ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (एफसीईवी) टोयोटा मिराई लॉन्च-दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक

ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी) टोयोटा मिराई लांच हो चुकी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक विकसित ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी) टोयोटा मिराई का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री श्री आरके सिंह, केंद्रीय मंत्री श्री महेंद्र नाथ पांडे, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर लिमिटेड के एमडी श्री मसाकाजू योशिमुरा, टीकेएम लिमिटेड के वीसी श्री विक्रम किर्लोस्कर और अधिकारी भी उपस्थित थे।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) दुनिया के सबसे उन्नत फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (एफसीईवी) टोयोटा मिराई का अध्ययन और मूल्यांकन करने के लिए एक प्रायोगित परियोजना का संचालन कर रहे हैं जो भारतीय सड़कों और जलवायु परिस्थितियों में हाइड्रोजन पर चलता है। यह भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन और एफसीईवी प्रौद्योगिकी की अनूठी उपयोगिता के बारे में जागरूकता पैदा करके देश में एक ग्रीन हाइड्रोजन आधारित इकोसिस्टम बनाना है।

यह एक महत्वपूर्ण पहल है जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करके स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी और इस तरह 2047 तक भारत को ‘ऊर्जा आत्मनिर्भर’ बनाएगी।

हाइड्रोजन द्वारा संचालित फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (एफसीईवी) सबसे अच्छे शून्य उत्सर्जन समाधानों में से एक है। यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है जिसमें पानी के अलावा कोई अन्य उत्सर्जन नहीं है।

अक्षय ऊर्जा और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध जीवाश्म (बायोमास) से ग्रीन हाइड्रोजन उत्पन्न किया जा सकता है। ग्रीन हाइड्रोजन की क्षमता का दोहन करने के लिए नई प्रौद्योगिकी लाना और उसे अपनाना जरूरी है। यह भारत के लिए एक स्वच्छ और किफायती ऊर्जा भविष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस कार को देश में गेम चेंजर के तौर पर देखा जा रहा है. इसे नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) समेत चार केंद्रीय मंत्रियों ने को लॉन्च किया। ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली इस कार को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। अगर यह कार सफल होती है तो आने वाले समय में इस तरह के वाहन देशभर में बेचे जाएंगे। ऐसी कारों को चलाना पेट्रोल और सीएनजी कारों की तुलना में काफी सस्ता होगा।

पेट्रोल और सीएनजी का खर्च

हरे रंग की हाइड्रोजन से चलने वाली कार पर चलने में 1 रुपये प्रति किमी से भी कम खर्च आएगा। जबकि पेट्रोल से चलने वाली कार की कीमत 5-7 रुपये प्रति किमी आती है। वहीं, सीएनजी कार की कीमत 3 से 4 रुपये प्रति किमी के बीच होती है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल ये ज्‍यादा होगी रफ्तार

टोयोटा ने इस कार को इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के सहयोग से डिजाइन किया है। Green Hydrogen Fuel Cell पर चलने वाली यह देश की पहली कार है। खास बात यह है कि इसकी स्पीड इलेक्ट्रिक व्हीकल से ज्यादा होने का दावा किया जा रहा है।

1 रुपये KM से भी कम में भरेगी फर्राटा

नई लॉन्च की गई यह कार 5 मिनट में हाइड्रोजन से भर जाएगी और फिर 550 किमी तक का सफर तय कर सकेगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि अब 6 से 7 डॉलर (करीब 500 रुपये) में यह कार 1 किलो हाइड्रोजन से 550 किलोमीटर तक चलेगी. 550 रुपये तक का सफर 500 रुपये में करने पर एक किलोमीटर का खर्च करीब 90 पैसे होगा।

प्रदूषण का खतरा होगा कम

जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ेगी, वाहन सस्ते होंगे और लोगों को महंगे पेट्रोल-डीजल से छुटकारा मिलेगा। ग्रीन हाइड्रोजन पर चलने वाले वाहनों से न तो प्रदूषण का कोई खतरा होगा और न ही पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन की कमी होगी।

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01-06-2026