देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सुरक्षा संचालन के लिए ISO 9001:2015 क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम प्रमाणन का नवीनीकरण प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि विमानन सुरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्री सुविधा के क्षेत्र में CISF की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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विश्व की प्रमुख स्वतंत्र प्रमाणन संस्थाओं में शामिल DNV (Det Norske Veritas) ने व्यापक ऑडिट और मूल्यांकन के बाद यह प्रमाणन प्रदान किया है। यह प्रमाणन IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-1, टर्मिनल-2, टर्मिनल-3, कार्गो और अन्य परिचालन क्षेत्रों में CISF द्वारा संचालित सुरक्षा सेवाओं को कवर करता है। इसकी वैधता 14 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2029 तक रहेगी।
बढ़ती यात्री संख्या के बीच गुणवत्ता और सुरक्षा का संतुलन
दिल्ली एयरपोर्ट लगातार बढ़ते यात्री दबाव का सामना कर रहा है। इसके बावजूद CISF ने सुरक्षा मानकों और यात्री सुविधाओं दोनों को उच्च स्तर पर बनाए रखा है। यही कारण है कि पुनर्प्रमाणीकरण प्रक्रिया में भी बल ने अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर अपनी पकड़ साबित की।
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प्रमाणपत्र दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नवदीप सिंह हीरा ने CISF के मुख्य एयरोड्रम सुरक्षा अधिकारी एवं डीआईजी बाबू राम, आईपीएस को सौंपा। इस अवसर पर विमानन सुरक्षा समूह के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Digi Yatra और आधुनिक तकनीक ने बढ़ाई सुरक्षा क्षमता
IGI एयरपोर्ट पर CISF ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाया है। टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 पर Digi Yatra के माध्यम से बायोमेट्रिक आधारित निर्बाध यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है।
सुरक्षा जांच के लिए ऑटोमेटेड ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (ATRS), ड्यूल व्यू एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम और कंप्यूटेड टोमोग्राफी एक्सप्लोसिव डिटेक्शन सिस्टम जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। एयरपोर्ट की परिधि सुरक्षा के लिए फाइबर ऑप्टिक आधारित Perimeter Intrusion Detection System भी लगाया गया है।
DISHA प्रशिक्षण मॉडल से बेहतर हुआ यात्री अनुभव
CISF का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम “DISHA” सुरक्षा कर्मियों को व्यवहार, संवाद और यात्री सेवा के क्षेत्र में प्रशिक्षित करता है। इसका उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों के लिए सकारात्मक अनुभव सुनिश्चित करना है।
इसके अतिरिक्त अधिकारियों और जवानों को i-GOT कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से नियमित कौशल उन्नयन प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे वे नई चुनौतियों और तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार रख सकें।
भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधा पर विशेष ध्यान
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए CISF ने टर्मिनल-3 में नया सुरक्षा क्षेत्र “जोन-0” विकसित किया है। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल की तैनाती, डिजिटल काउंट मीटर के जरिए भीड़ की निगरानी और एयरलाइनों के साथ बेहतर समन्वय ने सुरक्षा जांच प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया है।
हैंड बैगेज टैग स्टैम्पिंग समाप्त होने के बाद यात्रियों के लिए प्रक्रिया और भी आसान हुई है, जिससे प्रतीक्षा समय में उल्लेखनीय कमी आई है।
खोया सामान लौटाने की पहल बनी यात्रियों के लिए राहत
CISF की “Lost and Found” पहल भी यात्रियों के बीच काफी सराही गई है। इस मॉडल के तहत सुरक्षा टीमें पासपोर्ट, मोबाइल फोन, वॉलेट और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं को तेजी से खोजकर यात्रियों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। कई मामलों में सामान यात्रियों को उड़ान से पहले ही बोर्डिंग गेट पर उपलब्ध करा दिया जाता है।
एयरपोर्ट सिक्योरिटी कंट्रोल सेंटर और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तंत्र भी यात्रियों की शिकायतों और प्रश्नों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हैं।
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट्स की श्रेणी में दिल्ली
वर्ष 2025 के ASQ Awards में दिल्ली एयरपोर्ट को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 4 करोड़ से अधिक यात्रियों वाले हवाई अड्डों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रस्थान एयरपोर्ट्स में शामिल किया गया था। इस सूची में इंचियोन, ग्वांगझू बाययुन और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट भी शामिल हैं।
CISF के नेतृत्व में संचालित सुरक्षा व्यवस्था को पहले भी यात्री संतुष्टि, सुरक्षा जांच की गुणवत्ता, प्रतीक्षा समय और सुरक्षा की भावना जैसे मानकों पर कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स से बेहतर आंका जा चुका है।
DG CISF ने दी बधाई
CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इस उपलब्धि पर बल के अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ISO 9001:2015 प्रमाणन का नवीनीकरण CISF कर्मियों की पेशेवर दक्षता, अनुशासन और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना निरंतर प्रयास, नवाचार और प्रतिबद्धता की मांग करता है।
यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में CISF विश्वस्तरीय मानकों के साथ अपनी भूमिका निभा रही है।