ये थे देश के के सर्वाधिक चर्चित हत्या के मामले, वीडियो देखें

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इंडिया विस्तार डेस्क। यूं तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों के आंकड़ों पर जाएं तो भारत भर में हज़ारों क़त्ल के मामले दर्ज किए जाते हैं, लेकिन सभी मामले इतने चर्चित नहीं होते। तो आज मैं बताने जा रहा हूं देश के चंद ऐसे चर्चित मर्डर केस के बारे में जिन्होंने देश भर को झकझोर कर रख दिया।
इस कड़ी में सबसे पहला नंबर आता है आरूषि-हेमराज मर्डर केस का।
आरुषि हेमराज हत्याकाण्ड भारत का सबसे जघन्य व रहस्यमय हत्याकाण्ड था जो 15–16 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर 25 (जलवायु विहार) में हुआ। इस मर्डर केस ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया। पिता के सांस्थानिक प्रतिष्ठा से लेकर जांच एजेंसियों की कमजोरियां तक इस हत्याकांड में लोगों की चर्चा का विषय बनीं। इस मामले के मुताबिक आरूषि अपने कमरे में मृत पाई गई उसका गला रेता हुआ था। हत्या का आरोप उसके 45 साल के नौकर हेमराज पर लगा लेकिन दूसरे ही दिन सुबह छत पर हेमराज की लाश मिली। इस मामले में पुलिस औऱ सीबीआई की थ्योरी बदलती रही। मामले में आरोपी बनाए गए आरूषि के माता पिता बरी हो चुके हैं और इस हत्याकांड पर से पर्दा भी आज तक नहीं उठ सका है।
इसी तरह का एक केस है शीना बोरा मर्डर केस
शीना बोरा नाम की एक लड़की की हत्या अप्रैल, 2012 में होती है। मौत के तीन साल बाद केस खुलता है और जांच शुरू होती है। शक की सुई शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी और सौतेले पिता और मशहूर मीडिया हस्ती पीटर मुखर्जी पर जाती है। मुंबई पुलिस दोनों को गिरफ़्तार करती है। बाद में जांच का ज़िम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया।
देश में सर्वाधिक चर्चा में रहने वाले केस में सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला भी है।
17 जनवरी 2014 को कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का शव दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में पाया गया था। मूलतः कश्मीर की रहने वालीं सुनंदा के पिता पीएन दास भारतीय सेना में वरिष्ठ अधिकारी थे। शशि थरूर के साथ उनकी तीसरी शादी थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बहुत सारी जांच रिपोर्टो के बाद मर्डर केस दर्ज किया। चार्जशीट भी हुई।

रिजवानुर रहमान की मौत
21 दिसंबर, 2007 को कोलकाता में एक रेलवे ट्रैक पर रिजवानुर रहमान की लाश पाई गई थी।
पुलिस ने शुरू में कहा कि रिजवानुर ने खुदकुशी की है लेकिन बाद में शक की सुई रिजवानुर की पत्नी प्रियंका तोड़ी के उद्योगपति पिता अशोक तोड़ी की तरफ उठी।

निठारी हत्याकांड
29 दिसंबर 2006 को दिल्ली से सटे नोएडा में पंढेर के घर के पीछे के नाले से पुलिस ने 19 कंकाल बरामद किए थे।
बहुचर्चित निठारी कांड मामले में सीबीआई की एक स्पेशल कोर्ट ने 24 जुलाई, 2017 को मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके घरेलू नौकर सुरिंदर कोली को फांसी की सज़ा सुनाई थी।
ट्रायल कोर्ट ने पंढेर और कोली 20 साल की पिंकी सरकार की हत्या का दोषी पाया था। पंढेर और कोली पर लड़की को अगवा करने, उसका बलात्कार करने और फिर उसकी जान लेने का आरोप है।
पिंकी सरकार की हत्या के मामले से पहले 6 मामलों में दोनों को सज़ा सुनाई जा चुकी है। 9 मामलों में अब भी सुनवाई चल रही है जबकि सबूतों के अभाव में तीन मामलों पर चार्जशीट ही दायर नहीं की जा सकी।
शिवानी भटनागर मर्डर केस
दिल्ली के अख़बार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में काम करने वाली पत्रकार शिवानी भटनागर की 23 जनवरी 1999 को उनके पूर्वी दिल्ली स्थित अपार्टमेंट में हत्या कर दी गई थी.
क़रीब नौ साल बाद अदालत ने 18 मार्च 2008 को फ़ैसला सुनाते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी रविकांत शर्मा समेत अन्य अभियुक्तों को आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी करार दिया.
इस मामले में बीजेपी के कद्दावर नेता रहे प्रमोद महाजन का नाम भी आया लेकिन उन्होंने शिवानी भटनागर से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया था.
अक्टूबर, 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट ने रविकांत शर्मा और अन्य दो अभियुक्तों को बरी कर दिया लेकिन एक अभियुक्त की आजीवन कारावास की सज़ा बरकरार रखी.
प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट रहीं प्रियदर्शिनी मट्टू का शव 23 जनवरी, 1996 में दिल्ली स्थित उनके चाचा के घर पर पाया गया था।
साल 1999 में निचली अदालत ने उनके क़ातिल और कॉलेज के सीनियर संतोष कुमार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
लेकिन अक्तूबर, 2006 में दिल्ली हाई कोर्ट ने संतोष कुमार सिंह को मौत की सज़ा सुनाई थी. लगभग चार साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़ैसले को उम्रक़ैद में बदल दिया।

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