इंस्टाग्राम पर फिल्म में एक्टिंग करने का ऑफर मिले तो हो जाएं सावधान पढ़ लें यह खबर

👁️ 474 Views

इंस्टाग्राम पर नकली लोग भरे पड़े हैं इसलिए इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर किसी के ऑफर को स्वीकारने से पहले हर तरह से जांच पड़ताल कर लें। इंस्टाग्राम पर फिल्म प्रोड्यूसर बन कर एक्टिंग दिलाने के नाम पर सैकड़ो युवाओं के साथ ठगी करने वाले एक शख्स को दिल्ली की आउटर नार्थ जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आउटर नार्थ जिला डीसीपी रवि कुमार सिंह के मुताबिक जागृति एंकलेव निवासी प्रशांत तोमर ने शिकायत की थी कि अनुज कुमार ओझा नाम के शख्स ने  मॉडलिंग दिलाने के नाम पर उसे साढे चार लाख रु से ज्यादा का चूना लगाया । अपराध की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी रवि कुमार सिंह ने एसीपी यशपाल सिंह की देखरेख और साइबर सेल थाना के एसएचओ रमण कुमार सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर देवेन्द्र कुमार, एसआई रचना, एएसआई सीमा, हेडकांस्टेबल संदीप, महिला हवलदार सोभाग्यवती, सुमन लता और कांस्टेबल विकास की टीम बनाई। जांच के दौरान इंस्टाग्राम से विवरण मांगा गया, जहां आरोपी युवाओं को उसके आकर्षक प्रोफाइल और पोस्ट को देखकर उससे जुड़ने के लिए प्रेरित करता था। तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी अनुज कुमार ओझा का पीछा किया गया। लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा। 06 फरवरी को जांच दल को सूचना मिली कि आरोपी अनुज कुमार ओझा तुलसी एक्सप्रेस में सवार होकर भोपाल जाएगा। इस सूचना पर काम करते हुए टीम को भोपाल भेजा गया, जहां से उसे इंदौर भागने की फिराक में गिरफ्तार कर लिया गया।

ऐसे करता था ठगी

अब तक की जांच में यह पाया गया है कि आरोपी अनुज कुमार ओझा खुद को निर्देशक और निर्माता के रूप में पेश करता था और 1. ब्रांड पेड सूट, 2. वेब और सीरियल आदि में अभिनय का अवसर प्रदान करने के नाम पर युवाओं को ठगते थे। वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट “अनुजकुमारऑफिशियल” से युवाओं को पोस्ट करता था और अनुबंध पर हस्ताक्षर करने, अनुबंध शुल्क, कलाकार कार्ड, प्रोफाइल अपडेट करने, जीएसटी, आयकर आदि के भुगतान के नाम पर उनसे ठगी करता था।

उसने एएसआईएस प्रोडक्शंस के नाम से एक फिल्म निर्माण कंपनी में निर्माता के रूप में खुद को प्रस्तुत कर छोटी सरदारनी के नाम पर एक धारावाहिक में काम देने के नाम पर शिकायतकर्ता को धोखा दिया। आशंका है कि वह कई युवाओं को पूरे भारत में अभिनय का अवसर प्रदान करने के नाम पर धोखा दे सकता है।

अनुज कुमार ओझा ने वर्ष 2012 में उसने 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2016 में वह पालघर मुंबई चला गया जहाँ उसकी मौसी रहती है। उसने वहां लगभग 4 महीने विराज स्टील लिमिटेड कंपनी में काम किया और वहां वे अपने एक पड़ोसी राकेश सिंह के संपर्क में आया और उसके संपर्कों का उपयोग करके ‘अव्या’ के नाम से एक प्रोडक्शन कंपनी पंजीकृत की। उसने 3 वीडियो गाने शूट किए और उन्हें YouTube पर रिलीज़ किया और उसने इंस्टाग्राम पर कार्यक्रम आयोजित करना और प्रचार करना भी शुरू कर दिया और जब लोगों ने उससे संपर्क करना शुरू किया तो उसने लोगों को अभिनय लाइन में अवसर प्रदान करने के नाम पर ठगना शुरू कर दिया और खुद को निर्माता निर्देशक के रूप में चित्रित करना शुरू कर दिया। इससे पहले वह 2019 के एक मामले में 3 महीने गोरखपुर जेल में रहा था। उसके खिलाफ कई मामले और शिकायतें दर्ज हैं।

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | डीपीडीपी कानून और गैर डिजिटल डाटाः लाखों नागरिकों की गोपनीयता का अधूरा सच | मध्यमा परीक्षा 2026ः तारीख, केंद्र और परिणाम की पूरी जानकारी | नेहा बालाः झारखंड की साइबर शेरनी जिसने अंतर्राष्ट्रीय ठगों को धूल चटाई | डिजिटल अरेस्ट क्या है? ऑपरेशन बजरंग से समझें साइबर ठगी का पूरा जाल | Whatsapp-Signal यूजर्स सावधानः Linked devices से हो सकती है जासूसी | AI Deepfake से निवेश ठगी: मंत्री का नकली वीडियो, करोड़ों का नुकसान—ऐसे फंस रहा है पढ़ा-लिखा भारत | प्रेम और मातृत्व में क्या फर्क है? व्यक्तित्व सत्र में डा. जायसवाल की गहरी व्याख्या | गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026ः पटना में महिलाओं का महाकुंभ, विकसित बिहार की नई सोच | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ींः सीबीआई के नए एफईआईआर में क्या | जब इंटरनेट बन जाए युद्धभूमिः muddy water APT और डिजिटल युद्ध का बढ़ता खतरा |
15-03-2026