साइबर क्राइम की ये बातें जान लीजिए, दिल्ली पुलिस की स्टडी ने खोले हैं कई राज

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साइबर-क्राइम…।  जी हां साइबर क्राइम से सिर्फ सावधानी ही बचाव है, यह बात दिल्ली पुलिस से लेकर हरेक सुरक्षा एजेंसियां कहती रही हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस साल दर्ज होने वाले साइबर क्राइम के मामलो की स्टडी कर कई निष्कर्ष निकाले हैं। साइबर सेल की स्टडी बताती है कि साइबर क्रिमिनल कैसे-कैसे लोगों को अपने जाल में फांस रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव स्वयं ट्वीटर आदि के माध्यम से साइबर क्राइम के प्रति लोगो को अगाह करते रहते हैं।

साइबर क्रिमिनल किस तरह से अपना दायरा बढ़ा रहे हैं इसे आप दिल्ली पुलिस के मिली इस साल की शिकायतों की संख्या में हो रही लगातार वृद्धि से समझ सकते हैं। साइबर क्राइम के विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतों की संख्या जनवरी में 1500 हजार तो नवंबर आते आते करीब 3 हजार हो गई। खास बात ये कि लॉक डाउन के दौरान यानि अप्रैल, मई औऱ जून में साइबर क्राइम की शिकायतों की संख्या 4500 हजार तक पहुंच गई थी।

दिल्ली पुलिस को मिली साइबर क्राइम के मामलों में सर्वाधिक 62 प्रतिशत् ऑनलाइन फाइनेंसियल फ्राड के हैं दूसरे नंबर पर सोशल मीडिया संबंधित मामले (24 0/0) हैं, जबकि अन्य साइबर क्राइम मामलो की संख्या 14 प्रतिशत् है। साफ है कि ऑनलाइन फाइनेंसियल फर्जीवाड़े का मामला सर्वाधिक है औऱ यह सिर्फ लोगों की असावधानी से ही होता है। इसीलिए दिल्ली पुलिस वीडियो आदि के माध्यम से बार बार यह कहती है कि किसी भी अंजान शख्स के किसी भी प्रलोभन में आकर अपनी कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें।

साइबर क्रिमिनलों ने क्राइम के नए नए तरीके भी इजाद कर लिए हैं। दिल्ली पुलिस को मिली शिकायतों के अध्ययन से पता लगता है कि एडिटेड फर्जी वीडियो(खासकर सेक्सुअल फर्जीवाड़ा) के माध्यम से वसूली के मामले बहुत बढ़ रहे हैं। इसके अलावा फर्जी रिवार्ड प्वांयट की सूचना, फर्जी फेसबुक खाता के जरिए ठगी, और कस्टमर केयर प्वांयट के जरिअए फर्जीवाड़ा भी किया जा रहा है।

विशेष क्षेत्र विशेष क्राइम

साइबर क्राइम में देश भर में सक्रिय साइबर क्रिमिनलों औऱ उनके क्राइम करने के तरीकों की स्टडी दिल्ली पुलिस की साईबर सेल ने किया औऱ पाया है कि क्षेत्र विशेष के साइबर क्रिमिनल विशेष क्राइम करने में ही एक्सपर्ट हैं।

दिल्ली में सर्वाधिक 43 केस रिसेल एप्प आधारित मामलो में हुए। इसमें 41 लोग गिरफ्तार हुए इसके अलावा तकनीकी मदद, इमीग्रेशन औऱ आयकर संबंधी फर्जी कॉल सेंटर के 5 मामलो में 125 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसके तहत फर्जी काल सेंटरों के माध्यम से विदेशी नागरिकों को शिकार बनाया जाता है। दिल्ली पुलिस ने मोतीनगर, राजौरी गार्डन औऱ पीरागढ़ी में ऐसे तीन बड़े कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया।   इन दोनो मामलो में क्रमशः 1200 और 12100 से ज्यादा लोग प्रभावित या यूं कहें की पीड़ित थे। जैसे फ्री लैपटाप सोलर योजना में केवल 2 मामले दर्ज हुए थे मगर इससे 1 लाख लोग प्रभावित हो रहे थे।  इस योजना के तहत जालसाजों ने एक फर्जी वेबसाइट के जरिए पीएम मोदी के दुबारा प्रधानमंत्री बनने पर फ्रीलैपटॉप के लिए आवेदन मंगाए। सिर्फ दो दिन में इस वेबसाइट के 1.5 मीलियन दर्शक थे।

इससे साफ है कि साइबर क्राइम के मामले संख्या में बेशक 1-2 दिखें मगर ये हजारों लोगों की जीवन भर की कमाई एक मिनट में साफ कर जाते हैं।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस की साइपैड साइबर क्रिमिनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है इसी का नतीजा है कि 214 से ज्यादा साइबर क्रिमिनल सलाखों के पीछे पहुंचाए गए। साइपैड की कार्रवाही की बदौलत आपत्तिजनक सामग्री वाले 278 सोशल मीडिया खातों को ब्लाक किया गया। इनमें ट्वीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूटयूब आदि शामिल हैं। सर्वाधिक ट्वीटर के 140 खाते ब्लाक हुए।

विभिन्न जिलों को मिली साइबर शिकायतें

दिल्ली पुलिस के सभी जिलो में साइबर सेल यूनिट काम कर रही है। इन जिलो में साइबर क्राइम की प्राप्त कुल शिकायत 38575 थीं जिनमें से 2349 मामलो में केस दर्ज हुए हैं।

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