Jharkhand news update-झारखंड का कोयलांचल कहे जाने वाले धनबाद की हवा शुद्ध करने के लिए झारखंड वन विभाग (Jhrakhand Forest Department) कोई ना कोई कदम उठाता रहता है। इसी कड़ी में वन विभाग ने धनबाद के कुंडी में एक हाईटेक नर्सरी भी विकसित की है जहां लोगों को मनचाहा पौधा मनचाहे दाम पर मिल रहा है। वृक्षारोपण के दौरान ये पौधे मुफ्त में भी बांटे जाते हैं। इनमें साल, शीशम, सखुआ, पीपल जैसे पौधे हैं।
Jharkhand news update-हाईटेक प्लांट नर्सरी (Hightech plant nursery) क्या है-
पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए पौधारोपण ही एकमात्र सबसे ठोस उपाय है। सरकार अब पौधारोपण को तकनीकी और नए तरीकों से जोड़कर समृद्ध बनाने की जुगत हो रही है। इसी कड़ी में सरकार की कैंपा योजना के तहत मिलने वाली फंड से हाईटेक नर्सरी को विकसित किया जा रहा है। धनबाद के कुम्ढी में विकसित हाईटेक नर्सरी में 100 समूह के पौधे हैं। इनमें साल, सखुआ और शीशम के अलावा कई पौधे हैं।
ग्रीन होम के लिए इन पौधों को लेने के लिए सिर्फ 5 रुपये की शुल्क ली जाती है। वन विभाग इन्हें बड़ा जतन से विकसित करता है। इस तरह की नर्सरी की मदद से कोयलांचल के लोगों को स्थानीय खनन से होने वाले प्रदूषण से मुकाबला करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। धनबाद डीएफओ विकास पालीवाल के मुताबिक वन विभाग सिर्फ वन में ही नहीं बल्कि सरकार की योजना अब वन से बाहर भी पौधे उगाने की है। (देखें वीडियो)
अगर आप भी अपने घर या जमीन पर उपयोगी पौधे लगाने बागवानी करने का शौक रखते हैं। अगर आप झारखंड के धनबाद में रहते हैं तो आपके लिए कुण्डी का यह हाईटेक नर्सरी काफी मददगार साबित हो सकता है। इसको आप कमाई का जरिया भी बना सकते हैं। हाईटेक नर्सरी का मकसद उन्नत नर्सरी निर्माण के लिए सब्सिडी देना, उन्नत किस्मों के पौधों को बढ़ावा देना, पौधारोपण के लिए प्रेरित करना और रोजगार सृजित करना है।
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