CBI-नए सब-इंस्पेक्टरों को सीबीआई निदेशक ने दी यह सीख

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CBI- नए सब इंस्पेक्टरों को सीबीआई निदेशक प्नवीण सूद ने लीक से हटकर सोचने और काम करने के अलावा आचरण और कार्य पर फोकस करने की सलाह दी है। 30 सीबीआई उप-निरीक्षकों के 27 वें बैच का अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नए सब इंस्पेक्टर सीबीआई के ब्रांड अंबेसडर बनने जा रहे हैं इसलिए इनके कार्य और आचरण पर सबकी नजर रहेगी।

CBI-जांच कौशल का भरपूर उपयोग करने पर बल

श्री प्रवीण सूद, निदेशक सीबीआई ने युवा अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए जांच कौशल का भरपूर उपयोग करने का आह्वान किया। अलंकरण समारोह सीबीआई अकादमी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में आयोजित किया गया था। सीबीआई निदेशक इसके मुख्य अतिथि थे। सीबीआई के निदेशक प्रवीण सूद ने युवा अधिकारियों एवं उनके परिवारों को सीबीआई अकादमी द्वारा प्रस्तावित उनके बहुमुखी प्रशिक्षण के सफल समापन पर बधाई दी।

उन्होंने युवा अधिकारियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु सीबीआई अकादमी के अधिकारियों व कर्मचारियों की भी सराहना की। श्री सूद ने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो के सदस्य के रूप में अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अपने कौशल का सीबीआई के उच्च मानकों के अनुरूप पूर्ण उपयोग करेंगे। यह देखते हुए कि अधिकांश अधिकारी तकनीकी पृष्ठभूमि से हैं, उन्होंने ज़ोर दिया कि शिक्षण एवं प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान व सीख तब काम आएगी जब अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात अपनी सीखने की प्रक्रिया का वास्तविक हिस्सा शुरू करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस धारणा के विपरीत कि प्रशिक्षण पूरा होने के साथ सीखना समाप्त हो जाता है, श्री सूद ने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक सीखने की प्रक्रिया वास्तव में अब शुरू होती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इसके बाद हर दिन एवं हर अनुभव अधिकारियों को अधिक जानकार व सशक्त बनाएगा।

श्री सूद ने यह भी बताया कि युवा अधिकारियों को लीक से हटकर सोच अपनाकर अपना काम करने का प्रयास करना चाहिए एवं अपने कार्यों को अलग तरीके से करके बेहतर परिणाम प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। नीरस कार्य समाप्त की जगह स्मार्ट कार्य से बेहतर परिणाम मिलेंगे। निदेशक, सीबीआई ने युवा अधिकारियों को आश्वासन दिया कि सीबीआई में उन्हें एक ऐसा कार्यस्थल मिलेगा जो बेहद सहायक है क्योंकि वहां अच्छी तरह से निर्धारित प्रक्रियाएं, मार्गदर्शन हेतु पर्यवेक्षी अधिकारियों उपलब्धत हैं।

उन्होंने बताया कि अधिकारी अपने पूरे करियर के दौरान सीबीआई के आदर्श वाक्य, ” उद्यमिता,निष्पक्षता एवं सत्यनिष्ठा” को प्रेरणा तथा मार्गदर्शन के सच्चे स्रोत के रूप में देख सकते हैं। अधिकारियों से पूरी सेवा के दौरान अच्छा आचरण बनाए रखने का आह्वान करते हुए, निदेशक सीबीआई ने इस बात पर जोर दिया कि सीबीआई एक ऐसा स्थान है, जहां बाहरी प्लेटफार्मों के माध्यम से मान्यता प्राप्त करने से दूर रहते हुए, अनाम(anonymous) एवं चुपचाप तरीके से कार्य करने की जरूरत है।

श्री सूद ने कहा कि संगठन व वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना तथा पुरस्कारों के माध्यम से अच्छे कार्य को मान्यता देने हेतु संगठन के भीतर पर्याप्त विकल्प हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई अधिकारियों के रूप में आप संगठन के ब्रांड एंबेसडर बनने जा रहे हैं क्योंकि आपका आचरण एवं कार्य हमेशा अदालत व जनता की जांच के दायरे में रहेगा जिसका असर सीबीआई पर पड़ेगा।

श्री प्रवीण सूद ने यह भी कहा कि सीबीआई, भ्रष्टाचार निवारण, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, विशेष अपराध आदि सहित जांच के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट डोमेन विशेषज्ञता(Specific Domain Expertise) प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने पासिंग आउट अधिकारियों को इस तरीके से कार्य करने की सलाह दी कि वे अगले 4-5 वर्षों के अनुभव में अपनी पसंद की विशेषज्ञता से सुसज्जित हों।

अलंकरण समारोह के दौरान, सीबीआई के निदेशक, श्री प्रवीण सूद ने प्रशिक्षुओं को पदक एवं ट्राफियां प्रदान कीं। श्री जुमरानी प्रिंस ओमप्रकाश को “सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड एसआई प्रशिक्षु हेतु डीपी कोहली पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। श्री विक्की राज को “इनडोर स्टडीज हेतु डीसीबीआई ट्रॉफी” एवं “साइबर अपराध जांच ट्रॉफी” से सम्मानित किया गया। श्री सुधांशु को “सर्वश्रेष्ठ आउटडोर हेतु जॉन लोबो ट्रॉफी” के लिए चयनित किया गया और श्री अंकित तंवर को “समर्पण व अनुकरणीय आचरण हेतु “सीबीआई अकादमी ट्रॉफी” प्राप्त हुई।

युवा सीबीआई अधिकारियों को 38 सप्ताह के कठोर, परिश्रमी एवं मेहनती प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा, जो एसएससी (संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा) के माध्यम से चयनित होने के पश्चात अपने बुनियादी प्रशिक्षण हेतु 5 जून, 2023 को सीबीआई अकादमी, गाजियाबाद से जुड़े थे।

कैडेटों को विधि एवं जांच कौशल, भ्रष्टाचार निवारण मामलों की जांच, विभिन्न प्रकार के पारंपरिक अपराधों, खुफिया जानकारी एकत्र करना, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध मामले, बैंक धोखाधड़ी मामले, मोबाइल फोरेंसिक, फोरेंसिक चिकित्सा शास्त्र, फोरेंसिक विज्ञान आदि में प्रशिक्षित किया गया। पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में पेशेवर ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों, मानवाधिकारों के प्रति सम्मान एवं अनुशासन की भावना को विकसित करना भी है।

सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी जिसमें श्रीमती संपत मीना, अपर निदेशक; श्री मनोज शशिधर, अपर निदेशक; डॉ. पद्मिनी सिंह, अभियोजन निदेशक सहित अन्य विभागों व स्थानीय प्रशासन के अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।

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15-07-2026