डिजी लॉकर से जुड़ेंगे सभी विभाग जानिए क्या होगा लाभ

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। डिजी लॉकर पर आपने अपना पंजीकरण कराया या नहीं अगर नहीं तो जल्द करा लीजिए। केंद्र से जुड़े सभी विभागों को डिजी लॉकर से जुड़ने का निर्देश मिल गया है। इससे आपको कई कामों में बदलाव मिलेंगे। केंद्र के प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग द्वारा जारी इस निर्देश के मुताबिक केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम कर रही डिजीलॉकर टीम, इस काम में सभी विभागों की मदद करेगी। सीधे शब्दों में मतलब यह है कि अब सभी विभाग डिजीलॉकर के जरिए ना सिर्फ प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे, उनका वेरिफिकेशन कर सकेंगे बल्कि साथ ही इसके जरिए सर्टिफिकेट से जुड़ी सर्विस डिलीवरी भी की जा सकेगी।  डिजीलॉकर, सरकारी और निजी विभागों द्वारा जारी होने वाले दस्तावेजों को तैयार करने और उनके सत्यापन के लिए निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार बना रहे इस प्लेटफॉर्म पर दिसम्बर, 2020 तक 5.19 करोड़ उपयोगकर्ता स्वयं पंजीकृत हुए हैं। इतना ही नहीं डिजिलॉकर पर मौजूद 722 जारीकर्ता संगठनों द्वारा 426 करोड़ से अधिक दस्तावेज भी बीते दिसंबर माह तक जारी किए गए हैं।  केंद्र ने सभी मंत्रालयों, विभागों और उनके अधीन काम कर रहे कार्यालयों के साथ ही स्वायत्तशासी संस्थानों से भी कहा है कि वह अपने सर्विस डिलीवरी वाले तंत्र को डीजीलॉकर के साथ इंटीग्रेट करें।  इस आदेश के मुताबिक विभागों को ना सिर्फ यह कहा गया है कि इसे अनिवार्य रूप से करना है बल्कि उनको इंटीग्रेशन के इस प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक करने के लिए भी आदेश दिया गया है। मतलब यह है कि अब सभी विभाग डिजीलॉकर सुविधा के जरिए सर्टिफिकेट इश्यू करेंगे तो साथ ही वेरिफिकेशन भी कर सकेंगे। इसके साथ ही सभी विभागों को उनके द्वारा पहले से जारी प्रमाण पत्रों को भी लॉकर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।  केंद्र के अलावा राज्यों से जुड़े तमाम संगठन भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं। फ़िलहाल पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शिक्षण संस्थानों से जुड़े मार्कशीट सबसे बड़ी संख्या में इसके जरिए डाउनलोड किए जाते हैं तो अन्य दस्तावेजों के लिए भी ये सबसे भरोसेमंद लॉकर के रूप में सामने आया है। डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म लगातार लोकप्रिय भी हो रहा है। आप अपने सारे महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स स्कैन करके डिजीलॉकर में अपलोड कर सकते हैं, और उन्हें सिर्फ एक क्लिक के साथ किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ शेयर कर सकते हैं।  उनको शेयर करने से उन्हें सिर्फ देखने और प्रिंट निकालने की अनुमति होगी। ऐसे में डॉक्यूमेंट से छेड़छाड़ का भी कोई सवाल नहीं होता है। सरकार भी इस लॉकर में आपको भेजी गई डॉक्यूमेंट की हर कॉपी को अपलोड कर रही है। यही डिजिटल लॉकर को बाकी सारे क्लाउड स्टोरेज लॉकर से अलग बनाता है। इस फीचर से डिजिटल लॉकर ऐसा महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है, जिसके द्वारा सरकार आपको, आपसे संबंधित जरूरी ई डाक्यूमेंट्स भेज सकती है।  इतना ही नहीं आप भी अपने डॉक्यूमेंट्स को सुरक्षित तरीके से कभी भी और कहीं से भी अपने इस डिजिटल लॉकर के जरिए एक्सेस कर सकते हैं, और उपयोग भी कर सकते हैं।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | क्या आप जानते हैं माइक्रोग्रीन्स क्या है ? जान लें माइक्रोग्रीन्स के फायदे | अभय चैटबॉटः डिजिटल अरेस्ट से बचा सकता है सीबीआई का यह AI टूल | Up transfer: यूपी में अब दो दर्जन और आईएएस अफसरों को इधर से उधर किया गया | UP IAS Transfer: यूपी में 40 आईएएस अफसरों के तबादले, 15 जिलों के डीएम भी बदले | पश्चिम बंगाल चुनाव 2026ः ‘CAPF’ का ‘वन इलेक्शन फोर्स’ मॉडल, डीजी स्तर पर सुरक्षा ब्लू प्रिंट तैयार | चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया देंगे 22वां डीपी कोहली व्याख्यानः साइबर अपराध की चुनौतियों पर फोकस | डॉक्सिंग क्या है? क्या आप doxing से बच सकते हैं? | कहीं आपको नौकरी का ऑफर भेजने वाला फर्जी तो नहीं ! जानिए साइबर ठगी के इस नए तरीके को | झारखंड में आयोजित होगा राष्ट्रीय वन मेला 2026 | सपने में गोबर के उपले देखनाः धन लाभ या करियर में बदलाव के संकेत |
21-04-2026