने अनी सिफारिश में कहा है कि सीनियर लेबल पर खाली पड़े पदों को पहले दानिप्स अफसरों की नियुक्ति से भरा जाए। हालांकि ये रिपोर्ट अबी लोकसभा में पेश की गई है औऱ इसकी सिफारिशों पर अमल करने में वक्त लगेगा मगर दानिप्स अफसरों में अच्छे दिन आने की उम्मीद जग गई है। चर्चा है कि ऐसे करीब 40 अफसर हैं जिनका कार्यकाल 8 साल होने के बाद भी उन्हें आईपीएस में इंडक्शन नहीं मिला है।

एसीपी को भी मिलेगी अहमियत

विभिन्न स्थानों पर तैनात एसीपी स्तर के अफसरों को अक्सर ये शिकायत रहती है कि थानों मे तैनात एसएचओ उन्हें महत्व नहीं देते। संसद की समिति ने सिफारिश की है कि एसएचओ की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानि एसीआर एसीपी लिखे। अबी तक यह काम डीसीपी के पास है।

इंस्पेक्टरों को भी मिलेगा कुछ

थानों मे तैनात तफ्तीश इंस्पेक्टर अब तक अपने आप को उपेक्षित महसूस करता है। एक स्तर पर इन्हें पावर देने की कवायद चल रही है। इसका स्वरूप क्या होगा औऱ किस तरह की पावर दी जाएगी इसकी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जा सकती है।

फोर्स के लिए खुशखबरी

भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेनिंग ले रहे 8 हजार पुलिसकर्मी अगले साल तक डय्टी करने लगेंगे। इनमें करीब 1 हजार सबइंसपेक्टर हैं। जाहिर है इनके डयूटी पर आने से फोर्स की संख्या में बढ़ोतरी तो होगी ही आम आदमी को भी लाभ होगा।

प्रोन्नति के खुलते दरवाजे

दिल्ली पुलिस में नीचे के कर्मचारियों में प्रोन्नति के दरवाजे पूर्व पुलिस कमिश्नर आलोक वर्मा के समय ही खुला था जब हजारों की संख्या में सिपाही प्रोन्नत हुए थे। अब दिल्ली पुलिस का इस्टैबलिसमेंट विभाग हर स्तर के पुसिसकर्मी के प्रोन्नति की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसवालों को बड़ी संख्या में एसीपी बनाने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है औऱ किसी भी समय इनकी लिस्ट आ सकती है। बड़ी संख्या में सबइंस्पेक्टरों के भी प्रोन्नति की कार्रवाई चल रही है। बहुत जल्द इसका एलान हो सकता है। हर स्तर पर समयबद्ध प्रोन्नति का स्थाई हल तलाशने की कार्रवाई में तेजी लाई गई है।

जिलों के लिए फोर्स की स्वीकृति

दिल्ली पुलिस मे अब जिलों औऱ स्पेशल स्टाफ के लिए अलग से पुलिस बल की स्वीकृति भी मिल गई है। पहले यहां वहां से फोर्स को हटाकर जिलों में तैनात किया जाता था।

 

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