अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। उपराष्ट्रपति का दायित्व संभालने के बाद ABVP प्रतिनिधिमंडल की यह पहली औपचारिक मुलाकात थी।
प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, उच्च शिक्षा से जुड़े समसामयिक विषयों तथा विद्यार्थी परिषद द्वारा देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की जानकारी साझा की।
राष्ट्र पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान ABVP ने संगठन के विस्तार, विद्यार्थी हितों के लिए चलाए जा रहे अभियानों और समाज जीवन में छात्रों की बढ़ती भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विद्यार्थी परिषद का स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन इंटरस्टेट लिविंग (SEIL) कार्यक्रम अपने 60 वर्ष पूरे कर रहा है।
परिषद के अनुसार, छह दशकों से संचालित यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर भारत और देश के अन्य हिस्सों के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक संवाद, भावनात्मक एकता और राष्ट्रीय समरसता को मजबूत बनाने का माध्यम रहा है।
‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान की जानकारी दी
प्रतिनिधिमंडल ने युवाओं में बढ़ती डिजिटल निर्भरता पर चिंता व्यक्त करते हुए ABVP के ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान की जानकारी भी दी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को मोबाइल और स्क्रीन आधारित जीवनशैली से बाहर निकालकर खेल, शारीरिक गतिविधियों, सामाजिक दायित्वों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ना है।
बैठक में आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा भी साझा की गई। इनमें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष, संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव वर्ष तथा वीरांगना रानी अबक्का के योगदान पर आधारित देशव्यापी आयोजन शामिल हैं।
मिशन साहसी के अगले चरण की तैयारी
महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में चलाए जा रहे ‘मिशन साहसी’ अभियान का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक 10 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ABVP ने उपराष्ट्रपति को बताया कि मिशन साहसी के अगले चरण को फिर से देशव्यापी स्तर पर प्रारंभ करने की योजना बनाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक छात्राओं तक आत्मरक्षा प्रशिक्षण पहुंचाया जा सके।
पंजाब विश्वविद्यालय के मुद्दे भी उठाए गए
बैठक के दौरान पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की सीनेट में निर्वाचित विद्यार्थी प्रतिनिधियों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी।
इसके अलावा बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप छात्रावास सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियमित और समयबद्ध नियुक्तियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए आधुनिक केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए योग एवं माइंडफुलनेस सेंटर तथा स्थायी परामर्शदाताओं से युक्त विद्यार्थी कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र स्थापित करने का विषय भी चर्चा में शामिल रहा।
डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने क्या कहा?
ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि उपराष्ट्रपति के साथ हुई यह मुलाकात अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायक रही। उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों, SEIL के 60 वर्ष पूरे होने, मिशन साहसी, स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम अभियान तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि ABVP का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, पर्याप्त छात्र सुविधाएं और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस दिशा में उपराष्ट्रपति के साथ हुआ संवाद सकारात्मक परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल रहा?
उपराष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में ABVP के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण, राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा, पायल किनाके, आदित्य तकियार, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व सचिव मित्रवृंदा कर्णवाल तथा पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गौरववीर सोहल भी उपस्थित रहे।





