कोरोना को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने दिए कई निर्देश जानिए विस्तार से

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। कोरोना की वजह से मां-बाप को खो चुके बच्चों के पुनर्वास और उनकी परवरिश पर दिल्ली पुलिस भी ध्यान देगी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने ऐसे बच्चों की मदद के लिए संबंधित प्राधिकरण से अविलंब मदद लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे बच्चे मानव तस्करी के भी शिकार हो सकते हैं इसलिए इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने लॉकडाउन की स्थिति और वेलफेयर कार्यक्रमों के साथ साथ कानून और व्यवस्था की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में कई प्रमुख और अहम निर्देश दिए। वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए हो रही इस मीटिंग में सभी डीसीपी, एसीपी और एसएचओ शामिल हुए। पुलिस कमिश्नर ने वेलफेयर यूनिट को निर्देश दिए कि वह ऐसे पुलिसकर्मियों के संपर्क में रहे जिन्होंने कोरोना की वजह से अपने परिवार के किसी सदस्य को खोया हो। उन्होंने ऐसे पुलिसवालों की काउंसलिंग और पर्सनल केयर पर जोर दिय़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसवालों को मिलने वाले मुआवजे औऱ अन्य सहायता में किसी तरह की देरी ना हो। उन्होंने दिल्ली पुलिस परिवारों के लिए 5 जगहों पर आयोजित होने वाले वॉक इन वैक्सीनेशन के बारे में भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि फ्रंट लाइन पर कोरोना के खिलाफ जंग में पुलिसकर्मियों के परिवारवाले भी रिस्क में हैं इसलिए उनका वैक्सीनेशन जरूरी है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने वित्तीय धोखाधड़ी और कालाबाजारियों के मामले तुरंत औऱ पेशेवर तरीके से जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने क्राइम ब्रांच, साइबर सेल औऱ जिला पुलिस द्वारा कोरोना जालसाजों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरोना में मदद करने के नाम पर जालसाजी करने वालों के खिलाफ राज्यों के साथ समन्वय बिठाकर जिस तरह कार्रवाई की गई उसे आगे भी जारी रखना चाहिए। उन्होंने ब्लैक फंगस और वैक्सीन पर्यटन के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने पर जोर दिया।

दिल्ली की कानून औऱ व्यवस्था पर चर्चा करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने जमानत और पैरोल पर जेल से बाहर निकलने वालों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने दिल्ली के थानाध्यक्षों से ऐसे लोगों पर नजर रखने के साथ साथ पेट्रोलिंग औऱ जांच को सघन करने की जरूरत है। ऐसे लोगों को गिरफ्त में लेना जरूरी है जो सामाजिक शांति के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों को लेकर भी उन्होंने कहा कि गोद लेने की सारी कार्रवाही पूरी तरह कानूनी होना चाहिए। ऐसे बच्चों के पुनर्वास आदि के लिए बाल कल्याण समिति आदि की मदद लेकर उन पर ध्यान दिया जाए।

उन्होंने थानाध्यक्षों से सब्जी मंडी, किराना दुकान, बाजार आदि में सामाजिक दूरी पर विशेष ध्यान दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही लॉकडाउन में नरमी आएगी बाजारो आदि में सामाजिक दूरी को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने संभावित तीसरे लहर के प्रति वेबिनार आदि के माध्यस से अभी से जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थय को सबसे पहली प्राथमिकता बताई और कहा कि सबको अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | फेक न्यूज़ और सोशल मीडिया नैरेटिव: डिजिटल युग में सक्रिय सूचना प्रबंधन क्यों बन गया है सबसे बड़ी जरूरत | ऑल इंडिया पुलिस जूडो चैंपियनशिप 2026: SSB ने जीती चैंपियन ट्रॉफी, जानिए मेडल टैली और सभी विजेताओं की पूरी जानकारी | CISF ने महिला जूडो में जीती रनर्स-अप ट्रॉफी, ऑल इंडिया पुलिस जूडो क्लस्टर चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन | वाइब हैकिंग क्या है? सोशल मीडिया पर आपकी सोच को प्रभावित करने वाला नया डिजिटल खतरा, जानिए भारत के कानून क्या कहते हैं | डायबिटीज में कौन सी दाल खानी चाहिए? क्या दाल खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं | साइबर अपराध में जमानत मिलती है या नहीं? जानिए आईटी एक्ट क्या कहता है और सुप्रीम कोर्ट ने क्या स्पष्ट किया | क्या बच्चों के लिए सोशल मीडिया सुरक्षित है? फ्रांस के नए कानून से समझिए क्यों बढ़ रही है डिजिटल सुरक्षा की चिंता | CISF की खिलाड़ी निधि ने 10वीं एशियाई पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, भारत का बढ़ाया गौरव | आपकी कार का डेटा चोरी हो रहा है? स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन का सच जानिए | Dhanushkodi Ghost Village: भारत की आखिरी सड़क पर बसा ‘भूतिया गांव’, शाम ढलते ही क्यों लग जाता है कर्फ्यू? |
26-07-2026