नमो भारत ट्रेन की सुरक्षा में तैनात हुई CISF: जानें क्या हैं नए सुरक्षा नियम

क्या आप नमो भारत ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं? सीआईएसएफ नमो भारत सुरक्षा व्यवस्था के तहत अब स्टेशनों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। आधुनिक स्कैनर्स से लेकर जवानों की तैनाती तक, जानें सफर को सुरक्षित करने वाली हर बड़ी अपडेट।
सीआईएसएफ नमो भारत सुरक्षाः सीआईएसएफ के महानिदेशक, एनसीआरटीसी के एमडी और अन्य अधिकारियों ने नमो भारत सिस्टम में न्यू अशोक नगर से आनंद विहार और आनंद विहार से सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशनों तक एक छोटी यात्रा की।

सीआईएसएफ नमो भारत की सुरक्षा में औपचारिक रूप से तैनात हो गई है। न्यू अशोक नगर में आयोजित एक समारोह में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम(RRTS) नमो भारत कॉरीडोर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई।

सीआईएसएफ नमो भारत सुरक्षाः औपचारिक हस्तांतरण

यह कार्यक्रम भारत के पहले हाई-स्पीड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा के लिए CISF की पूर्ण तैनाती की शुरुआत का प्रतीक है, जो पूरे NCR में यात्रियों के लिए सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुनिश्चित करेगा।

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समारोह के दौरान, एनसीआरटीसी (NCRTC) के प्रबंध निदेशक श्री शलभ गोयल ने सीआईएसएफ (CISF) के महानिदेशक (DG) श्री प्रवीर रंजन को एक प्रतीकात्मक चाबी सौंपी। यह इस नई पीढ़ी के हाई-स्पीड ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन NCRTC के प्रबंध निदेशक से प्रतीक लेते हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत सीआईएसएफ के महानिदेशक द्वारा जवानों के आवास (बैचलर अकोमोडेशन) के निर्माण के लिए भूमि पूजन/शिलान्यास के साथ हुई। यह आरआरटीएस ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवानों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कैसी होगी सुरक्षा

सीआईएसएफ और एनसीआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिचालन और बुनियादी ढांचे की तैयारियों का जायजा लिया और कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों से बातचीत की।


सीआईएसएफ की तैनाती से पूरे आरआरटीएस नेटवर्क में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिसमें उन्नत निगरानी प्रणाली (एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम), एक्सेस कंट्रोल, तोड़फोड़ विरोधी जांच और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमताएं शामिल हैं।

सीआईएसएफ डीजी का बयान

सीआईएसएफ के महानिदेशक, श्री प्रवीर रंजन ने कहा कि”आरआरटीएस ‘नमो भारत’ नेटवर्क में सीआईएसएफ की तैनाती भारत के नए जमाने के परिवहन ढांचे को सुरक्षित करने में एक अहम कदम है। जैसे-जैसे परिवहन प्रणालियां तेज और आपस में जुड़ रही हैं, सुरक्षा के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी उतना ही उन्नत, एकीकृत और तकनीक-आधारित होना चाहिए।

सीआईएसएफ एक सहज, मजबूत और यात्री-केंद्रित सुरक्षा माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल बुनियादी ढांचे की रक्षा करता है बल्कि यात्रियों में विश्वास भी जगाता है। हम आरआरटीएस में उच्च मानक स्थापित करने के लिए एनसीआरटीसी और सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।”

इस कार्यक्रम में एक परिचयात्मक दौरा भी शामिल था, जहां सीआईएसएफ के महानिदेशक, एनसीआरटीसी के एमडी और अन्य अधिकारियों ने नमो भारत सिस्टम में न्यू अशोक नगर से आनंद विहार और आनंद विहार से सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशनों तक एक छोटी यात्रा की।

यह होंगे नियम

सीआईएसएफ की इस औपचारिक तैनाती और इससे पहले संयुक्त रूप से विकसित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के माध्यम से दिल्ली मेट्रो के साथ इसके एकीकरण से पूरे ट्रांजिट नेटवर्क में एक समान और बेहतरीन सुरक्षा ढांचा सुनिश्चित होगा। इसमें एक समान नियम, तालमेल के साथ निरीक्षण, नियंत्रित प्रवेश और यात्रियों की बेहतर सुरक्षा शामिल है।

आरआरटीएस ‘नमो भारत’ प्रोजेक्ट के बारे में: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत एनसीआरटीसी द्वारा लागू किया जा रहा यह प्रोजेक्ट एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य तेज, विश्वसनीय और टिकाऊ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (जुड़ाव) प्रदान करना है। 180 किमी/घंटा तक की गति से चलने के लिए डिज़ाइन की गई ट्रेनों के साथ, पहले चरण के तहत दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पूरे एनसीआर में यात्रा के समय को काफी कम करने वाला है।

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20-07-2026