Organic farming-सेहत और बिजनेस दोनों में काम आएगी जैविक खेती, कौन कहां करवा रहा है ट्रेनिंग जानिए यहां

Organic Farming

Organic farming-जैविक खेती सेहत और बिजनेस दोनो के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस बात को ध्यान में रख झारखंड के जयनगर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसका उद्घाटन ऊष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर (Tropical Forest Research Institute TFRI) के निदेशक डा. एचएस गिनवाल, प्रमुख अंजू देवी, केवीके के प्रभारी पदाधिकारी डा. एके राय आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

Organic farming-जैविक खेती का महत्व

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत के अवसर पर डा. ए के राय ने कहा कि ऊष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर द्वारा प्रायोजित सीसीएस-एनआइएएम के तहत सतत कृषि वानिकी उद्यम, जैविक उर्वरक, जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक के माध्यम से झारखंड के उद्यमियों को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी में जैविक उर्वरक और जैव कीटनाशक का उपयोग बढ़ाने के लिए हमें आगे आना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आज के जमाने में बेहतर स्वास्थ्य के लिए रसायनमुक्त जैविक खेती करना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने रसायनिक उर्वरकों से होने वाली स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं, एनआइएएम के कार्यक्रम समन्वयक रंजीत कुमार ने वर्चुअल माध्यम से किसानों को जैविक खेती के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।

डा. ए के राय कहा कि जैविक कृषि से रोजगार ने के अधिक अवसर प्राप्त हो सकते हैं। कार्यक्रम को पाठ्यक्रम निदेशक डा. दर्शन के, टीएफआरआइ जबलपुर के प्रशिक्षण समन्वयक राठौड़ दिग्विजयसिंह ने भी संबोधित किया। मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के मनीष कुमार, रूपेश रंजन के अलावा कामेश्वर पंडित, सुरेंद्र राम, रामचंद्र महतो, महेश रंजन, सरजू सिंह, रामचंद्र यादव, मुकेश राम, नीतू कुमारी, बैजनाथ शर्मा, अर्जुन यादव, उमाशंकर यादव, द्वारिका यादव, बसंत यादव आदि किसान उपस्थित थे।

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20-07-2026