दिल्ली पुलिस आउटर नार्थ साइबर थानाःकैसे बना साइबर क्राइम के खिलाफ मजबूत किला

दिल्ली पुलिस का आउटर नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन देशभर में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क को उजागर कर एक मजबूत पहचान बना चुका है।
दिल्ली पुलिस साइबर पुलिस थाना आउटर नार्थ

दिल्ली पुलिस साइबर पुलिस स्टेशन आउटर नार्थ का जिक्र इसलिए किया जा रहा है क्योंकि अब इस साइबर पुलिस स्टेशन की गिनती सबसे सक्रिय साइबर थानों में होती है। दिल्ली पुलिस के इस साइबर पुलिस स्टेशन ने ऐसे मामलों को सुलझाया है जिनका असर पूरे भारत में देखा गया है।

छोटे स्तर के फ्रॉड से लेकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक, इस यूनिट ने कई बड़े खुलासे किए हैं। इस पुलिस स्टेशन की कार्रवाई यह दिखाती है कि आधुनिक तकनीक और मजबूत जांच मिलकर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ सकती है।

यह हैं दिल्ली पुलिस साइबर पुलिस स्टेशन आउटर नार्थ की कुछ खास उपलब्धियां

आउटर नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन ने सिम बॉक्स और SIM हाइजैकिंग जैसे मामलों को सुलझाकर पूरे देश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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चीनी लोन ऐप रैकेट का पर्दाफाश इस यूनिट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। इस मामले में पहली बार यह सामने आया कि विदेशी नेटवर्क भारत में कैसे स्थानीय सहयोगियों के जरिए काम कर रहे थे।

इसके अलावा, ओला स्कूटी बुकिंग स्कैम में 7,500 से अधिक NCRP शिकायतों को जोड़कर एक बड़े फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया गया।

मास SMS फ्रॉड के मामले में उस गिरोह को पकड़ा गया जिसने एक लाख से अधिक लोगों को बिजली कटने का झूठा संदेश भेजकर डर पैदा किया।

मुर्शिदाबाद से 22,000 से अधिक सिम कार्ड की बरामदगी ने इस बात को स्पष्ट किया कि साइबर अपराध में फर्जी सिम कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

जागरूकता के साथ ट्रेनिंग भी

दिल्ली पुलिस साइबर पुलिस स्टेशन आउटर नार्थ केवल अपराधियों को पकड़ने तक ही खुद को सीमित कर के नहीं रखा। बल्कि https://dtu.ac.in/Web/About/contactus.php के साथ मिलकर तकनीकी सहयोग को भी मजबूत किया।

हजारों NCC कैडेट्स को प्रशिक्षण देकर उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इससे युवाओं को डिजिटल खतरों की पहचान और उनसे बचाव की समझ मिल रही है।

प्रमुख केस जिनसे बदली जांच की दिशा

1. चीनी लोन ऐप रैकेट

इस मामले में नकली BPO के जरिए लोगों को फेसबुक विज्ञापनों से फंसाया गया। On Stream ऐप के माध्यम से पीड़ितों के कॉन्टैक्ट और फोटो तक पहुंच बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया।

करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी के इस नेटवर्क में बड़ी संख्या में टेलीकॉलर शामिल थे। जांच के दौरान भारी मात्रा में हार्ड डिस्क, मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए गए।

DingTalk के जरिए विदेशी नेटवर्क से संपर्क भी सामने आया।

2. जामतारा SIM फ्रॉड

जामतारा से जुड़े इस मामले में 22,000 सिम कार्ड का अवैध उपयोग सामने आया।

फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर एक ही डिवाइस से सैकड़ों सिम सक्रिय किए गए। बाद में इन सिम कार्ड का इस्तेमाल फिशिंग और बैंक धोखाधड़ी में हुआ।

इस केस में कई आरोपियों की गिरफ्तारी और तकनीकी उपकरणों की जब्ती हुई।

3. ई-स्कूटी बुकिंग स्कैम

नकली वेबसाइट के जरिए लोगों को सस्ती इलेक्ट्रिक स्कूटी का लालच दिया गया।

पहले छोटे रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर पैसा लिया गया और फिर अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम वसूली गई।

देश के कई राज्यों से संचालित इस गिरोह का खुलासा कर डिजिटल भुगतान चैनलों को ट्रैक किया गया।

4. डिजिटल अरेस्ट और SIP फ्रॉड

इस मामले में VoIP आधारित कॉलिंग नेटवर्क का इस्तेमाल कर लोगों को नकली सरकारी अधिकारी बनकर डराया गया।

हजारों SIP नंबर और उपकरण जब्त किए गए। कॉल्स को विदेशों के सर्वर से रूट कर ट्रेसिंग को मुश्किल बनाया गया था।

इस कार्रवाई ने दिखाया कि साइबर अपराध अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस तरह संचालित हो रहा है।

क्यों अहम है यह कार्रवाई

आउटर नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की जांच यह स्पष्ट करती है कि साइबर अपराध अब सीमित नहीं रह गया है। इसमें तकनीक, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और स्थानीय सहयोग का मिश्रण दिखता है।

इन मामलों से यह भी सामने आता है कि नागरिकों की सतर्कता, सख्त दूरसंचार नियम और मजबूत संस्थागत ढांचा मिलकर ही ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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23-09-2026