गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026ः पटना में महिलाओं का महाकुंभ, विकसित बिहार की नई सोच

पटना में आयोजित गार्गी नारी शक्ति सम्मेलन 2026 में बिहार के कई जिलों से आईं महिलाओं, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
Patna Gargi Nari Shakti Sammelan 2026 women empowerment conference Lets Inspire Bihar

मौका था अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का, मौका था लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के प्रमुख अध्याय गार्गी चैप्टर द्वारा आयोजित गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026 के पांचवे संस्करण का। पटना में आयोजित इस सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं, शिक्षाविदों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई प्रतिष्ठित लोगों ने हिस्सा लिया।

एक हजार से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति के साथ यह आयोजन इस अभियान से जुड़ी महिलाओं के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक बनकर उभरा। सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व, सामाजिक एकता और नागरिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखते हुए एक प्रगतिशील बिहार के निर्माण की दिशा को मजबूत करना था।

गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026 का ऐसे हुआ आरंभ

पटना में आयोजित कार्यक्रम का आरंभ गार्गी चैप्टर की महिलाओं द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और शैक्षिक पहलों के स्टॉलों के अवलोकन से हुई। इसके बाद पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में IPS विकास वैभव, पद्मश्री डॉ. शांति रॉय, पूर्व महिला आयोग सदस्य सुषमा साहू, पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी, लोक गायिका नीतू कुमारी नूतन, लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य समन्वयक राहुल कुमार सिंह इसके साथ ही गार्गी चैप्टर की मुख्य समन्वयक डॉ. प्रीति बाला और अन्य कई सदस्य एवं समन्वयक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

महिलाओं के नेतृत्व से विकसित बिहार संभव

मुख्य संबोधन में IPS विकास वैभव ने लेट्स इंस्पायर बिहार आंदोलन के मिशन और दर्शन को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 22 मार्च 2021 को इस उद्देश्य से की गई थी कि लोग जाति, धर्म, समुदाय और लिंग की सीमाओं से ऊपर उठकर बिहार के विकास में सामूहिक योगदान दें।

उन्होंने कहा कि आंदोलन शिक्षा, समानता और उद्यमिता के सिद्धांतों पर आधारित है और इसका लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करना है।

तीन लाख से अधिक स्वयंसेवक जुड़े अभियान से

विकास वैभव के अनुसार वर्तमान में साढ़े तीन लाख से अधिक स्वयंसेवक इस अभियान के विभिन्न अध्यायों से जुड़े हुए हैं। ये स्वयंसेवक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने गार्गी चैप्टर की मुख्य समन्वयक डॉ. प्रीति बाला की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है और यह अध्याय आंदोलन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है।

बिहार के 16 जिलों में चल रहे 30 निःशुल्क शिक्षा केंद्र

गार्गी चैप्टर की पहल के तहत बिहार के 16 जिलों में 30 निःशुल्क शिक्षा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में 2000 से अधिक वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय यह है कि 25 केंद्र 12 जिलों में महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। यह पहल पटना में केवल तीन केंद्रों से शुरू हुई थी, जो अब राज्यव्यापी नेटवर्क में बदल चुकी है।

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बिहार में स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने का लक्ष्य

सम्मेलन में बोलते हुए विकास वैभव ने लेट्स इंस्पायर बिहार के स्टार्ट-अप मिशन की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 600 स्टार्ट-अप इस मंच से जुड़े हुए हैं।

अभियान का लक्ष्य है कि 2028 तक बिहार के हर जिले में कम से कम पाँच स्टार्ट-अप स्थापित हों, जो प्रत्येक जिले में 100 से अधिक रोजगार अवसर पैदा कर सकें।

“गार्गी” नाम का दार्शनिक महत्व

अपने भाषण में उन्होंने प्राचीन दार्शनिक गार्गी वाचक्नवी का उल्लेख करते हुए कहा कि गार्गी केवल एक प्रतीकात्मक नाम नहीं बल्कि साहस, बौद्धिक शक्ति और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि गार्गी की परंपरा महिलाओं की जिज्ञासा, ज्ञान और नेतृत्व की उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

महिलाओं के सम्मान में दिए गए कई पुरस्कार

सम्मेलन के दौरान कई सम्मान भी प्रदान किए गए, जिनमें शामिल थे:

  • गार्गी इंस्पिरेशनल अवार्ड
  • गार्गी उत्कृष्टता सम्मान 2026
  • गार्गी प्रशस्ति सम्मान

इसके अलावा 51 महिलाओं को गार्गी नारी शक्ति सम्मान दिया गया, जबकि 300 से अधिक महिलाओं को समाज में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण IPS विकास वैभव: द मैन बियॉन्ड द बैरियर्स” पुस्तक का लोकार्पण भी रहा, जिसके लेखक किशलय किशोर हैं।

गार्गी लाडली विवाह पहल” की भी हुई घोषणा

सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण घोषणा “गार्गी लाडली विवाह पहल” की भी की गई। इसके तहत गार्गी चैप्टर हर वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कम से कम दो बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।

यह पहल संगठन की सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सहयोग की भावना को दर्शाती है।

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23-09-2026