Cyber Fraud Alert: बेरोजगार युवाओं के नाम पर खुल रहे बैंक खाते, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा 50 लाख रुपये से जुड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का राज

दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और लाखों रुपये की रकम बरामद की गई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम द्वारा साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खाते गिरोह के तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला स्पेशल स्टाफ टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस कार्रवाई में 2.19 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जबकि 2.04 लाख रुपये से अधिक की राशि बैंक खाते में होल्ड कराई गई है।

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प्रारंभिक जांच में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इन खातों के खिलाफ बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से कुल 15 शिकायतें मिली हैं। इन मामलों में साइबर ठगी की रकम 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

cyber fraud की ऐसे शुरू हुई जांच

द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) आईपीएस कुशल पाल सिंह के निर्देश और एसीपी ऑपरेशन सेल सुभाष मलिक की निगरानी में स्पेशल स्टाफ लगातार साइबर अपराधियों पर नजर रख रही थी। इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम को साइबर ठगी से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जानकारी मिली थी।

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टीम में एसआई दिनेश कुमार, एएसआई विजय सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश, जयराम, नरेश, जगत सिंह और कांस्टेबल मनजीत शामिल थे। पुलिस टीम को ऐसे लोगों की तलाश थी जो साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध करा रहे थे।

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उत्तम नगर में छापेमारी, कपिल कुमार गिरफ्तार

जांच के दौरान स्पेशल स्टाफ ने उत्तम नगर स्थित हस्तसाल रोड के पास सुनील डेयरी के नजदीक एक मकान पर छापा मारा। यहां से कपिल कुमार को गिरफ्तार किया गया। कपिल कुमार पुत्र राज कुमार सिंह, निवासी मोहल्ला अंबेडकर नगर, गांव गोये, जतपुरा, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 5 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक और 5 पासबुक बरामद की गईं।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कमीशन लेकर बैंक खाते खुलवाता था और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। उसने कई बैंक खातों की व्यवस्था कर साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की बात स्वीकार की।

दो और आरोपी गिरफ्तार

कपिल कुमार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शिशुपाल और पुरु कुमार को भी गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी शिशुपाल पुत्र शादी लाल, निवासी नगला असरोही, थाना बलगई, जिला इटावा, उत्तर प्रदेश बताया गया है। पुलिस के अनुसार वह जरूरतमंद युवकों को बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार करता था और बाद में इन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करता था।

तीसरे आरोपी पुरु कुमार पुत्र बाबू सिंह, निवासी गांव भरकाऊ, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया गया था।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क?

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निशाना बनाते थे। उन्हें नौकरी, अतिरिक्त कमाई या कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे।

इसके बाद बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज साइबर ठगों को सौंप दिए जाते थे। साइबर अपराधी इन्हीं खातों में ठगी की रकम मंगवाकर उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।

साइबर अपराध की दुनिया में ऐसे खातों को “म्यूल बैंक अकाउंट” कहा जाता है।

FIR दर्ज, जांच जारी

यह कार्रवाई एफआईआर संख्या 259/26 दिनांक 16 जून 2026 के तहत की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(2), 61(2) और 3(5) के तहत थाना उत्तम नगर में दर्ज है।

पुलिस अब उन साइबर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है जिन्होंने इन खातों का उपयोग किया। साथ ही इस नेटवर्क के माध्यम से हुई कुल ठगी की रकम का भी पता लगाया जा रहा है।

क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 4,23,603 रुपये की ठगी से जुड़ी राशि बरामद या सुरक्षित कराई है। बरामदगी में 8 चेकबुक, 5 पासबुक, 9 एटीएम कार्ड, 4 मोबाइल फोन और 8 रबर स्टांप शामिल हैं।

आम लोगों के लिए चेतावनी

दिल्ली पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि वे किसी भी व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता न खुलवाएं और न ही अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या नेट बैंकिंग सुविधा किसी दूसरे को इस्तेमाल करने दें।

कमीशन या आसान कमाई के लालच में उठाया गया एक कदम आपको साइबर अपराध की जांच के दायरे में ला सकता है।

म्यूल बैंक अकाउंट क्या होता है?

ऐसा बैंक खाता जिसका इस्तेमाल साइबर ठगी या अन्य वित्तीय अपराधों से प्राप्त रकम को प्राप्त करने और आगे भेजने के लिए किया जाता है।

क्या बैंक खाता किराये पर देना अपराध है?

हाँ। यदि आपका बैंक खाता साइबर अपराध में इस्तेमाल होता है तो आपके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

साइबर ठगी की शिकायत कहां करें?

साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर की जा सकती है।

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31-08-2026