sundar pichai net worth-गूगल(Google) कितनी बड़ी कंपनी है यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। इसके सीईओ सुंदर पिचाई की संपत्ति और उनसे जुड़ी जानकारी हमेशा चर्चा में रहती है। 2024 में उनकी संपत्ति $1.31 बिलियन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यहां हम जानेंगे कि सुंदर पिचाई की संपत्ति और उनकी कमाई कितनी है।
sundar pichai net worth
गूगल में छंटनी के बीच सुंदर पिचाई ने साल 2022 में 226 मिलियन डॉलर कमाए थे। अल्फाबेट (Alphabet) इंक और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई दुनिया के उन टॉप सीईओ में हैं जिन्हें अरबों रुपये सैलरी के रूप में मिलते हैं। 2022 की IIFL हुरून इंडिया रिच लिस्ट के मुताबिक पिचाई की कुल संपत्ति 10215 करोड़ रुपये की है। भारतीय मूल के पिचाई दुनिया भर के 10 सबसे अमीर प्रोफेशनल मैनेजर्स की सूची में हैं।
गूगल तक का सफर
मदुरै से निकलकर गूगल तक का पिचाई का सफर दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। पिचाई ने आईआईटी खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। सुंदर ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस एवं व्हाटर्न स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया से एमबीए भी किया है। व्हाटर्न स्कूल में उन्हें दो स्कॉलरशिप भी मिली थी।
पिचाई ने 2004 में गूगल ज्वाइन किया था। 2015 में उन्हें गूगल का सीईओ बनाया गया था। साल 2019 में उन्हें अल्फाबेट इंक का सीईओ बनाया गया। उनके पास दुनिया की महंगी और लग्जरी कारों का अच्छा खासा कलेक्शन है। इन कारों में पोर्श, बीएमडब्लू, रेंज रोवर और मर्सिडीज बेंज शामिल है। उनके पास कैलिफोर्निया में लॉस अल्टोस हिल्स स्थित सांता क्लारा काउंटी में एक लग्जरी अपार्टमेंट है। यह घर उन्होंने 40 मिलियन डॉलर में खरीदा था।
यह घर उनका 400 वर्ग फुट में है। इस घर में सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमें तीन बेडरूम, पांच बाथरूम, एक टेनिस कोर्ट और एक गोल्फ मादान भी है। उनके पास वेस्टविंड वे और ला पालोमा रोड के दक्षिण-पश्चिम में 3.17 एकड़ भूमि भी है।
यह भी पढ़ें
- ईश्वर पर विश्वास: जब नियत शुद्ध हो तो नियति भी मार्ग बना देती है
- Smishing Attack क्या है? Google के मुकदमे ने उजागर किया AI आधारित साइबर ठगी का नया खतरा
- मानव जीवन का महत्व: ज्ञान, भक्ति और विश्वास से मिलता है ईश्वर का अनुग्रह
- CISF Training: ड्रोन, साइबर सुरक्षा और कमांडो ट्रेनिंग से कैसे तैयार होते हैं अधिकारी?
- बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा क्यों बन रही वैश्विक चिंता, भारत के सामने क्या हैं चुनौतियां?







